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GST के बाद बैंकिंग सेवाओं के बढ़े चार्ज का इस तरह हो रहा है आपकी जेब पर असर

News18Hindi
Updated: July 11, 2017, 9:44 AM IST
GST के बाद बैंकिंग सेवाओं के बढ़े चार्ज का इस तरह हो रहा है आपकी जेब पर असर
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GST लागू होने के बाद 100 रुपये के प्रत्येक बैंकिंग ट्रांजैक्शंस पर आपको 3 रुपये अतिरिक्त देने होंगे.

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नोटबंदी के बाद स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) समेत दूसरे प्रमुख सरकारी और प्राइवेट बैंकों ने अपनी सर्विसेज के लिए चार्जेज बढ़ा दिए हैं. अब 1 जुलाई 2017 से GST लागू होने के बाद तमाम बैंकिंग सर्विसेज पर टैक्स को 15 फीसदी से बढ़ाकर 18 फीसदी कर दिया गया है. हम आपको बता रहे हैं कि नई टैक्स व्यवस्था से आपकी जेब पर क्या असर पड़ेगा?

GST लागू होने के बाद 100 रुपये के प्रत्येक बैंकिंग ट्रांजैक्शंस पर आपको 3 रुपये अतिरिक्त देने होंगे. जीएसटी लागू होने से पहले आप 100 रुपये के प्रत्येक बैंकिंग ट्रांजैक्शस पर 15 रुपये देते आए हैं, जो कि अब बढ़कर 18 रुपये हो गए हैैं.

जिन सर्विसेज पर आपको ज्यादा टैक्स देना पड़ेगा उनमें डेबिट कार्ड/क्रेडिट कार्ड, फंड ट्रांसफर, फ्री ATM ट्रांजैक्शंस के बाद कैश निकासी, होम लोन प्रोसेसिंग फीस, लॉकर रेंटल, चेक बुक/ड्राफ्ट/डुप्लीकेट पासबुक इश्यू कराने पर, बिलों के कलेक्शन, आउटस्टेशन चेक के कलेक्शन, कैश हैंडलिंग चार्जेज और SMS अलर्ट.

बैंक डिपॉजिट-विदड्राल चार्ज



  • ज्यादातर बैंक हर महीने आपकी ब्रांच पर 4 डिपॉजिट/विदड्राल ट्रांजैक्शंस की सहूलियत देते हैं. अगर आप इससे ज्यादा ट्रांजैक्शंस करते हैं तो आपको 150 रुपये तक देने पड़ सकते हैं.

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  • HDFC बैंक महीने में चार से ज्यादा डिपॉजिट/विदड्राल ट्रांजैक्शंस होने के बाद प्रत्येक ट्रांजैक्शन पर 150 रुपये चार्ज करता है.

  • ICICI बैंक पहले चार ट्रांजैक्शंस पर कोई चार्ज नहीं लेता है, इसके बाद 1,000 रुपये पर पांच रुपये और अधिकतम 150 रुपये कस्टमर्स से लेता है.

  • AXIS बैंक में पहले पांच ट्रांजैक्शंस या 10 लाख रुपये तक के कैश डिपॉजिट या विदड्राल फ्री हैं. इसके बाद प्रति हजार रुपये पर पांच रुपये या अधिकतम 150 रुपये, जो भी ज्यादा हो वह चार्ज करता है.

  • SBI बचत खाताधारकों को महीने में तीन बार फ्री डिपॉजिट या विदड्राल की सुविधा देता है. इसके बाद 50 रुपये और टैक्स देना होगा.  


मिनिमम बैलेंस न मेंटेन करने पर
अगर आप अपने
सेविंग बैंक अकाउंट में औसत बैलेंस मेंटेन नहीं करते हैं तो आपको चार्ज देना होगा. मेट्रो और नॉन मेट्रो शहरों में यह लिमिट अलग-अलग है, जो कि 1,000 रुपये से 10,000 रुपये तक है. अपने खाते में एवरेज बैलेंस मेंटेन नहीं करने पर आपको हर महीने 50-500 रुपये तक चार्ज देना पड़ सकता है. SBI के खाताधारकों को मेट्रो शहरों में 5,000 रुपये का बैलेंस मेंटेन करना होगा. अगर वह 3,750 रुपये अपने अकाउंट में रखते हैं तो उन्हें 100 रुपये और टैक्स देना होगा. वहीं, खाते में 2,500 रुपये होने पर 50 रुपये की पेनॉल्टी और टैक्स चुकाना होगा.

ATM से विदड्राल पर चार्ज
ज्यादातर बैंक आपको 8 फ्री ATM ट्रांजैक्शंस (5 कस्टमर्स के लिए और तीन नॉन कस्टमर्स के लिए) की सहूलियत देते हैं. अगर आप इस लिमिट से ज्यादा कैश निकासी करते हैं तो आपको प्रत्येक ट्रांजैक्शंस पर 15-20 रुपये का चार्ज देना होगा.

डेबिट कार्ड पर लगने वाला चार्ज
कस्टमर्स को डेबिट कार्ड इश्यू करने पर बैंक 130-150 रुपये का चार्ज लेते हैं.

MDR
चार्जेज
1,000 रुपये तक के लिए ट्रांजैक्शन अमाउंट का 0.25 फीसदी चार्ज लगता है, जबकि 1,000-2,000 तक के ट्रांजैक्शन अमाउंट पर 0.5 फीसदी चार्ज बैंक लेते हैं. वहीं, 2,000 रुपये से ऊपर के ट्रांजैक्शन पर 1 फीसदी का चार्ज ग्राहकों से वसूला जाता है.

SMS अलर्ट पर चार्ज
अपने खाते में 25,000 रुपये या इससे कम का बैलेंस रखने पर बैंक आपसे प्रति तिमाही 15 रुपये का चार्ज लेते हैं.
 

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First published: July 11, 2017, 7:18 AM IST
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