20 लाख करोड़ के राहत पैकेज में कहां कितना हुआ खर्च, सरकार ने दिया हिसाब

20 लाख करोड़ के राहत पैकेज में कहां कितना हुआ खर्च, सरकार ने दिया हिसाब
केंद्र सरकार ने 20 लाख करोड़ रुपये के राहत पैकेज से अब तक किए गए खर्च का पूरा हिसाब दिया.

केंद्र ने मई 2020 में 20 लाख करोड़ रुपये के प्रोत्‍साहन पैकेज की घोषणा करते हुए अर्थव्‍यवस्‍था, इंफ्रास्‍ट्रक्‍चर, सिस्‍टम, वायब्रेंट डेमोग्राफी और उपभोक्‍ता मांग को 'आत्‍मनिर्भर भारत' (Aatma Nirbhar Bharat) के पांच स्‍तंभ करार दिया था. इसके बाद सरकार ने किसानों (Farmers) से लेकर नॉन-बैंकिंग फाइनेंस कंपनियों (NBFCs) और करदाताओं (Taxpayers) से लेकर छोटे कारोबार चलाने वाली महिलाओं तक की आर्थिक मदद की.

  • News18Hindi
  • Last Updated: September 13, 2020, 3:41 PM IST
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नई दिल्‍ली. केंद्र सरकार ने कोविड-19 के कारण बने आर्थिक हालात को संभालने और आम लोगों की मदद के लिए मई 2020 में 20 लाख करोड़ रुपये के प्रोत्‍साहन पैकेज की घोषणा की. यानी केंद्र (Central Government) ने कोरोना वायरस महामारी (Coronavirus in India) से लड़ने के लिए देश के सकल घरेलू उत्‍पाद (GDP) की 10 फीसदी रकम दी. इस दौरान सरकार ने 'आत्‍मनिर्भर भारत' अभियान (Aatma NIrbhar Bharat) में समाज के हर तबके का सहयोग मांगा. केंद्र ने कहा कि अर्थव्‍यवस्‍था, इंफ्रास्‍ट्रक्‍चर, सिस्‍टम, वायब्रेंट डेमोग्राफी और उपभोक्‍ता मांग 'आत्‍मनिर्भर भारत' के पांच स्‍तंभ हैं.

नाबार्ड के जरिये किसानों को दिए 30,000 करोड़ रुपये
वित्‍त मंत्रालय (Ministry of Finance) ने आत्‍मनिर्भर भारत अभियान के तहत की गई घोषणाओं पर तुरंत अमल करना शुरू कर दिया. केंद्र सरकार ने इस अभियान के तहत किए जाने वाले कामों की निगरानी और नियमित समीक्षा भी शुरू कर दी. अब तक नाबार्ड (NABARD) के जरिये कृषि कार्यों के लिए किसानों को 30,000 करोड़ रुपये बांटे जा चुके हैं. इसके तहत 28 अगस्‍त तक किसानों को 25,000 करोड़ रुपये दिए गए. वहीं, रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) ने छोटी नॉन-बैंकिंग फाइनेंस कंपनीज (NBFCs) और माइक्रो फाइनेंस इंस्‍टीट्यूशंस (MFIs) के लिए नाबार्ड को 5,000 करोड़ रुपये दिए.

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छोटे वित्‍तीय संस्‍थानों के 25 हजार करोड़ के आवेदनों को मंजूरी


नाबार्ड इसे जल्‍द से जल्‍द लागू करने के लिए दिशानिर्देशों को अंतिम रूप दे रहा है. इसके अलावा नाबार्ड ने दो एजेंसियों और बैंकों के साथ मिलकर एबीएफसी और एमएफआई को लोन देने के लिए स्‍ट्रक्‍चर्ड फाइनेंस एंड पार्शियल गारंटी स्‍कीम शुरू कर दी है. इससे इस सेक्‍टर की छोटी कंपनियों को बड़ा फायदा मिला है. वहीं, ग्रामीण क्षेत्रों में काम करने वाली महिलाओं के लिए ये योजना बेहतरीन साबित होगी. पैकेज के तहत एनबीएफसी, एमएफआई और एचएफसी को आसान शर्तों पर कर्ज उपलब्‍ध कराने के लिए दिए गए 45,000 करोड़ रुपये में से 28 अगस्‍त तक बैंकों ने 25,055.50 करोड़ रुपये के आवेदनों को मंजूरी दे दी है.

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स्‍पेशल लिक्विडिटी स्‍कीम के तहत मिले 37 प्रस्‍ताव किए गए मंजूर
वित्त मंत्रालय ने बताया है कि एनबीएफसी, एमएफआई और एचएफसी के लिए शुरू की गई 30 हजार करोड़ रुपये की स्पेशल लिक्विडिटी स्कीम काफी अच्छी चल रही है. 11 सितंबर तक 10,590 करोड़ रुपये के 37 प्रस्तावों को मंजूरी मिल चुकी है. वहीं, 6 आवेदन अभी विचाराधीन हैं, जो करीब 783.5 करोड़ रुपयों के हैं. वित्‍त मंत्रालय के मुताबिक, पब्लिक सेक्टर बैंकों और टॉप-23 निजी बैंकों ने भी कुछ आंकड़े दिए हैं. इन बैंकों के अनुसार 10 सितंबर तक 42,01,576 लोगों को 1,63,226.49 करोड़ रुपयों का अतिरिक्त क्रेडिट देने को मंजूरी दी गई है. वहीं 1,18,138.64 करोड़ रुपये 25,01,999 कर्जदारों के खातों में डाल भी दिए गए हैं.

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इनकम टैक्‍स रिफंड के तौर पर जारी किए 1 लाख करोड़ से ज्‍यादा
आम करदाता (Taxpayers) को राहत देते हुए केंद्र सरकार ने 1 अगस्‍त से 8 सितंबर 2020 के बीच 27.55 लाख टैक्‍सपेयर्स को 1,01,308 करोड़ रुपये का इनकम टैक्‍स रिफंड (Income Tax Refund) किया जा चुका है. इसमें से 30,768 करोड़ रुपये का रिफंड 25,83,507 मामलों में किया गया है. वहीं, कॉरपोरेट टैक्‍स रिफंड (Corporate Tax Refund) के तौर पर 70,540 करोड़ रुपये 1,71,155 मामलों में जारी किए गए. असल में सभी मामलों में 50 करोड़ रुपये तक के कॉरपोरेट टैक्‍स रिफंड जारी कर दिए गए.
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