कोरोना संकट के बीच अमेरिका में अचानक कैसे बढ़ने लगीं नौकरियां, मई में घटी बेरोजगारी दर

कोरोना संकट के बीच अमेरिका में अचानक कैसे बढ़ने लगीं नौकरियां, मई में घटी बेरोजगारी दर
कोरोना संकट के बीच अमेरिका में मई महीने में लाखों लोगों को नई नौकरियां मिलने से देश की बेरोजगारी दर घट गई है.

अमेरिका (US) में अप्रैल में दो करोड़ लोगों की नौकरियां छिनीं और बेरोजगारी दर (Unemployment Rate) 14.7 फीसदी के रिकॉर्ड स्‍तर पर पहुंच गई. अर्थशास्‍त्रियों ने अनुमान लगाया था कि मई में बेराजगारी दर 20 फीसदी रह सकती है. इसके उलट मई में वहां अचानक लोगों को रोजगार मिलने लगा.

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अमेरिका में तमाम अर्थशास्त्रियों के अनुमान को किनारे करते हुए लॉकडाउन (Lockdown) खुलते ही मई में बेरोजगारी दर में गिरावट दर्ज की गई है. दूसरे शब्‍दों में कहें तो कोरोना वायरस (Coronavirus) से सबसे बुरी तरह प्रभावित अमेरिका (US) में कुछ महीनों तक नौकरियां जाने का सिलसिला चलता रहा. वहां अप्रैल में दो करोड़ लोगों की नौकरियां छिन गई थीं. इसके बाद बेरोजगारी दर (Unemployment Rate) 14.7 फीसदी के रिकॉर्ड स्‍तर पर पहुंच गई थी. कुछ एजेंसियों और अर्थशास्‍त्रियों ने अनुमान लगाया था कि मई में अमेरिका में बेराजगारी दर 20 फीसदी या उससे ज्‍यादा रह सकती है. हालांकि, मई में अचानक लोगों को रोजगार मिलने लगा. लेबर डिपार्टमेंट के मुताबिक, मई में 25 लाख नई नौकरियों (New Jobs) का सृजन हुआ, जो एक रिकॉर्ड है.

अमेरिका में बेरोजगारी दर मई में घटकर 13.3 फीसदी हुई
अर्थशास्त्रियों का अनुमान था कि मई में अमेरिका में 80 लाख लोगों की नौकरियां जाएंगी, लेकिन नई नौकरियां मिलने से देश की बेरोजगारी दर भी इस महीने घटकर 13.3 फीसदी पर पहुंच गई. बीएनजेड मार्केट्स के सीनियर मार्केट्स स्‍ट्रैटेजिस्‍ट जेसन वॉन्‍ग कहते हैं कि अमेरिका की रोजगार रिपोर्ट (Employment Report) इतिहास में दर्ज की जाने लायक है. बाजार ने उम्‍मीद के उलट नतीजे दिए हैं. उनके मुताबिक, बेरोजगारी दर में गिरावट का सीधा सा मतलब है कि लॉकडाउन में छूट के बाद कारोबारी गतिविधियां (Business Activities) पटरी पर लौट रही हैं. साथ ही इससे संकेत मिल रहा है कि बाजार में आत्‍मविश्‍वास लौट है और कारोबारी गतिविधियां सही दिशा में बढ़ रही हैं. उन्‍होंने कहा कि पाबंदियां में कमी के साथ अर्थव्‍यवस्‍था में सुधार होता जाएगा.

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अभी भी 1.5 करोड़ लोगों को है नौकरी मिलने का इंतजार


जेवंस ग्‍लोबल के संस्‍थापक और चीफ इंवेस्‍टमेंट ऑफिसर किंग्‍स्‍ले जोन्‍स का कहना है कि बेरोजगारी दर के आंकड़े उलटी दिशा में जाना काफी सकारात्‍मक है. हालांकि, उन्‍होंने ये चेतावनी भी दी कि ये अस्‍थायी भी हो सकता है. अभी देखना होगा कि अगले महीने नई नौकरियों के मामले में हालात कैसे रहते हैं क्‍योंकि अभी भी 1.5 करोड़ से ज्‍यादा लोगों को नौकरी वापस मिलने का इंतजार है. उन्‍होंने कहा कि मई में कम वेतन वाले लोगों को ही ज्‍यादा नौकरियां मिली हैं. लिहाजा, हमें अभी इंतजार करना चाहिए और ये देखना चाहिए कि लोगों की नौकरियां कितनी स्‍थायी हैं. आसान शब्‍दों में हें तो देखना होगा कि ये लोग कितने समय तक नौकरियों में बने रहते हैं.

एशिया के शेयर बाजार सुधार के साथ हुए बंद 
अमेरिका में बेरोजगारी दर घटने की खबर के बाद वैश्विक अर्थव्‍यवस्‍था (Global Economy) में सुधार की उम्‍मीद के साथ सोमवार को एशिया में शेयर बाजारों में उछाल दर्ज किया गया. जापान (Japan) में निक्‍केई 225 1.37 फीसदी चढ़कर 23,178.10 अंक पर बंद हुआ. वहीं, टॉपिक्‍स इंडेक्‍स (Topix Index) भी 1.13 फीसदी उछाल के साथ 1,630.72 पर बंद हुआ. चीन (China) में शंघाई कंपोजिट 0.24 फीसदी के मामूली सुधार के साथ 2,937.77 और शेनजेन कंपोनेंट 0.31 फीसदी चढ़कर 11,215.76 अंक पर पहुंच गया. हॉन्‍ग कॉन्‍ग (Hong Kong) का हेंगसेंग इंडेक्‍स में भी तेजी आई. वहीं, दक्षिण कोरिया (South Korea) का कॉस्‍पी 0.11 फीसदी के सुधार के साथ 2,184.29 अंक पर बंद हुआ.

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6 महीने में अमेरिका में सुधर सकते हैं हालात
अमेरिका में मई के दौरान अपना काम शुरू करने वालों की संख्‍या में इजाफा हुआ है. इस दौरान इनकी तादाद 40 लाख से बढ़कर 79 लाख हो गई है. विशेषज्ञों का मानना है कि अगर नौकरियां मिलने की रफ्तार आगे भी मई जैसी ही रही तो 6 महीने के भीतर उन सभी लोगों को काम मिल जाएगा, जिनकी नौकरी लॉकडाउन के दौरान चली गई है. नौकरियों में उछाल के बीच सबसे ज्‍यादा मुश्किल उन लोगों के सामने है, जो एकदम युवा हैं. लॉकडाउन के दौरान उनकी आय करीब 41 फीसदी घटी है. ऐसे मिलेनियल्‍स अपने ही माता-पिता की तुलना में गरीब हो गए हैं. ऐसे मुश्किल हालात में उनके सामने एजुकेशन लोन चुकाने का संकट भी पैदा हो गया है, जिससे उनका भविष्‍य अनिश्चितताओं में घिर गया है.



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