जानिए क्या है सरकार की प्रोडक्शन-लिंक्ड प्रोत्साहन योजना, कौन-कौन से क्षेत्र होंगे शामिल

केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 11 नवंबर को 10 क्षेत्रों के लिए प्रोडक्शन-लिंक्ड प्रोत्साहन योजना को मंजूरी दी. (फाइल फोटो)
केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 11 नवंबर को 10 क्षेत्रों के लिए प्रोडक्शन-लिंक्ड प्रोत्साहन योजना को मंजूरी दी. (फाइल फोटो)

पीएलआई योजना (PIL Scheme) इन 10 क्षेत्रों में भारतीय निर्माताओं को विश्व स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाएगी. सरकार ने आत्मनिर्भर 3.0 पैकेज में 2,65,080 करोड़ रुपये की 12 घोषणाएं की है. इसमें से 1.45 करोड़ रुपये सिर्फ पीएलआई योजना पर खर्च किए जाने की योजना है.

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  • Last Updated: November 14, 2020, 10:53 AM IST
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नई दिल्ली. केंद्रीय मंत्रिमंडल (Cabinet) ने 11 नवंबर को 10 क्षेत्रों के लिए प्रोडक्शन-लिंक्ड प्रोत्साहन (Production-Linked Incentive Scheme) योजना को मंजूरी दी. योजना में 10 विशिष्ट क्षेत्रों के लिए पैकेज की घोषणा की है. पीएलआई योजना (PIL Scheme) इन 10 क्षेत्रों में भारतीय निर्माताओं को विश्व स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाएगी. सरकार ने आत्मनिर्भर 3.0 पैकेज में 2,65,080 करोड़ रुपये की 12 घोषणाएं की है. इसमें से 1.45 करोड़ रुपये सिर्फ पीएलआई योजना पर खर्च किए जाने की योजना है. जानिए आखिर क्या है पीएलआई योजना.

पीएलआई योजना क्या है?
चीन पर भारत की निर्भरता को कम करने के लिए सरकार ने मार्च में एक ऐसी योजना की घोषणा की जिसका उद्देश्य घरेलू इकाइयों में निर्मित उत्पादों से बढ़ रही बिक्री पर कंपनियों को प्रोत्साहन देना है. यह योजना मोबाइल और संबद्ध उपकरणों के साथ-साथ दवा सामग्री और चिकित्सा उपकरणों के निर्माण पर लागू है. चूंकि ये क्षेत्र श्रम से जुड़े हैं और इससे देश की बढ़ती रोजगार की मांग को पूरा करने की उम्मीद है. मंगलदास एंड कंपनी के पार्टनर शार्दुल अमरचंद ने कहा, भारत सरकार अर्थव्यवस्था को विकास की पटरी पर लाने के लिए महत्वपूर्ण आर्थिक और वित्तीय उपाय कर रही है, जिनमें से एक प्रोडक्शन लिंक प्रोत्साहन योजना भी शामिल है जिससे देश में उत्पादन, निर्यात, विदेशी मुद्रा आय और रोजगार को बढ़ावा मिलेगा.

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किन क्षेत्रों में पहले से ही पीएलआई योजना है?


मार्च में सरकार ने 6,940 करोड़ रुपये की कीमत के 53 थोक दवाओं को पीएलआई योजना में रखा था. वहीं, अब इस योजना से 136 विनिर्माण इकाइयों को लाभ मिलने की उम्मीद है. साथ ही 46,400 करोड़ रुपये की बिक्री बढ़ने और अगले आठ वर्षों में महत्वपूर्ण अतिरिक्त रोजगार सृजित होने की भी संभावना है. इसमें 14,000 करोड़ रुपये के पैकेज है जो देश में सक्रिय दवा सामग्री (एपीआई) और चिकित्सा उपकरणों के उत्पादन को प्रोत्साहित करेगा. योजना के अनुसार, चिकित्सा उपकरणों के घरेलू विनिर्माण को बढ़ावा देने के लिए 3,420 करोड़ रुपये की पीएलआई की घोषणा की गई है.

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इन क्षेत्रों को भी मिलेगा बढ़ावा
फार्मास्यूटिकल्स और दवाओं के अलावा सरकार ने इलेक्ट्रॉनिक्स और मोबाइल फोन क्षेत्रों के लिए भी पीएलआई योजना को भी अधिसूचित किया है. योजना के तहत माइक्रो-इलेक्ट्रो-मैकेनिकल सिस्टम जैसे मोबाइल फोन और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों जैसे ट्रांजिस्टर, डायोड, थायरिस्टर्स, रेसिस्टर्स, कैपेसिटर और नैनो-इलेक्ट्रॉनिक घटकों का निर्माण करने वाली इलेक्ट्रॉनिक्स कंपनियों को 4-6 प्रतिशत का प्रोत्साहन दिया जाएगा.

योजना क्यों है जरूरी ?
विशेषज्ञों के अनुसार, लंबी अवधि होने के कारण पूंजी प्रधान क्षेत्र में सरकार के लिए निरंतर निवेश करना मुश्किल है. सरकारी और सार्वजनिक सेवाएं, डेलोइट इंडिया के पार्टनर अरिन्दम गुहा के अनुसार, पीएलआई योजना सरकार के दृष्टिकोण से कुछ अन्य अनुदान आधारित योजनाओं जैसे मेगा फूड पार्क आदि से अधिक प्रभावी है. यह उन बड़े निवेशकों के लिए भी लक्षित है जो स्वयं द्वारा ब्राउनफील्ड या ग्रीनफील्ड परियोजनाओं के लिए प्रारंभिक निवेश जुटाने में सक्षम हैं. बता दें कि पीएलआई योजना का उद्देश्य भारत में क्षमता स्थापित करने के लिए विश्व की पूंजी-समृद्ध कंपनियों को प्रोत्साहित करना और उन्हें आमंत्रित करना है.
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