• Home
  • »
  • News
  • »
  • business
  • »
  • इनएक्टिव हो गया PPF अकाउंट तो नहीं मिलेंगे कई फायदे, ये रहा Activate करने का पूरा प्रोसेस

इनएक्टिव हो गया PPF अकाउंट तो नहीं मिलेंगे कई फायदे, ये रहा Activate करने का पूरा प्रोसेस

पेटीएम पेमेंट्स बैंक ने इंडसइंड बैंक के बाद एसएसएफबी से भी साझेदारी कर ली है.

पेटीएम पेमेंट्स बैंक ने इंडसइंड बैंक के बाद एसएसएफबी से भी साझेदारी कर ली है.

Activate PPF Account: लंबी अवधि में निवेश के लिए पब्लिक प्रोविडेंट फंड (PPF) एक पॉपुलर विकल्प माना जात है. सरकारी निवेश स्कीम होने की वजह से बेहतर रिटर्न ​के साथ कम जोखिम और टैक्स छूट का भी लाभ मिलता है. लेकिन, पीपीएफ अकाउंट (PPF Account) के इनएक्टिव हो जाने से निवेश पर कई तरह के फायदे नहीं मिलते हैं.

  • Share this:
    नई दिल्ली. छोटी बचत योजनाओं में पब्लिक प्रोविडेंट फंड (Public Provident Fund) सबसे पॉपुलर योजना में से एक है. लंबी अवधि में बचत के लिए अधिकतर लोग PPF का ही विकल्प चुनते हैं. PPF में पहली बार अकाउंट खोलने पर 15 साल के लिए निवेश किया जाता है, जिसके 5-5 साल के ब्लॉक में बढ़ाया जा सकता है. इतने लंबे समय तक पीपीएफ अकाउंट (PPF Accoount) रखने का यह भी मतलब है कि यह एक्टिवेट भी हो. अगर PPF अकाउंट एक्टिवेट नहीं रहता है तो इस अकाउंट के जरिए मिलने वाले कई सुविधाओं का लाभ भी नहीं मिलेगा. PPF अकाउंट को एक्टिव रखने के लिए इसमें कम से कम 500 रुपये होना अनिवार्य है. अगर PPF अकाउंट में न्यूनतम ​अनिवार्य रकम नहीं रख जाता है कि यह अकाउंट इनएक्टिव हो जाता है.

    कम जोखिम के साथ टैक्स छूट का भी लाभ
    आपको बता दें ​कि पब्लिक प्रोविडेंट फंड केंद्र सरकार की स्कीम है. यही कारण है कि पीपीएफ पर बेहतर रिटर्न मिलने के साथ ही निवेशकों कम जोखिम की गारंटी भी मिलती है. PPF अकाउंटहोल्डर एक वित्तीय वर्ष में अधिकतम 1.5 लाख रुपये का निवेश कर सकता है. साथ ही उन्हें इनकम टैक्स एक्ट (Income Tax Act) के सेक्शन 80C के तहत टैक्स छूट का भी लाभ मिलता है.

    अकाउंट इनएक्टिव होने के बाद भी मिलता है ब्याज
    PPF अकाउंट की एक खास बात यह है अकाउंटाहेल्डर द्वारा डिपॉजिट फेल होने के बाद जब यह इन​एक्टिव हो जाता है, तब भी इसमें ब्याज जुड़ता रहता है. ऐसे में अगर किसी PPF अकाउंटहोल्डर का अकाउंट इ​नएक्टिव हो जाता है तो भी उन्हें ब्याज का लाभ मिलता रहेगा. हालांकि, उन्हें लोन समेत कई अन्य लाभ नहीं मिल सकेगा. ऐसे में आज हम आपको बताने जा रहे हैं कि आखिर कैसे इनएक्टिव PPF अकाउंट को रिवाइव किया जा सकता है.

    यह भी पढ़ें: 87 साल बाद फिर टाटा ग्रुप के हाथों में हो सकती है एअर इंडिया की बागडोर, आज लगा सकती है बोली

    1. इनएक्टिव पीपीएफ अकाउंट को रिवाइव करने के लिए सबसे पहले आपको वहां एक लेटर लिखना होगा, जहां आपने अपना अकाउंट खुलवाया है. अकाउंट होल्डर यह रिक्वेस्ट लेटर उस बैंक या पोस्ट ऑफिस के ब्रांच को लिख सकता हैं, जहां उन्होंने पीपीएफ अकाउंट खुलवाया हुआ है. साथ ही आपको यह भी ध्यान देना होगा कि पहली बार अकाउंट खुलवाने के 15 साल के अंदर ही इसे एक्टिवेट किया जा सकता है.

    2. इसके बाद डिपॉजिटर को अपने अकाउंट में नॉन-पेमेंट्स पेनाल्टी के साथ-साथ ​कम से कम मिनिमम डिपॉजिट अकाउंट जमा करना होगा. जितने वित्तीय वर्ष के लिए यह अकाउंट इनएक्टिव रहा है, उतने वित्तीय वर्ष के लिए कम से कम 500 रुपये का डिपॉजिट करना होगा. प्रत्येक वित्तीय वर्ष के लिए 50 रुपये की पेनाल्टी भी देनी होगी. संबंधित ब्रांच में एक लिखित एप्लीकेशन के साथ एक चेक सबमिट करना होगा.

    3. बैंक या पोस्ट ऑफिस ब्रांच में ​लिखित एप्लीकेशन सबमिट करने के बाद यह पता किया जाएगा कि क्या अकाउंट खुलने के 15 साल की अवधि से पहले यह इन​एक्टिव किया जा रहा है या नहीं. पेनाल्टी व बचे डिपॉजिट जमा करने के बाद इस अकाउंट को रिएक्टिव कर दिया जाएगा.

    यह भी पढ़ें: Burger King Listing: 92 फीसदी प्रीमियम दर पर लिस्ट हुए बर्गर किंग के शेयर्स, निवेशकों की भरी झोली

    कहीं भूल न जाएं ये बात
    आपको इस बात का ध्यान देना होगा कि 15 साल अवधि खत्म हो गई है तो PPF अकाउंट को रिवाइव नहीं किया जा सकेगा. हालांकि, अकाउंटहोल्डर पेनाल्टी जमा करने के बाद अब तक इस अकाउंट में पड़े मैच्योरिटी रकम निकालने के​ लिए जरूरी प्रक्रिया अपना सकता है. मैच्योरिटी रकम निकालने के लिए भी प्रति वित्तीय वर्ष के आधार पर 50 रुपये की पेनाल्टी देनी होगी.

    पढ़ें Hindi News ऑनलाइन और देखें Live TV News18 हिंदी की वेबसाइट पर. जानिए देश-विदेश और अपने प्रदेश, बॉलीवुड, खेल जगत, बिज़नेस से जुड़ी News in Hindi.

    विज्ञापन
    विज्ञापन

    विज्ञापन

    टॉप स्टोरीज