Home /News /business /

केंद्र सरकारी कंपनियों की जमीनों का करेगा मॉनेटाइजेशन, कैबिनेट की मंजूरी के बाद मौद्रीकरण के लिए बनेगी कंपनी

केंद्र सरकारी कंपनियों की जमीनों का करेगा मॉनेटाइजेशन, कैबिनेट की मंजूरी के बाद मौद्रीकरण के लिए बनेगी कंपनी

FM निर्मला सीतारमण ने बजट 2022 में एनएलएमसी के गठन का ऐलान किया था.

FM निर्मला सीतारमण ने बजट 2022 में एनएलएमसी के गठन का ऐलान किया था.

दीपम (DIPAM) के सचिव पांडेय ने कहा कि मंत्रिमंडल की मंजूरी (Cabinet Approval) के बाद बनाई जाने वाली कंपनी केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों (CPSEs) की अतिरिक्त भूमि और गैर-प्रमुख संपत्तियों के मौद्रिकरण में माहिर होगी. मंत्रिमंडल की मंजूरी मिलने के साथ ही इसकी शुरुआत हो जाएगी.

अधिक पढ़ें ...

    नई दिल्ली. केंद्र सरकार निजीकरण के लिए तैयार केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों (CPSEs) की जमीन और गैर-प्रमुख संपत्तियों के हस्तांतरण व मौद्रिकरण (Transfer and Monetization) के लिए एक कंपनी बनाएगी. इसके लिए वित्त मंत्रालय (Finance Ministry) केंद्रीय मंत्रिमंडल की मंजूरी लेगा. निवेश व लोक संपत्ति प्रबंधन विभाग (DIPAM) के सचिव तुहिन कांत पांडेय ने कहा कि इन परिसंपत्तियों को संभालने के लिए कंपनी के तौर पर एक विशेष इकाई (SPV) की स्थापना की जाएगी, जिनका बाद में मौद्रिकरण किया जाएगा.

    ‘केंद्रीय मंत्रिमंडल की मंजूरी के साथ हो जाएगी शुरुआत’
    दीपम के सचिव पांडेय ने कहा कि मंत्रिमंडल की मंजूरी के बाद बनाई जाने वाली कंपनी अतिरिक्त भूमि और गैर-प्रमुख संपत्तियों के मौद्रिकरण में माहिर होगी. हम जल्द ही इसकी उम्मीद कर रहे हैं. मंत्रिमंडल की मंजूरी मिलने के साथ ही इसकी शुरुआत हो जाएगी. उन्होंने कहा कि कुछ सीपीएसई का रणनीतिक विनिवेश होना है. हमें लगता है कि जमीन का कुछ हिस्सा कंपनी के पास जाने लायक नहीं है. ऐसी संपत्तियों का मौद्रिकरण किया जा सकता है. मंत्रिमंडल की मंजूरी के बाद वित्त मंत्रालय के अधीन आने वाले सार्वजनिक उद्यम विभाग (DPE) के अधीन नेशनल लैंड मोनेटाइजेशन कॉरपोरेशन (NLMC) का गठन कर संपत्ति मौद्रिकरण का काम सौंपा जाएगा.

    ये भी पढ़ें- SpiceJet ने दिल्‍ली और तिरुपति के बीच शुरू की वन स्‍टॉप फ्लाइट्स सर्विस, हफ्ते में 3 दिन भरेंगी उड़ान

    केंद्र ने रणनीतिक बिक्री को पूरा करने का रखा है लक्ष्‍य
    सरकार ने चालू वित्त वर्ष में बीपीसीएल (BPCL), शिपिंग कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (Shipping Corporation of India), आईडीबीआई बैंक (IDBI Bank), बीईएमएल (BEML), पवन हंस (Pawan Hans), नीलांचल इस्पात निगम लिमिटेड की रणनीतिक बिक्री को पूरा करने का लक्ष्य बनाया है. कुछ समय पहले दीपम ने बताया था एनएलएमसी 100 फीसदी सरकारी स्वामित्व वाली कंपनी होगी. इसकी शुरुआती अधिकृत शेयर पूंजी 5,000 करोड़ रुपये और सब्सक्राइब्ड शेयर कैपिटल 150 करोड़ रुपये होगी. यह कंपनी एक बोर्ड द्वारा शासित होगी, जिसमें संबंधित मंत्रालयों के सचिव, रियल एस्टेट क्षेत्र के प्रतिनिधि और निवेश बैंकर शामिल होंगे. एनएमएलसी की अध्यक्षता एक मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) करेगा, जो इसके रोजाना के काम का प्रबंधन करेगा.

    ये भी पढ़ें- शीर्ष 10 में से 8 कंपनियों का बाजार पूंजीकरण 1.52 लाख करोड़ बढ़ा, HDFC Bank और SBI को सबसे ज्‍यादा फायदा

    वित्‍त मंत्री सीतामरण ने बजट में रखा था प्रस्‍ताव
    वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (FM Nirmala Sitharaman) ने बजट 2021-2022 के भाषण में एनएमएलसी के गठन के लिए विशेष प्रयोजन करने प्रस्ताव रखा था. अब तक सीपीएसई ने मोनेटाइजेशन के लिए करीब 3,500 एकड़ भूमि और अन्य नॉन कोर असेट्स को चिह्नित किया है. सीपीएसई की बंद होने वाली ऐसी संपत्तियां इस निगम को ट्रांसफर कर दी जाएंगी. इसके बाद यह एनएलएमसी पर निर्भर होगा कि वह संपत्ति को लीज पर दे, किराए पर दे या बेच दे. कॉरपोरेशन वाणिज्यिक या आवासीय उद्देश्यों के लिए संपत्ति का निवेश और विकास भी कर सकती है. इसके अलावा किराये पर देकर या बिक्री करके पैसे जुटा सकती है. इसके अलावा उन सरकारी संस्थाओं को बेचकर पैसे जुटाने की प्रक्रिया के लिए सलाहकार सेवाएं भी देगी, जिनके पास अतिरिक्त भूमि और नॉर-कोर असेट्स हैं.

    Tags: Asset monetization, Cabinet decision, Finance ministry, FM Nirmala Sitharaman, Modi government, Public sector

    अगली ख़बर