प्रयागराज, रायबरेली और आजमगढ़ में जल्द खुलेंगे कृषि विज्ञान केंद्र, किसानों को होगा ये फायदा

प्रयागराज, रायबरेली और आजमगढ़ में जल्द खुलेंगे कृषि विज्ञान केंद्र, किसानों को होगा ये फायदा
देश में ऐसे 720 कृषि विज्ञान केंद्र हैं (File Photo)

केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि मोदी सरकार के दो अध्यादेश सुनिश्चित करेंगे किसानों को उत्पादन लागत पर गारंटीड रिटर्न

  • Share this:
नई दिल्ली. मोदी सरकार खेती-किसानी के विकास में अहम योगदान देने वाले कृषि विज्ञान केंद्रों (KVK-Krishi Vigyan Kendra) की संख्या बढ़ाने में जुट गई है. ताकि गांव-गांव तक किसानों को आधुनिक और वैज्ञानिक खेती करने में मदद मिल सके. केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर (Narendra Singh Tomar) ने बताया कि जल्द ही प्रयागराज, रायबरेली व आजमगढ़ में केवीके खोले जाएंगे. एक केवीके मुरादाबाद में भी खोलने का प्रस्ताव है.

एक कार्यक्रम में तोमर ने कहा कि उत्तर प्रदेश में 86 केवीके हैं, जो अच्छा काम कर रहे हैं. यहां 20 नए केवीके खोले जाने को स्वीकृति दी गई थी, जिनमें से 17 खोले जा चुके हैं. शेष तीन भी जल्द ही खुल जाएंगे. मुरादाबाद में भी एक केवीके खोला जाएगा.

ये भी पढ़ें: पढ़िए, बासमती चावल के GI टैग विवाद की पूरी कहानी, इसके लिए क्यों बेचैन है मध्‍य प्रदेश सरकार?



देश भर में इस समय 720 केवीके हैं. इसी तरह 151 क्लाइमेट स्मार्ट विलेज बनाए गए हैं, जो विभिन्न परिस्थितियों के लिए तकनीकी मॉडल प्रस्तुत कर रहे हैं. केवीके द्वारा हर साल लगभग 15 लाख किसानों व युवाओं को खेती-किसानी (Farming) से जुड़ा प्रशिक्षण देने का काम भी किया जा रहा है.
 Prayagraj news, Raebareli news, Azamgarh news, Moradabad news, प्रयागराज समाचार, रायबरेली समाचार, आजमगढ़ समाचार, मुरादाबाद समाचार, KVK-Krishi Vigyan Kendra, कृषि विज्ञान केंद्र, नरेंद्र सिंह तोमर, Narendra Singh Tomar, farmers, किसान
केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर (File Photo)


दाम पर क्या बोले कृषि मंत्री

केंद्रीय कृषि मंत्री तोमर ने कहा कि सरकार किसानों को उनकी फसल के सही दाम की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए हर संभव कदम उठा रही है. दो नए अध्यादेशों के कार्यान्वयन और कृषि क्षेत्र में अन्य कानूनी प्रावधानों के साथ किसान अब देश में किसी भी जगह पर लाभकारी मूल्य पर अपनी फसल की बिक्री कर सकते हैं. इस पर सभी तरह की बंदिशें खत्म हो गई हैं.

उन्होंने कहा, मूल्य आश्वासन पर किसान (सशक्तिकरण एवं सुरक्षा) समझौता और कृषि सेवा अध्यादेश-2020 से कृषि उपज की खरीद पर व्यापारियों से समझौते के साथ ही किसानों के लिए उनकी उत्पादन लागत पर गारंटीड रिटर्न  भी सुनिश्चित होगा.

ये भी पढ़ें: चीन की चालबाजियों से इस तरह बचाई गईं थीं भारतीय धान की देसी किस्में

तोमर ने कहा, किसानों (Farmers) की बदौलत भारत खाद्यान्न उत्पादन के मामले में न सिर्फ आत्मनिर्भर है, बल्कि अतिरिक्त उत्पादन भी कर रहा है. देश में 86 प्रतिशत लघु और सीमांत किसान हैं, जिनकी सरकारी योजनाओं, कार्यक्रमों और सुविधाओं तक पहुंच होनी चाहिए. इस काम में केवीके और उसके वैज्ञानिकों ने अहम भूमिका निभाई है. उन्होंने कहा कि, क्षेत्र की जलवायु (Climate) के अनुरूप फसलों के विकास में भी केवीके को अग्रणी भूमिका निभानी चाहिए.
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज

corona virus btn
corona virus btn
Loading