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जानें गोल्‍ड या इक्विटी म्‍यूचुअल फंड में कौन है निवेश का बेहतर विकल्‍प? किसमें मिलेगा ज्‍यादा फायदा

जानें गोल्‍ड या इक्विटी म्‍यूचुअल फंड में कौन है निवेश का बेहतर विकल्‍प? किसमें मिलेगा ज्‍यादा फायदा

गोल्‍ड और इक्विटी म्‍यूचुअल फंड दोनों में ही निवेश पर लंबी अवधि में अच्‍छा रिटर्न मिलता है.

गोल्‍ड और इक्विटी म्‍यूचुअल फंड दोनों में ही निवेश पर लंबी अवधि में अच्‍छा रिटर्न मिलता है.

सोने (Gold) को हमेशा से सुरक्षित निवेश विकल्‍प (Safe Investment Option) माना जाता है. वहीं, पिछले कुछ वर्षों में इक्विटी म्‍यूचुअल फंड (Equity Mutual Funds) में लंबी अवधि के निवेश पर भी लोगों को शानदार मुनाफा (Higher Return) मिला है.

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    नई दिल्‍ली. कोरोना संकट के बीच लोग अपनी पूंजी को सबसे सुरक्षित निवेश विकल्‍प (Safe Investment Option) में लगाकर ज्‍यादा से ज्‍यादा मुनाफा कमाना चाहते हैं. काफी तादाद में निवेशक सोने (Gold) को सुरक्षित निवेश विकल्‍प मानते हैं, जो मुनाफा भी ज्‍यादा देता है. वहीं, इक्विटी में निवेश करना जोखिम भरा (Risk) माना जाता है, लेकिन शानदार रिटर्न के कारण लोगों में काफी पसंद किया जाता है. ज्‍यादातर निवेश विशेषज्ञ म्‍यूचुअल फंड में निवेश को सबसे सुरक्षित मानते हैं. अब सवाल उठता है कि गोल्‍ड या इक्विटी म्‍यूचुअल फंड्स (Equity Mutual Fund) में से निवेश का बेहतर विकल्‍प कौन सा है और किसमें ज्‍यादा मुनाफा होने की उम्‍मीद है.

    निवेश से पहले आंक लें अपनी जोखिम लेने की क्षमता
    गोल्‍ड और इक्विटी म्‍यूचुअल फंड की अपनी खासियतें व जोखिम हैं. विशेषज्ञों का कहना है कि इन दोनों विकल्‍पों में निवेश करने से पहले अपनी जोखिम लेने की क्षमता और हाथ में मौजूद पूंजी (Capital in Hand) का अच्‍छे से आकलन कर लेना चाहिए. शेयर बाजार में होने वाली उठापटक को ध्‍यान में रखते हुए कुछ विशेषज्ञ गोल्‍ड को निवेश का बेहतर विकल्‍प मानते हैं. डब्‍ल्‍यूएचपी ज्‍वेलर्स के डायरेक्‍टर आदित्‍य पेठे का कहना है कि जहां म्‍यूचुअल फंड में निवेश करने वालों को लंबी अवधि में बड़े फायदे मिले हैं. वहीं, पिछले 10 साल में गोल्‍ड ने भी लोगों को मालामाल किया है.

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    अगले दो साल शानदार मुनाफा देगा गोल्‍ड इंवेस्‍टमेंट
    पेठे का मानना है कि अगले दो साल सोने में जबरदस्‍त तेजी देखने को मिल सकती है. वह कहते हैं कि जब बाजारों में तेजी लौट रही होगी या सोने की कीमतों में सुधार हो रहा होगा तब भी पीली धातु उम्‍मीद से ज्‍यादा मुनाफा देगी. आसान शब्‍दों में समझें तो अगले दो साल सोना शानदार रिटर्न देगा. ऐशप्रा जेम्‍स एंड ज्‍वेल्‍स के डायरेक्‍टर वैभव सराफ का कहना है कि सोने की कीमतों में लगातार इजाफा हो रहा है. ऐसे में ऊंची दरों पर मुनाफा वसूली कर लेनी चाहिए. गोल्‍ड में किए निवेश से हुए मुनाफे के लिए किसी तरह के डॉक्‍यूमेंटेशन की भी जरूरत नहीं होती है.

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    गोल्‍ड और ईएमएफ दोनों पोर्टफोलिया में रखना अच्‍छा
    म्‍यूचुअल फंड्स में निवेश करने के लिए काफी योजना बनानी पड़ती है. वहीं, बाद में नजर बनाए रखना जरूरी हो जाता है. हालांकि, इस सबके बाद भी इक्विटी म्‍यूचुअल फंड में निवेश के फायदों को कम नहीं आंका जा कसता है. सिस्‍टेमैटिक इंवेस्‍टमेंट प्‍लान (SIP) के जरिये छोटी-छोटी रकम को डायवर्सिफाइड इक्विटी आधारित म्‍यूचुअल फंड में निवेश करना सबसे बेहतर माना जाता है. इससे निवेशक को लंबे समय में तगड़ा मुनाफा मिलने की उम्‍मीद बनी रहती है. कुछ निवेश विशेषज्ञों का मानना है कि अच्‍छा निवेशक गोल्‍ड और इक्विटी म्‍यूचुअल फंड दोनों को अपने पोर्टफोलियो में रखता है. हां! निवेश अनुपात जोखिम लेने की क्षमता के हिसाब से तय किया जा सकता है.undefined

    Tags: Equity scheme, Gold, Investment and return, Investment tips, Most trusted investment options, Mutual funds

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