रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने 3 बैंकों पर लगाया कुल 23 लाख रुपये का जुर्माना, जानें कार्रवाई की वजह

RBI ने 3 सहकारी बैंकों पर जुर्माने की कार्रवाई की है.

रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) ने मोगावीरा को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड, इंदापुर अर्बन को-ऑपरेटिव बैंक और बारामती सहकारी बैंक लिमिटेड पर जुर्माने (Penalty) की कार्रवाई की है. तीनों सहकारी बैंकों (Co-Operative Banks) पर कुल 23 लाख रुपये जुर्माना ठोका गया है.

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    नई दिल्‍ली. रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) ने तीन सहकारी बैंकों (Co-Operative Banks) पर कुल 23 लाख रुपये का जुर्माना (Penalty) लगाया है. इनमें मोगावीरा को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड (Mogaveera Co-operative Bank Limited) पर 12 लाख रुपये, इंदापुर अर्बन को-ऑपरेटिव बैंक (Indapur Urban Cooperative Bank) पर 10 लाख रुपये और बारामती सहकारी बैंक लिमिटेड (Baramati Sahakari Bank Limited) पर जुर्माने (Penalty) पर 1 लाख रुपये का जुर्माना ठोका गया है. केंद्रीय बैंक ने इन सभी सहकारी बैंकों पर विभिन्‍न नियमों का पालन नहीं करने के कारण जुर्माने की कार्रवाई की है.

    मोगावीरा ने पूरी तरह ट्रांसफर नहीं किया था फंड
    रिजर्व बैंक ने कहा कि मोगावीरा को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड की जांच में पाया गया कि बैंक ने डिपॉजिटर एजुकेशन एंड अवेयरनेस फंड (DEA Fund) के बिना दावे वाले जमा (Unclaimed Deposits) को पूरी तरह से ट्रांसफर नहीं किया था. इसके अलावा सहकारी बैंक ने निष्क्रिय खातों (Inoperative Accounts) की सालाना समीक्षा भी नहीं की थी. वहीं, खातों के जोखिम वर्गीकरण (Risk Categorization) के लिए समय-समय पर समीक्षा की कोई प्रणाली भी बैंक ने नहीं बनाई है. साथ ही केंद्रीय बैंक ने बताया कि बैंक में कई ग्राहक ऐसे पाए गए हैं, जिनके कई-कई यूनिक कस्‍टमर आईडेंटिफिकेशन कोड्स (UCICs) हैं. वहीं, कई ग्राहकों का यूसीआईसी एक ही पाया गया है. इन अनदेखियों के मद्देनजर बैंक पर 12 लाख रुपये जुर्माना लगाया गया है.

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    दो सहकारी बैंकों पर इसलिए लगाया गया जुर्माना
    केंद्रीय बैंक के मुताबिक, इंदापुर अर्बन को-ऑपरेटिव बैंक की वित्‍तीय स्थिति को देखते हुए पाया गया कि बैंक ने अन-सिक्‍योर्ड लोन्‍स को लेकर कोई सीमा तय नहीं की है. इसके अलावा इस सहकारी बैंक ने भी खातों के जोखिम वर्गीकरण (Risk Categorization) के लिए समय-समय पर समीक्षा की कोई प्रणाली नहीं बनाई है. इसके अलावा बैंक ने कई दूसरे नियमों का भी पालन नहीं किया. ऐसे में बैंक पर 10 लाख रुपये जुर्माना लगाया गया. बारामती सहकारी बैंक की जांच में पाया गया कि बैंक ने विवेकपूर्ण अंतर-बैंक (एकल बैंक) जोखिम सीमा को पार कर लिया था. इसलिए बैंक पर 1 लाख रुपये जुर्माना लगाया है.

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