मुख्य आर्थिक सलाहकार केवी सुब्रमण्यम ने कहा- सरकार कई सेक्टर को दे सकती है एक मिनी राहत पैकेज

मुख्य आर्थिक सलाहकार केवी सुब्रमण्यम ने कहा- सरकार कई सेक्टर को दे सकती है एक मिनी राहत पैकेज
मुख्य आर्थ‍िक सलाहकार (Chief Economic Adviser

केंद्र सरकार (Central Government) के मुख्य आर्थिक सलाहकार केवी सुब्रमण्यम ( CEA, KV Subramanian) के मुताबिक सरकार त्योहारी सीजन यानी अगले महीने तक इन्फ्रा, कंज्यूमर ड्यूरेबल्स जैसे सेक्टर को एक मिनी राहत पैकेज (Mini Stimulus Package) दिया जा सकता है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: September 8, 2020, 5:10 PM IST
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नई दिल्ली. केंद्र सरकार (Central Government) के मुख्य आर्थिक सलाहकार केवी सुब्रमण्यम ( CEA, KV Subramanian) के मुताबिक सरकार त्योहारी सीजन यानी अगले महीने तक इन्फ्रा, कंज्यूमर ड्यूरेबल्स जैसे सेक्टर को एक मिनी राहत पैकेज (Mini Stimulus Package) दिया जा सकता है. यह पैकेज छोटा होगा, लेकिन बूस्टर डोज जैसा होगा. बिजनेस टुडे को दिये एक इंटरव्यू में सुब्रमण्यम ने बताया कि अर्थव्यवस्था में तेजी लाने के लिए त्योहारी सीजन तक कुछ शार्ट टर्म वाले उपाय किये जा सकते हैं.

दूसरे राहत पैकेज की मांग बढ़ी
बता दें कि देश के सकल घरेलू उत्पाद में जून तिमाही में करीब 24 फीसदी की गिरावट आई है. इसके मद्देनजर इस बात की मांग बढ़ी है कि अर्थव्यवस्था के लिए दूसरा राहत पैकेज आना चाहिए. सरकार एक दूसरे बड़े राहत पैकेज ला सकती है, लेकिन यह शायद तब तक न हो, जब तक बाजार में कोरोना का टीका नहीं आ जाता. उसके पहले त्योहारी सीजन तक एक छोटे कैप्सूल जैसे डोज यानी मिनी राहत पैकेज की उम्मीद की जा सकती है.

मिनी राहत पैकेज का असर होगा गहरा
सुब्रमण्यम के मुताबिक जिन सेक्टर को सबसे ज्यादा नुकसान हुआ है उनमें खपत बढ़ाने पर फोकस किया जा सकता है. ये ऐसे सेक्टर होंगे जहां उपभोग करने की तरफ झुकाव ज्यादा होता है. उदाहरण के लिए बुनियादी ढांचा, निर्माण, कंज्यूमर ड्यूरेबल्स आदि. सुबमण्यम ने कहा कि ये उपाय छोटे जरूर हो सकते हैं, लेकिन उनका 'स्टेरॉयड' जैसा असर होगा.



सुब्रमण्यम ने बताया कि करीब 103 लाख करोड़ रुपये की परियोजनाओं को मंजूरी दी जा चुकी है. उन्होंने कहा कि जोर इस बात पर है कि उन प्रोजेक्ट्स को पूरा किया जाए जिनका आंशिक काम पूरा हो गया है. इससे निर्माण गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा. इससे गुणवत्तापूर्ण खर्च को भी बढ़ावा मिलता है.
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