IDBI ग्राहकों के लिए अच्‍छी खबर! रिजर्व ने 4 साल बाद हटाए बैंक पर लगे प्रतिबंध, जानें क्‍या रखी हैं शर्तें

रिजर्व बैंक ने 4 साल बाद आईडीअीआई बैंक से प्रतिबंद हटा दिए हैं.

रिजर्व बैंक ने 4 साल बाद आईडीअीआई बैंक से प्रतिबंद हटा दिए हैं.

रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) ने 4 साल बाद इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट बैंक ऑफ इंडिया (IDBI) पर लगा प्रतिबंध हटा दिया है. आरबीआई ने प्रतिबंध हटाने के साथ ही कुछ शर्तें भी रख दी हैं. इसके साथ ही आईडीबीआई अब पीसीए फ्रेमवर्क से बाहर हो गया है.

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  • Last Updated: March 10, 2021, 11:02 PM IST
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नई दिल्‍ली. रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) ने चार साल बाद इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट बैंक ऑफ इंडिया (IDBI) पर लगे प्रतिबंध हटा (Removed Bans) दिए हैं. हालांकि, आरबीआई ने आईडीबीआई बैंक के सामने कुछ शर्तें भी रख दी हैं. इसके साथ ही आईडीबीआई बैंक को प्रॉम्पट करेक्टिव एक्शन फ्रेमवर्क (PCA Framework) से बाहर कर दिया गया है, लेकिन बैंक की लगातार निगरानी जारी रहेगी. आरबीआई ने कहा कि आईडीबीआई के प्रदर्शन को देखते हुए उसके बोर्ड ऑफ फाइनेंशियल सुपरविजन (BFS) ने इसे पीसीए फ्रेमवर्क से बाहर करने का फैसला किया है.

आईडीबीआई बैंक ने आरबीआई को लिखित में दिलाया भरोसा

आरबीआई निवेशकों और जमाकर्ताओं (Investors & Depositors) के हितों की रक्षा के लिए कमजोर बैंकों को पीसीए फ्रेमवर्क में रखती है ताकि सीधी कार्रवाई कर बैंक की माली हालत (Financial Condition) ठीक की जा सके. रिजर्व बैंक ने कहा कि आईडीबीआई ने किसी भी पीसीए के मानक का उल्लंघन नहीं किया है. इसमें रेग्‍युलेटरी कैपिटल, शुद्ध नॉन-परफॉर्मिंग ऐसट्स (Net NPA) और लिवरेज रेशियो (Leverage ratio) जैसे मानक शामिल रहे हैं. केंद्रीय बैंक ने कहा कि आईडीबीआई ने लिखित भरोसा दिलाया है कि वे मिनिमम रेग्‍युलेटरी कैपिटल बरकरार रखेंगे और एनपीए को बढ़ने नहीं देंगे. साथ ही बैंक स्ट्रक्चरल और सिस्टमेटिक सुधार भी करेगी. इसलिए उसे पीसीए के बाहर किया गया है.

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आईडीबीआई 4 में कौन से एक क्राइटेरिया को नहीं कर सका पूरा

आईडीबीआई ने पीसीए से बाहर निकलने के लिए 4 में से 3 क्राइटेरिया पूरे किए हैं. हालांकि, बैंक एक क्राइटेरिया को पूरा करने में नाकाम रहा है. आईडीबीआई ने अपने शुद्ध एनपीए को लगातार 5 तिमाही 6 फीसदी से नीचे बरकरार रखा है. साथ ही कैपिटल ऐडिक्वेसी रेशियो (CAR) लगातार 5 तिमाहियों में रिजर्व बैंक की ओर से तय 11.5 फीसदी के स्‍तर से ऊपर रहा. वहीं, बैंक का लिवरेज रेशियो 5.71 फीसदी रहा, जो केंद्रीय बैंक के तय किए गए 4 फीसदी से ऊपर रहा. बैंक सिर्फ पूरे साल के लिए पॉजिटिव रिटर्न ऑन ऐसेट्स (ROA) रेशियो को पूरा नहीं कर सका. हालांकि, बैंक का आरओए पिछली 3 तिमाहियों में पॉजिटिव रहा है.
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