आखिर क्यों नरेंद्र मोदी के पीएम बनने की उम्मीद से शेयर बाजार में आया बड़ा उछाल!

आखिर नरेंद्र मोदी के पीएम बनने की उम्मीद के चलते शेयर बाजार क्यों इतना चढ़ गया है. इस पर एक्सपर्ट्स कहते हैं कि सभी एग्जिट पोल में मजबूत सरकार की उम्मीद जताई गई है.

News18Hindi
Updated: May 20, 2019, 8:32 PM IST
News18Hindi
Updated: May 20, 2019, 8:32 PM IST
Exit Poll 2019 Impact: रविवार शाम को आए एग्जिट पोल के नतीजों के बाद घरेलू शेयर बाजार के प्रमुख बेंचमार्क इंडेक्स सेंसेक्स-निफ्टी में जोश भर गया है. एनएसई के 50 शेयरों वाला प्रमुख इंडेक्स निफ्टी नए रिकॉर्ड स्तर पर बंद हुआ है. लेकिन इसको लेकर सभी के मन में जो सवाल है वो यही हैं कि आखिर नरेंद्र मोदी के पीएम बनने की उम्मीद के चलते शेयर बाजार क्यों इतना चढ़ गया है. एक्सपर्ट्स के मुताबिक, एग्जिट पोल के बाद बाजार को उम्मीद है कि बीजेपी के नेतृत्व वाला एनडीए केंद्र में मजबूत सरकार देगा. वहीं, मोदी सरकार के ब्याज दरों में कटौती करने की भी उम्मीद है. साथ ही, देश के वित्तीय घाटे को काबू करने के लिए उठाए कदम आगे भी जारी रहेंगे. इसके अलावा एनबीएफसी पर अब फैसले तेज हो सकते हैं. (ये भी पढ़ें: EXIT POLL में मोदी की जीत से शेयर मार्केट का जोश HIGH! 10 साल में सबसे बड़ा उछाल)

इन 5 फैसलों पर हैं बाजार की नज़रें...



(1) रेट कट की उम्मीद-सबसे पहले उम्मीद ये की जा रही है कि नई सरकार आने के साथ ही आरबीआई रेट में कटौती कर दे. मोदी सरकार ने पहले जिस तरह घाटे को काबू में रखा था, इसे देखते हुए आरबीआई का भरोसा रहेगा कि फिस्कल डेफिसिट कम रहेगा, महंगाई का दबाव कम रहेगा. इसलिए रेट कट होना चाहिए. एक रेट कट तुरंत और इसके बाद भी रेट कट होंगे. ब्याज दरों में कमी आएगी. सरकारी बैंक लोन देना शुरू करेंगे.

 



(2) पॉलिसी में निरंतरतापॉलिसी में निरंतरता हर मामले में होनी चाहिए. सरकारी बैंकों में विलय में तेजी होगी. पीएनबी और कैनरा बैंक के साथ कुछ छोटे बैंकों का विलय हो सकता है. ऐसे कदम और आगे उठाए जाने की उम्मीद रहेगी.

इसके बाद जो मामला है बैंकरप्सी कोड का. एक्सपर्ट्स कहते हैं कि ये सबसे बड़ा रिफॉर्म है. लेकिन वक्त बहुत ज्यादा लग रहा है. 270 दिन के अंदर रिजोलूशन का वादा पूरा नहीं हुआ तो ये उम्मीद है कि नई सरकार में ये वादा पूरा हो.
Loading...

(3)  इंफ्रास्ट्रक्चर पर ज्यादा निवेश-इंफ्रास्ट्रक्चर सबसे बड़ी चीज है, जिसमें नरेंद्र मोदी सरकार ने सबसे बड़ा निवेश किया. 2014 में जहां सड़क बनने की रफ्तार रोजाना 11 किमी थी, वो बढ़कर 30 किमी पहुंची है.

(4) GST में सिंगल रेट की ओर बढ़े सरकार-सरकार का सिंगल रेट का वादा पूरा करने की उम्मीद रहेगी. कुछ सेक्टर्स जिनको उम्मीद है कि रेट्स कम होंं, उनमें एक है ऑटो और दूसरा है सीमेंट, जिस पर खासतौर से बाजार की नजरें बनी रहेंगी.

(5) NBFCs का नकदी संकट दूर हो-एनबीएफसी सेक्टर में जो क्राइसिस हुआ है बाजार के दिग्गज मानते हैं कि बाजार का मूड सुधारने के लिए इस क्राइसिस को काबू में लाया जाए. फाइनेंशियल सेक्टर का डर खत्म हो.

एक क्लिक और खबरें खुद चलकर आएंगी आपके पास, सब्सक्राइब करें न्यूज़18 हिंदी  WhatsApp अपडेट्स
Loading...
पूरी ख़बर पढ़ें अगली ख़बर
Loading...