सप्‍ताह में 3 दिन छुट्टी पर श्रम मंत्री संतोष गंगवार की दो-टूक, अभी नहीं है इस तरह का कोई प्रस्‍ताव

श्रम मंत्री संतोश कुमार गंगवार ने हफ्ते में 3 दिन वैतनिक अवकाश पर लोकसभा में दिया जवाब.

श्रम मंत्री संतोश कुमार गंगवार ने हफ्ते में 3 दिन वैतनिक अवकाश पर लोकसभा में दिया जवाब.

केंद्रीय श्रम मंत्री संतोष गंगवार (Santosh Gangwar) ने लोकसभा में दिए जवाब में कहा कि सरकारी कार्यालयों (Government Offices) में सप्‍ताह में चार दिन (4 days in a week) या 40 घंटे कामकाज की व्‍यवस्‍था लागू करने का अभी कोई प्रस्‍ताव नहीं है. उन्‍होंने कहा कि अभी सप्‍ताह में 5 दिन और साढ़े 8 घंटे काम की व्‍यवस्‍था है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: March 24, 2021, 9:10 PM IST
  • Share this:
नई दिल्‍ली. नौकरीपेशा लोगों के बीच काफी दिन से सप्‍ताह में 4 दिन काम (4 days in a Week) और 3 दिन छुट्टी को लेकर चर्चा आम है. कहा जा रहा था कि केंद्र सरकार इस नई व्‍यवस्‍था के लिए योजना बना रही है. यह भी चर्चा थी कि सप्‍ताह में 4 दिन काम होने पर कंपनियों को कर्मचारियों से ज्‍यादा घंटे काम कराने की छूट दी जा सकती है. अब केंद्रीय श्रम मंत्री संतोष गंगवार (Santosh Gangwar) ने ऐसी चर्चाओं पर विराम लगाते हुए दो-टूक कहा है कि सरकारी दफ्तरों में ऐसी व्‍यवस्‍था के लिए अभी तक कोई प्रस्‍ताव नहीं है.

श्रम मंत्री ने लोकसभा में लिखित जवाब में किया स्‍पष्‍ट

केंद्रीय मंत्री ने एक सवाल के जवाब में लोकसभा (Lok Sabha) को दिए लिखित जवाब में स्‍पष्‍ट किया है कि कार्यालयों के लिए सप्ताह में चार दिन या 40 घंटे की कार्य व्यवस्था शुरू करने की केंद्र की कोई योजना नहीं है. श्रम मंत्री ने कहा कि चौथे वेतन आयोग की सिफारिश के आधार पर सप्ताह में पांच दिन और भारत सरकार के नागरिक प्रशासनिक कार्यालयों में प्रतिदिन साढ़े 8 घंटे काम किया जाता है. सातवें वेतन आयोग (7th Pay Commission) ने भी अपनी सिफारिश में इसे बनाए रखा है. बता दें कि पहले खबर आई थी कि नए श्रम कानूनों के तहत आने वाले दिनों में हफ्ते में तीन दिन छुट्टी का प्रावधान किया जा सकता है.

ये भी पढ़ें- बीमाधारकों को मिली ज्‍यादा पावर! शर्तें पसंद नहीं आने पर खरीदने के बाद 15 दिन में वापस कर सकते हैं पॉलिसी
सप्‍ताह में 4 दिन काम की लगाई जा रही थीं अटकलें

श्रम मंत्रालय के मुताबिक, केंद्र सरकार सप्‍ताह में चार दिन और तीन दिन वैतनिक छुट्टी का विकल्प देने की तैयारी कर रही है. अटकलें थीं कि नई श्रम संहिता के तहत नियमों में ये विकल्प भी रखा जाएगा, जिस पर कंपनी और कर्मचारी आपसी सहमति से फैसला ले सकते हैं. ये भी कहा जा रहा था कि नए नियमों के तहत सरकार काम के घंटों को बढ़ाकर 12 तक कर सकती है. काम करने के घंटों की हफ्ते में अधिकतम सीमा 48 है. ऐसे में कामकाजी दिनों का दायरा पांच से घट सकता है. ईपीएफ पर टैक्स लगाने को लेकर बजट में हुए ऐलान पर श्रम सचिव ने कहा कि इसमें ढाई लाख रुपये से ज्यादा निवेश होने के लिए टैक्स सिर्फ कर्मचारी के योगदान पर लगेगा. कंपनी की तरफ से होने वाला अंशदान इसके दायरे में नहीं आएगा या उस पर कोई बोझ नहीं पडे़गा.
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज