बैंक लॉकर में रखे सोने पर लोन लेना है फायदे का सौदा? क्‍या इससे बचेगा लॉकर का किराया, जानें ऐसे ही सवालों के जवाब

बैंक के लॉकर में रखी गोल्‍ड ज्‍वेलरी पर लोन लेने से लॉकर का किराया तो बच जाता है, लेकिन...
बैंक के लॉकर में रखी गोल्‍ड ज्‍वेलरी पर लोन लेने से लॉकर का किराया तो बच जाता है, लेकिन...

कोरोना वायरस के कारण बने आर्थिक हालात में जब कोई ग्राहक एफडी (FD) या दूसरे निवेश से पैसे निकालने के लिए बैंक (Banks) पहुंचता है तो उन्‍हें अपने लॉकर में रखे गोल्‍ड पर लोन (Gold Loan) लेने के लिए कहा जाता है. इससे उनका लॉकर के किराये (Locker Rent) के तौर पर किया जाने वाला भुगतान भी बच जाता है. आइए एक्‍सपर्ट्स से समझते हैं कि क्‍या लॉकर पर लोन लेने का फैसला सही है...

  • News18Hindi
  • Last Updated: October 2, 2020, 4:40 PM IST
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नई दिल्‍ली. मुंबई के आकाश सक्सेना (36) को इमरजेंसी में पांच लाख रुपये की जरूरत पड़ी. वह अपने फिक्स्‍ड डिपॉजिट (Fixed Deposits) से महज दो लाख रुपये ही जुटा पाए. इस पर उनके बैंक मैनेजर ने कहा कि वह अपना लॉकर (Locker) बैंक को सौंप दें, जिसमें सोना रखा हुआ है. इसके ऐवज में वह गोल्ड लोन (Gold Loan) के लिए अप्‍लाई कर दें. इससे उस पर 8,000 रुपये लॉकर चार्ज भी नहीं लगेगा. आकाश का कहना है कि मुझे बैंक मैनेजर ने लॉकर किराये के पैसे बचाने का लालच दिया था. मुझे लगा कि सोना बैंक के पास है. इसलिए लॉकर की जरूरत नहीं है. इस पर मैंने गोल्ड लोन ले लिया.

लॉकर पर लिए लोन पर लगाता है 9.5% ब्‍याज
आकाश ने अपने गोल्ड लोन, स्टांप ड्यूटी और गोल्ड वैल्यूएशन फीस पर बैंक को अतिरिक्त शुल्क के रूप में एक फीसदी प्रोसेसिंग फीस (Processing Fees) का भुगतान किया. इसके अलावा बैंक उनसे सालाना 9.5 फीसदी ब्याज (Interest Rate) भी लेता है. कोरोना वायरस से बने हालात के बीच सोने का भाव (Gold Price) 50,000 रुपये प्रति 10 ग्राम को पार कर गया है. ऐसे में रिजर्व बैंक (RBI) ने सोने पर लोन 90 फीसदी के रेशियो तक बढ़ाने के लिए कहा. आसान भाषा में समझें तो आपको आपके गोल्‍ड पर 90 फीसदी तक लोन मिलेगा. सोने पर लोन की ब्याज दर 7.4 फीसदी है, जो पर्सनल लोन (Personal Loan) से कम है.

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बैंक ओवरड्राफ्ट स्‍कीम पर देते हैं गोल्‍ड लोन


गोल्डुनो के संस्‍थापक और सीईओ शरद इंगुले ने कहा कि बैंक ओवरड्राफ्ट स्कीम पर गोल्ड लोन देते हैं. वहीं, अगर आप सीधे ओवरड्राफ्ट लेते हैं तो सिर्फ ब्याज देना होता है. बिक्री के लिए यह बैंक का तरीका है, जो ओवरड्राफ्ट सुविधा से गोल्ड लोन देकर आपके गहने रख लेते हैं. लॉकर पर लगने वाला किराया भी लगना बंद हो जाता है. इसके अलावा सोने पर इंश्योरेंस भी मिल जाता है. इस सब के चक्‍कर में कस्टमर फंस जाते हैं और लॉकर पर लोन ले लेते हैं. फेडरल बैंक के माइक्रो और रूरल बैंकिंग कंट्री हेड के. मोहन ने कहा कि बैंक लॉकर का इस्‍तेमाल गोल्‍ड ज्‍वेलरी, डायमंड ज्‍वेलरी, चांदी के प्रोडक्‍ट्स, इंश्‍योरेंस पॉलिसी, वसीयत जैसे चीजें सुरक्षित रखने के लिए किया जाता है.

इसलिए लॉकर पर नहीं लेना चाहिए लोन
मोहन ने कहा कि बैंक लॉकर्स पर गोल्ड लोन के लिए ओवरड्राफ्ट सुविधा नहीं दी जा सकती है. बैंक लॉकर के बदले गोल्ड लोन के लिए कुछ बैंकर्स मध्यम वर्गीय परिवारों के सोने पर नजर रखते हैं, जो गलत है. बैंक लॉकर के लिए ग्राहक को एक बार सालाना किराये का भुगतान करना होता है. वहीं, गोल्ड लोन पर जब भी आप गिरवी रखे हुए सोने को वापस लेते हैं और जमा करते हैं तो कई तरह की लागत लगती है. गोल्ड लोन एक देनदारी है, जिसमें लागत जुड़ी होती है. वह कहते हैं कि आपको कर्ज लेने के लिए अपने लॉकर को बैंक को नहीं देना चाहिए.

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बैंक लॉकर पर लोन लेने के हैं ये नुकसान
हर महीने भुगतान (EMI) योजना के मामले में आपको हर महीने गोल्ड लोन पर ब्याज देना होगा. अगर आप चूक करते हैं, तो यह आपकी क्रेडिट हिस्‍ट्री को नुकसान पहुंचाएगा. इंगुले ने कहा कि बैंक लॉकर पर लिया लोन नॉन-परफॉर्मिंग एसेट्स (NPA) में बदलने की स्थिति में गिरवी रखे सोने के गहनों की नीलामी कर बकाया वसूल करेंगे. जब आपकी गोल्‍ड ज्‍वेलरी को लोन के लिए गिरवी रखा जाता है तो बैंक शुद्धता के लिए परीक्षण करते हैं. MyLoanCare.in के सह-संस्थापक और सीईओ गौरव गुप्ता कहते हैं कि शुद्धता परीक्षण में आभूषणों को मामूली नुकसान होता है. ऐसे में बैंक लॉकर का किराया बचाने के लिए लोन लेना सही फैसला नहीं होगा.

गोल्‍ड पर 90 फीसदी लोन जोखिमभरा
भारतीय बाजार में हाल ही में 10 से 12 फीसदी की गिरावट आई है. ऐसा जारी रहने पर आपके 90 फीसदी गोल्ड लोन पर बुरा असर पड़ेगा. ऐसी स्थिति में बैंक आपसे और गोल्ड मांगेगा या आपके गोल्ड को नीलाम करेगा. बैंक के साथ गोल्‍ड पर 90 फीसदी लोन के लिए कभी आवदेन नहीं करना चाहिए. यह जोखिम भरा है. आपको जरूरत पड़ने पर ही गोल्ड लोन लेना चाहिए. गिरवी रखा हुआ सोना आपको जरूरत पड़ने पर काम नहीं आएगा और इसकी उपयोगिता भी नहीं होगी.
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