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क्या होता है लिपस्टिक इफेक्ट? अंडरवियर की बिक्री कैसे बताती है इकोनॉमी की हालत? एक्सपर्ट्स से समझिए

 लिपस्टिक इफेक्ट पहली बार 2001 की मंदी के दौरान चर्चा में आया था.

लिपस्टिक इफेक्ट पहली बार 2001 की मंदी के दौरान चर्चा में आया था.

लिपस्टिक इफेक्ट का अर्थ अर्थव्यवस्था की उस स्थिति से है, जहां लोग छोटी-छोटी सुविधाओं और लग्जरी पर खर्च जारी रखते हैं. ऐ ...अधिक पढ़ें

हाइलाइट्स

जब इकोनॉमी में मंदी आती है या किसी दूसरे तरह का दबाव होता है तो महिलाएं महंगी चीजों पर खर्च घटा देती हैं.
वे उन चीजों पर खर्च बढ़ाती हैं, जो उनके बजट पर खराब असर डाले बगैर उनके मूड को बेहतर कर सके.
एक्सपर्ट्स, अंडरवियर की बिक्री को भी इकोनॉमी की सेहत से जोड़कर देखते हैं.

नई दिल्ली. वैश्विक अर्थव्यवस्था इस समय महंगाई और मंदी के दौर से गुजर रही है. महामारी से जूझने के बाद रिकवरी मोड में आ रही ग्लोबल इकोनॉमी के संकट को रूस-यूक्रेन युद्ध ने और बढ़ा दिया है. ऐसे में अर्थशास्त्री इकोनॉमी की स्थिति को समझने के लिए कई तरह के आंकड़ों और ट्रेंड की मदद लेते हैं. इकोनॉमी के हालात को समझने के लिए ऐसा ही एक इफेक्ट है, लिपस्टिक इफेक्ट ( Lipstick Effect).

क्या होता है लिपस्टिक इफेक्ट ?

लिपस्टिक इफेक्ट का अर्थ अर्थव्यवस्था की उस स्थिति से है, जहां लोग छोटी-छोटी सुविधाओं और लग्जरी पर खर्च जारी रखते हैं. ऐसी स्थिति कई बार मंदी के दौर में भी देखी जाती है. लिपस्टिक इफेक्ट वैश्विक इकोनॉमी में कई बार देखने को मिला है. एक्सपर्ट्स का कहना है कि जब इकोनॉमी में मंदी आती है या किसी दूसरे तरह का दबाव होता है तो महिलाएं महंगी चीजों पर खर्च घटा देती हैं. लेकिन, वे उन चीजों पर खर्च बढ़ाती हैं, जो उनके बजट पर खराब असर डाले बगैर उनके मूड को बेहतर करने में उनकी मदद कर सकती है. लिपस्टिक ऐसी ही एक चीज है. इसी कांसेप्ट को अर्थशास्त्र की भाषा में ‘लिपस्टिक इफेक्ट’ कहा गया है.

कब आया ये टर्म चर्चा में ?

लिपस्टिक इफेक्ट पहली बार 2001 की मंदी के दौरान चर्चा में आया था. उस समय यह देखा गया था कि इकोनॉमी की खराब हालत के बावजूद लिपस्टिक की बिक्री बढ़ी है. 1929 और 1993 की महामंदी के दौरान भी ऐसा देखने को मिला था. इसे ‘लिपस्टिक इंडेक्स’ नाम दिया गया. इस थ्योरी के मुताबिक, इकोनॉमी की सेहत और कॉस्मेटिक्स की बिक्री के बीच विपरीत संबंध है.

एक्सपर्ट्स का कहना है कि वर्तमान में हमारी अर्थव्यवस्था में लिपस्टिक इफेक्ट देखने को मिल रहा है. NPD के एनालिस्ट Natalia Bambiza के मुताबिक, 2022 की पहली तिमाही में लिपस्टिक की बिक्री एक साल पहले की समान अवधि के दौरान 48 फीसदी बढ़ी है. एक्सपर्ट्स ने बताया कि अमेरिका सहित दुनिया के कई बड़े देशों में हाई इनफ्लेशन का असर लोगों के बजट पर पड़ा है.

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अंडरवियर की बिक्री का भी संबंध है इकोनॉमी की सेहत से

एक्सपर्ट्स, अंडरवियर की बिक्री को भी इकोनॉमी की सेहत से जोड़कर देखते हैं. अमेरिका में 2008 में रिसेशन आया था. उस समय अमेरिकी केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व के प्रमुख एलेन ग्रीनस्पैन ने कहा था कि अंडरवियर की बिक्री से इकोनॉमी के हाल का अंदाजा लगाया जा सकता है. उन्होंने कहा था कि मंदी के दौरान पुरुष नए अंडरवियर खरीदना बंद कर देते हैं. इसका कारण यह है कि अंडरवियर ढकां रहने वाला कपड़ा है यानी यह दिखता नहीं है. इसलिए लोग इन कपड़ों पर कम खर्च करते हैं और उन्हीं कपड़ों पर खर्च करते हैं, जो दिखता है.

इसी तरह से एक्सपर्ट्स के मुताबिक, इकोनॉमी में मंदी आने पर डेटिंग वेबसाइट्स की कमाई भी बढ़ जाती है. इसकी वजह यह है कि नौकरियां खत्म होने की वजह से लोग घरों में रहने को मजबूर होते हैं और ऐसे में वे अपना समय बिताने के लिए डेटिंग वेबसाइट का इस्तेमाल करते हैं. 2009 में मार्केट में आई गिरावट के दौरान मैच डॉट कॉम का चौथी तिमाही का प्रॉफिट पिछले सात साल में सबसे ज्यादा था.

आपको बता दें कि अमेरिका में सेंसस ब्यूरो ने रिटेल सेल्स के आंकड़े जारी किए. इसके मुताबिक, जुलाई में रिटेल सेल्स स्थिर रही है. इसका मतलब यह है कि इनफ्लेशन का असर अमेरिकी लोगों के बजट पर पड़ रहा है.

Tags: America, Economy, Federal Reserve meeting, Inflation

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