Bullet Train: पीएम मोदी के ड्रीम प्रोजेक्ट को बनाने के लिए Larsen and Toubro को मिल सकता है 7,289 करोड़ का दूसरा ठेका

L&T को हाई स्पीड बुलेट ट्रेन परियोजना का ठेका मिला
L&T को हाई स्पीड बुलेट ट्रेन परियोजना का ठेका मिला

इन्फ्रास्ट्रक्चर सेक्टर की दिग्गज कंपनी लार्सन एंड टूब्रो को पीएम मोदी के ड्रीम प्रोजेक्ट का कॉन्ट्रैक्ट मिल चुका है. L&T ने बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट के लिए 7,289 करोड़ रुपए की सबसे कम बोली लगाई है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: November 3, 2020, 12:12 PM IST
  • Share this:
नई दिल्ली. इन्फ्रास्ट्रक्चर सेक्टर की दिग्गज कंपनी लार्सन एंड टूब्रो (Larsen and Toubro) को पीएम मोदी (PM Modi) के ड्रीम प्रोजेक्ट का कॉन्ट्रैक्ट मिल चुका है. सूत्रों के मुताबिक, कंपनी ने मुंबई अहमदाबाद हाई स्पीड रेल परियोजना के C6 पैकेज के लिए सबसे कम बोली लगाई. कंपनी की ओर से लगाई गई सबसे कम बोली 7,289 करोड़ रुपये थी. गौरतलब है कि कंपनी को हाई स्पीड बुलेट ट्रेन परियोजना (Bullet Train Project) का ठेका मिल चुका है.

बोली में शामिल हुई थीं ये अन्य कंपनियां
इस प्रोजेक्ट में लार्सन एंड टूब्रो के साथ साथ बोली लगाने वाली कंपनियों में टाटा प्रोजेक्ट जे कुमार इंफ्रा, एनसीसी अफकॉस इंफ्रा और इरकॉन इंटरनेशनल जेएमसी प्रोजेक्ट इंडिया भी रेस में शामिल थीं. यह पैकेज वडोदरा को अहमदाबाद से एक स्टेशन और आनंद नाडियाड में एक डिपो से जोड़ता है. इससे पहले मुंबई और अहमदाबाद के बीच हाई स्पीड रेल लाइन के सबसे बड़े प्रोजेक्ट के निर्माण के लिए सबसे कम बोली लगाने वालो में कंपनी ईपीसी शामिल थी.

ये भी पढ़ें: अब देश के इन 6 हवाईअड्डों पर होगा अडाणी समूह का कब्जा, 50 साल तक के लिए मिला ये अधिकार
86 फीसदी जमीन का हो चुका अधिग्रहण


सी6 पैकेज में 87.5 किलोमीटर के ब्रिज और पुल, 25 क्रॉसिंग ब्रिज, एक सुरंग, 97.50 किमी सड़क, एक स्टेशन, एक रखरखाव डिपो, चार उप रखरखाव डिपो और अन्य संबंधित संरचनाएं समेत भवन निर्माण के डिजाइन और निर्माण कार्य शामिल हैं. तकनीकी तौर पर इस के प्रोजेक्ट की बोली 25 सितंबर को लगी थी. रेलवे बोर्ड (Railway Board) के चेयरमैन वीके यादव ने बताया कि अब तक 86 फीसदी जमीन का अधिग्रहण हो चुका है. बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट (Bullet Train Project) के लिए गुजरात में भूमि अधिग्रहण का काम सबसे ज्‍यादा तेजी से चल रहा है.

ये भी पढ़ें: इंडियन रेलवे ने बनाया नया रिकॉर्ड! इस फैक्ट्री में हर दिन बनाए जा रहे हैं 6 कोच

बड़ी संख्या में रोजगार भी पैदा होंगे
रेल मंत्रालय के अनुसार, इस प्रोजेक्ट से बड़े पैमाने पर रोजगार के विकल्प खुलेंगे. इसमें निर्माण सामग्री और मशीनरी की मांग में बढ़ोतरी होगी. इसके लिए बड़ी संख्या में वर्करों को परीक्षण दिया जाएगा. जो हाई स्पीड रेल कॉरिडोर के अलावा बुलेट ट्रेन परियोजना के सपने को भी साकार करेंगे. परियोजना कार्यान्वयन एजेंसी नेशनल हाई स्पीड रेल कॉरपोरेशन को उम्मीद है कि निर्माण चरण के दौरान परियोजना में 90,000 प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर उत्पन्न होंगे.
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज