लॉकडाउन: जानिए घरों में बंद भारतीयों के हाथ में अभी कितना कैश है

15 दिन में लोगों ने बैंक खाते से 53,000 करोड़ रुपये निकाले
15 दिन में लोगों ने बैंक खाते से 53,000 करोड़ रुपये निकाले

कोरोना वायरस (Coronavirus) की वजह से आम लोग डिजिटल लेनदेन (Digital Transaction) की जगह कैश इस्तेमाल को बढ़ावा दे रहे हैं. हालांकि, बैंकों से कैश निकालने की लिमिट पिछले 16 महीने के रिकॉर्ड स्तर पर चली गई है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: March 27, 2020, 6:39 PM IST
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मुंबई. देशभर में लॉकडाउन (Lockdown in India) की वजह से इस महीने भारतीय लोगों ने अपने बैंक अकाउंट से जमकर पैसे निकाले हैं ताकि किसी इमरजेंसी की स्थिति में उन्हें परेशान न होना पड़े. 13 मार्च को समाप्त हुए पखवाड़े में लोगों ने बैंकों से रिकॉर्ड 53,000 करोड़ रुपये निकाले हैं. बीते 16 महीने का यह रिकॉर्ड स्तर है. भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) ने शुक्रवार को इस बारे में जानकारी दी. आमतौर पर बैंकों से इतनी मात्रा में रकम किसी त्योहार या चुनाव के समय ही निकाली जाती है.

कितना है बाजार में पैसा?
पब्लिक के लिए बैंकिंग सिस्टम (Banking System) के जरिए करेंसी उपलब्ध कराने वाले केंद्रीय बैंक ने इस पखवाड़े के दौरान इतनी ही रकम जारी की है. RBI द्वारा दी गई जानकारी के मुताबिक, 13 मार्च तक आम लोगों के हाथ में कुल 23 लाख करोड़ रुपये थे.

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क्यों बढ़ा कैश विड्रॉल?


इकोनॉमिस्ट्स का कहना है कि इमरजेंसी जैसी परिस्थिति में लोग किसी तकनीकी परेशानी में नहीं पड़ना चाहते हैं. बैंक भले ही डिजिटल लेनदेन (Digital Transaction) को बढ़ावा दे रहे हैं, लेकिन फ्लिपकार्ट जैसी ई-कॉमर्स वेबसाइट्स ने अपनी सर्विसेज बंद कर दी है. ऐसे में बाजार में अधिकतर लोग कैश इस्तेमाल करने को तवज्जो दे रहे हैं. यही कारण है कि कैश में लेनदेन बढ़ गया है.

क्या हो सकता है असर?
हालांकि, बैंकों से इतने अधिक मात्रा में कैश निकालने का असर बैंक डिपॉजिट्स पर भी पड़ेगा. वित्तीय मार्केट में उतार-चढ़ाव के दौरान इससे बाजार के लिक्विडिटी (Liquidity) पर असर पड़ सकता है. कुछ विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले समय में कैश विड्रॉल कम हो जाएगा.

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