बेटी की पढ़ाई और शादी के लिए नहीं फैलाना होगा किसी के सामने हाथ, ऐसे करें बचत

बेटी की पढ़ाई और शादी के लिए नहीं फैलाना होगा किसी के सामने हाथ, ऐसे करें बचत
अपने बच्‍चों को पढ़ने के लिए मोटिवेट करने का सबसे अच्‍छा तरीका ये है कि पढ़ाई करते समय आप भी उनके साथ बैठें.

किसी भी मां-बाप या गार्जियन के लिए बेटी की उच्च शिक्षा या शादी सबसे बड़ी चिंता होती है, लेकिन सही समय पर सही तरीके से बचत का फैसला लिया जाए तो इस चिंता से मुक्ति मिल सकती है.

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नई दिल्ली. Investment for Daughters: भारत में बेटी की पढ़ाई या शादी किसी भी मां-बाप के लिए एक बड़े खर्च का मौका होता है. अक्सर लोग इसी चिंता में रहते हैं कि शादी से पहले जरूरी खर्च कहां से और कैसे जुटाया जाए. लेकिन बेटी के जन्म के बाद से ही सही वित्तीय फैसले लेने पर बेहद कम एफर्ट में ही इस चिंता से मुक्त हुआ जा सकता है. इसके लिए आपको पता होना चाहिए कि किस प्रकार अनुशासन के साथ निवेश किया जाए ताकि समय रहते जरूरी रकम जुटाया जा सके. इससे निपटने के ​बचत के कई विकल्प हैं. आज हम आपको इसी के बारे में जानकारी दे रहे हैं.

इक्विटी म्यूचुअल फंड्स: म्यूचुअल फंड में इक्विटी म्यूचुअल फंड (Equity Mutual Funds) एक अलग तरह की कैटेगरी होती है, जिसके जरिए लंबी अवधि में बड़ी बचत की जाती है. इस तरह की बचत में जो सबसे खास बात होती है वो ये कि बढ़ते समय के साथ बढ़ती महंगाई से पार पाया जा सकता है ताकि बेटी की उच्च शिक्षा से लेकर शादी तक का खर्च जुटाया जा सके. अगर आप बेटी की छोटी उम्र से ही उसकी पढ़ाई और शादी को लिए इक्विटी म्यूचुअल फंड में निवेश करते हैं तो आपके पास एक अच्छा वेल्थ क्रिएशन का मौका है. आप सिस्टेमैटिक म्यूचुअल फंड के जरिए भी इसमें निवेश कर सकते हैं. जरूरी रकम के ​लिए हर महीने की एसआईपी रकम के बारे में जानकारी पाना चाहते हैं तो ऑनलाइन एसआईपी कैलकुलेटर की मदद ले सकते हैं. इससे आपको आइडिया हो जाएगा कि हर महीने कितनी बचत से आपका ​लक्ष्य पूरा हो सकता है.

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सुकन्या समृ​द्धि योजना: यह केंद्र सरकार की योजना है, जिसके तहत बेटियों के लिए छोटी बचत के जरिए बड़ी रकम खड़ी की जा सकती है. इस योजना के तहत मां-बाप या बच्ची के गार्जियन को किसी भी कॉ​मर्शियल बैंक या इंडिया पोस्ट की ब्रांच में बचत खाता खोलना होता है. इस स्कीम का लॉक-इन पीरियड 15 साल का होता है, यानी कम से कम 15 साल तक आपको इस स्कीम में निवेश करना होगा. वर्तमान में केंद्र सरकार इस बचत स्कीम पर 8-8.5 फीसदी तक बयाज देती है. इस स्कीम में बचत का एक और लाभ यह भी है कि इनकम टैक्स एक्ट के सेक्शन 80सी के तहत आपको टैक्स छूट का भी लाभ मिल सकेगा.
गोल्ड इन्वेस्टमेंट: आमतौर पर गोल्ड में इन्वेस्टमेंट को सबसे विश्वसनीय इन्वेस्टमेंट माना जाता है. किसी भी भू-राजनीतिक संकट या आ​र्थिक अस्थिरता के दौरान गोल्ड में निवेश बढ़ जाता है. गोल्ड में निवेश महंगाई को भी मात देने में सहायक होती है. हालांकि, भारत में अधिकर परिवारों में गोल्ड का इस्तेमाल ज्वेलरी के तौर पर ही किया जाता है, लेकिन इसमें निवेश से भी मोटी बचत की जा सकती है. आज के समय में गोल्ड में कई तरीकों से ​भी निवेश किया जा सकता है. अब लोगों के पास गोल्ड ईटीएफ, गोल्ड म्यूचुअल फंड के जरिए भी निवेश किया जा सकता है, जिसमें बेहद आकर्षक रिटर्न मिलता है.

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पब्लिक प्रोविडेंट फंड: PPF भी सबसे पॉपुलर स्माल सेविंग स्कीम्स में से एक है, जिसमें सरकारी गारंटी होती है. इसमें भी आपको कम से कम 15 साल के लिए निवेश करना होता है. इसके बाद इसकी अवधि आप 5-5 साल के लिए और बढ़ा सकते हैं. पीपीएफ में इनकम टैक्स एक्ट के सेक्शन 80सी के तहत टैक्स छूट का लाभ लिया जा सकता है. वर्तमान में इस स्कीम पर केंद्र सरकार 7.9 फीसदी की दर से ब्याज दे रही है.

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