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बजट में सरकार कर सकती है इन 5 टैक्स छूट का ऐलान! आम आदमी को मिलेगी राहत

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Updated: January 17, 2020, 5:25 PM IST
बजट में सरकार कर सकती है इन 5 टैक्स छूट का ऐलान! आम आदमी को मिलेगी राहत
बजट में टैक्स में छूट में राहत दे सकती है सरकार

पिछले साल ही सितंबर माह में कॉरपोरेट टैक्स कटौती के बाद एक बार फिर मौजूदा केंद्र सरकार से इंडिया इंक को कई उम्मीदें हैं. इनमें एलटीसीजी से लेकर कॉरपोरेट टैक्स में और भी उम्मीदें की जा रही हैं.

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  • Last Updated: January 17, 2020, 5:25 PM IST
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नई दिल्ली. पिछले साल सितंबर महीने में कंपनियों को बड़ी राहत देते हुए केंद्र सरकार ने कॉरपोरेट टैक्स में कटौती की थी. बजट 2020 से भी भारतीय कंपनियों को उम्मीद है कि केंद्र सरकार प्रत्यक्ष कर यानी डायरेक्ट टैक्स में राहत देने की प्रक्रिया को जारी रखे. आइए जानते हैं कि इस बार के बजट में भारतीय कंपनियों को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के इस दूसरे बजट से क्या उम्मीदें हैं.

व्यक्तिगत इनकम टैक्स में कटौती: मौजूदा समय में 2.5 लाख रुपये सालाना की कमाई पर कोई टैक्स देयता नहीं बनती है. लेकिन, इस बार के बजट में उम्मीद की जा रही है कि केंद्र सरकार जीरो टैक्स देयता की सीमा बढ़ाकर 5 लाख रुपये कर देगी. साथ ही इनकम टैक्स स्लैब में बदलाव की भी उम्मीद की जा रही है. मांग की जा रही है कि सरकार 5 लाख से 10 लाख रुपये के स्लैब में 10 फीसदी और 10 से 20 लाख रुपये के स्लैब में 20 फीसदी टैक्स का प्रस्ताव लेकर आए. इनकम टैक्स स्लैब में कटौती से मांग बढ़ने की उम्मीद है.

कॉरपोरेट टैक्स में आगे भी कटौती की उम्मीद: केंद्र सरकार से एक बार फिर उम्मीद की जा रही है कि मौजूदा 22 फीसदी की टैक्स कटौती को और कम कर 15 फीसदी कर दिया जाए. हालांकि, मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर के लिए यह 15 फीसदी है. इससे निवेशकों को निवेश के लिए प्रोत्साहन मिलेगा.

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डिविडेंड पर लगने वाले टैक्स में भी बदलाव की मांग: डिविडेंड डिस्ट्रीब्यूशन टैक्स को लेकर कंपनियों की मांग है कि केंद्र सरकार इसे पूरी तरह से खत्म कर दें. अगर ऐसा नहीं करती है तो सरकार इसे मौजूदा 20.56 फीसदी से घटाकर 15 फीसदी कर दे.

लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन्स टैक्स को हटाए: मोदी सरकार की लगातार दूसरी पारी के दूसरे बजट से इंडिया इंक यह भी मांग कर रहा है कि इक्विटी कैपिटल पर लगने वाले LTCG को लेकर पूरी तरह से छूट दे. बता दें कि वर्तमान में LTCG 10 फीसदी है. वहीं, अन्य एसेट क्लास पर इसे घटाकर 10 फीसदी कर दे. होल्डिंग अवधि को भी कम कर 12 महीने तक ही रखने की मांग की जा रही है.

यह भी पढ़ें: खारिज हुई टेलीकॉम कंपनियों की याचिका, 7 दिन में चुकाने होंगे ₹1.47 लाख करोड़कस्टम ड्यूटी में विसंगतियां खत्म हों: इस बार के बजट से इंडिया इंक उम्मीद कर रही है कि सरकार कस्टम ड्यूटी के मोर्चे पर सभी विसंगतियों को खत्म कर दे. अधिकतम कस्टम ड्यूटी 10 फीसदी से अधिक नहीं हो. साथ ही, इनपुट पर ड्यूटी कम करने की भी उम्मीद की जा रही है. इसकी भरपाई के लिए सरकार फिनिश्ड प्रोडक्ट्स पर कस्टम ड्यूटी को बढ़ा सकती है.

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First published: January 17, 2020, 4:44 PM IST
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