सरकारी गोदामों में लाखों टन गेहूं-चावल होता है खराब, इसी से एथेनॉल बनाने की बात कर रही है सरकार

गोदामों खराब हो रहे गेहूं चावल का ऐसे होगा उपयोग

गोदामों खराब हो रहे गेहूं चावल का ऐसे होगा उपयोग

फूड कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (FCI) के गोदामों में ही हर साल हजारों टन गेहूं-चावल खराब हो जाता है. गोदामों में खराब होने वाले गेहूं-चावल (Rice) समेत दालों से सरकार एथेनॉल बनाने की बात कर रही है.

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नई दिल्ली. पेट्रोल (Petrol)-डीजल की महंगाई को देखते हुए केन्द्र सरकार एथेनॉल (Ethanol) बनाने पर जोर दे रही है. जिससे की पेट्रोल-डीजल में एथेनॉल की ब्लेंडिंग की जा सके. इसी के चलते हर साल करोड़ों लीटर एथेनॉल बनाया जा रहा है. गोदामों में खराब होने वाले गेहूं-चावल (Rice) समेत दालों से एथेनॉल बनाने की बात कही जा रही है. फूड कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (FCI) के गोदामों में ही हर साल हजारों टन गेहूं-चावल खराब हो जाता है. यह वो गेहूं-चावल है जिसे 40 से 50 पैसे किलो या इससे भी कम रेट पर बेच दिया जाता है.

10 साल में खराब हो गए 1.80 लाख टन गेहूं-चावल

एक आरटीआई से मिली जानकारी के मुताबिक एफसीआई के दिल्ली स्थित हैड ऑफिस ने बताया है कि साल 2008-9 से 2017-18 तक बीते 10 साल में आम जनता के लिए जारी न करने के लायक 1.80 लाख मी टन गेहूं-चावल देशभर के गोदामों में खराब हो गया. अगर एक 16 टन की क्षमता वाले ट्रक के हिसाब से बात करें तो 10 साल में करीब 11250 ट्रक गेहूं-चावल गोदाम में रखे-रखे खराब हो गया. अगर सिर्फ 5 साल की बात करें तो 2013-14 से 2017-18 तक 58097 टन गेहूं-चावल खराब हुए थे. इसमे 27330 टन गेहूं और 30767 टन चावल थे.

कहां-कितना खराब हुआ गेहूं-चावल
एफसीआई के खुद के और किराए के गोदामों में कितना सरकारी गेहूं-चावल हर साल खराब हो जाता है, इसकी जानकारी आरटीआई में मांगी गई थी. लेकिन एफसीआई के बहुत सारे दफ्तरों से यह जानकारी नहीं दी गई है. लेकिन जहां से भी जानकारी मिली है वो आंकड़े भी खासे चौंकाने वाले हैं. जैसे रीजनल ऑफिस भुवनेश्वर ने बताया कि उनके यहां 6 साल में 8 हजार टन से ज्यादा अनाज खराब हो गया.

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वहीं रीजनल ऑफिस कोलकता के मुताबिक 6 साल में 15365 टन अनाज खराब हो गया. रीजनल ऑफिस बंगलौर में 11 साल में 3719 टन अनाज खराब हुआ. रीजनल ऑफिस अहमदाबाद में 8 साल में 3191 टन अनाज खराब हो गया. और रीजनल ऑफिस पटना से मिली जानकारी के मुताबिक उनके यहां 6 साल में 6716 टन अनाज खराब हुआ.

इस रेट बिकता है गोदाम में खराब हुआ अनाज

एफसीआई के गोदामों में जो अनाज खराब हो जाता है, जनता को जारी करने लायक नहीं होता है, उसे पशु और पोल्ट्री आहार बनाने वाली कंपनियों को नीलाम कर दिया जाता है. आरटीआई में एफसीआई ने बताया है कि अनाज की क्वालिटी किस हद तक खराब हुई है उसी के हिसाब से रेट लगाकर कंपनियों को बेच दिया जाता है. जैसे रीजनल ऑफिस भुवनेश्वर में 4161 टन गेहूं 2.74 करोड़ रुपये का और 4115 टन चावल 4.78 करोड़ रुपये के बेचे गए. इसी तरह से रीजनल ऑफिस तिरुवनन्तपुरम कुल 186 टन गेहूं 4.56 लाख का और कुल 110 टन चावल 52 लाख रुपये के पशु और पोल्ट्री आहार बनाने वाली कंपनियों को बेचा गया.
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