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ट्रंप की H1-B वीजा पर नई पाबंदियों की चुनौती से ऐसे निपटेगी Infosys, कंपनी नहीं करेगी छंटनी भी

ट्रंप की H1-B वीजा पर नई पाबंदियों की चुनौती से ऐसे निपटेगी Infosys, कंपनी नहीं करेगी छंटनी भी

इंफोसिस के सीओओ यूबी प्रवीण राव ने कहा कि कंपनी पर अमेरिका की ओर से लगाई गई वर्क वीजा पाबंदियों से कोई असर नहीं पड़ेगा.

इंफोसिस के सीओओ यूबी प्रवीण राव ने कहा कि कंपनी पर अमेरिका की ओर से लगाई गई वर्क वीजा पाबंदियों से कोई असर नहीं पड़ेगा.

इंफोसिस (Infosys) के चीफ ऑपरेटिंग ऑफिसर यूबी प्रवीण राव (COO UB Pravin Rao) ने कहा कि हमने पिछले 24 महीनों में स्‍थानीयकरण की मजबूत रणनीति पर काम किया है. इसके तहत 10 हजार से ज्‍यादा अमेरिकी नागरिकों (US Nationals) और स्‍थायी निवासियों (Permanent Residents) को नियुक्‍त कर वीजा (VISA) पर निर्भरता कम की है.

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    नई दिल्‍ली. देश की दिग्‍गज आईटी कंपनी इंफोसिस (infosys) ने साफ किया है कि अमेरिकी राष्‍ट्रपति डोनाल्‍ड ट्रंप (Donald Trump) की ओर से H1-B समेत तमाम वर्क वीजा (Work Visa) पर लगाई गई नई पाबंदियों (Restrictions) से निपटने को पूरी तरह से तैयार है. कोविड-19 के कारण वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये हुई सालाना आम सभा (AGM) में इंफोसिस के चीफ ऑपरेटिंग ऑफिसर यूबी प्रवीण राव (COO UB Pravin Rao) ने कहा कि पिछले 24 महीने में हमने अमेरिका में स्‍थानीयकरण की पहल को पूरी ताकत के साथ लागू किया है.

    10 हजार से ज्‍यादा अमेरिकी नागरिकों की नियुक्ति की
    राव ने बताया कि स्‍थानीयकरण की रणनीति (Localisation Strategy) के तहत कंपनी में 10,000 से ज्‍यादा अमेरिकी नागरिकों (US National) और स्‍थायी निवासियों (Permanent Residents) को नियुक्‍त किया गया ताकि वीजा पर हमारी निर्भरता को धीरे-धीरे घटाया जा सके. उन्‍होंने कहा कि हमारी इस रणनीति के कारण इस समय अमेरिका में हमारे 60 फीसदी कर्मचारियों (US Employee) को नई वीजा पाबंदियों को लेकर किसी तरह की समस्‍या नहीं है.

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    इंफोसिस ने 92 फीसदी नियुक्तियां स्‍थानीय स्‍तर पर कीं
    इंफोसिस ने कुछ समय पहले बताया था कि वित्‍त वर्ष 2019-20 में कंपनी ने 78 फीसदी सीनियर मैनेजमेंट स्‍टाफ (Senior Management Staff) स्‍थानीय स्‍तर पर ही नियुक्‍त किया था. कंपनी ने अपनी सालाना स्थिरता रिपोर्ट 2020 (Annual Stability Report 2020) में बताया कि इंफोसिस के 6,932 कर्मचारियों को स्‍थानीय स्‍तर पर ही नियुक्‍त किया गया. इनमें 2,035 नियुक्तियां नए ग्रेजुएट (Fresh Graduates) आवेदकों में से की गई थीं. इंफोसिस के मुताबिक, हर लोकेशन पर 92 फीसदी नियुक्तियां स्‍थानीय स्‍तर पर ही की गई हैं.

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    परफॉर्मेंस के आधार पर कर्मचरियों की छंटनी रहेगी जारी
    आईटी कंपनी इंफोसिस के चीफ एग्‍जीक्‍युटिव ऑफिसर (CEO) और प्रबंध निदेशक (MD) सलिल पारेख ने बताया कि कंपनी नए क्षेत्रों में क्‍लाउड (Cloud) और डाटा (Data) सेक्‍टर में अधिग्रहण की तैयारी कर रही है. उन्‍होंने कहा कि कंपनी कोविड-19 के बाद की दुनिया में अपने क्‍लाइंट्स की नई जरूरतों पर ध्‍यान दे रही है. इनमें क्‍लाउड, डिजिटल, ऑटोमेशन प्रमुख होंगे. इस दौरान उन्‍होंने साफ किया कि कंपनी बड़े पैमाने छंटनी (Mass Layoffs) की कोई योजना नहीं बना रही है. हालांकि, परफॉर्मेंस के आधार पर छंटनी का सिलसिला पहले की तरह जारी रहेगा.

    Tags: Business news in hindi, Donald Trump, Infosys, Visas

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