GST काउंसिल की बैठक में छोटे कारोबारियों को मिले ये 2 तोहफे!

GST काउंसिल की 32वीं बैठक में छोटे कारोबारियों को दो बड़े तोहफे मिले हैं.

News18Hindi
Updated: January 10, 2019, 2:50 PM IST
GST काउंसिल की बैठक में छोटे कारोबारियों को मिले ये 2 तोहफे!
GST काउंसिल की 32वीं बैठक में छोटे कारोबारियों को दो बड़े तोहफे मिले हैं.
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Updated: January 10, 2019, 2:50 PM IST
गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स (GST) काउंसिल की 32वीं बैठक में छोटे कारोबारियों को दो बड़े तोहफे मिले हैं. पहला जीएसटी रजिस्ट्रेशन का दायरा बढ़ाया गया है. अब 40 लाख रुपये तक के सालाना टर्नओवर पर जीएसटी रजिस्ट्रेशन नहीं कराना होगा. दूसरा, कंपोजिशन स्कीम की सीमा 1.5 करोड़ रुपये करने को मंजूरी मिली. स्कीम पर बदलाव 1 अप्रैल 2019 से लागू होगा. (ये भी पढ़ें: GST घटने के बाद 1 जनवरी से सस्ती हो गई हैं ये चीजें, देखें पूरी लिस्ट)

40 लाख रुपये तक सालाना टर्नओवर पर रजिस्ट्रेशन नहीं
GST रजिस्ट्रेशन का दायरा बढ़ाने पर सहमति बनी. अब 40 लाख रुपये तक सालाना टर्नओवर पर रजिस्ट्रेशन नहीं कराना होगा. अभी 20 लाख रुपए तक बिजनेस वालों के लिए जीएसटी में रजिस्ट्रेशन कराना जरूरी नहीं है.आपको बता दें कि वित्त राज्य मंत्री शिवप्रताप शुक्ल की अध्यक्षता में पिछले हफ्ते हुई समिति की बैठक में इसको मंजूरी मिल गई थी. आपको बता दें कि इससे पहले पिछले हफ्ते जीएसटी पर मंत्रियों की एक समिति ने रजिस्ट्रेशन के लिए सालाना टर्नओवर की सीमा बढ़ाने पर सहमति जताई थी.

कम्पोजिशन स्कीम की सीमा बढ़ी

सरकार ने GST के तहत एकीकृत कम्पोजिशन योजना का ऑप्शन चुनने वालो को बड़ी राहत दी है. जीएसटी काउंसिलने कंपोजिशन स्कीम की सीमा बढ़ाने को औपचारिक मंजूरी दी. कंपोजिशन स्कीम की सीमा 1.5 करोड़ रुपये करने को मंजूरी दी. स्कीम पर बदलाव 1 अप्रैल 2019 से लागू होगा. काउंसिल ने कम्पोजिशन स्कीम में शामिल टैक्स पेयर्स को अब तीन महीने में टैक्स रिटर्न फाइल करने की इज़ाजत दे दी है. (ये भी पढ़ें: इन चीजों पर नहीं लगता GST, यहां देखें पूरी लिस्ट)

क्या है जीएसटी कंपोजिशन स्कीम
सरकार ने छोटे कारोबारियों को राहत देने के लिए कंपोजिशन स्कीम शुरू की है. शुरुआती दौर में GST Tax System की तमाम जटिलताओं से राहत देने के लिए सरकार ने छोटे कारोबारियों को कंपोजिशन स्कीमअपनाने का विकल्प दिया. 20 लाख रुपए से ज्यादा के टर्नओवर वाले लोगों के लिए GST रजिस्ट्रेशन तो अनिवार्य है लेकिन वो चाहें तो जीएसटी का झंझट कम कर सकते हैं. साल में 75 लाख तक का कारोबार करने वाले जीएसटी कंपोजिशन स्कीम का फायदा उठा सकते हैं. अपनी सुविधानुसार वे चाहें तो जीएसटी की नॉर्मल स्कीम के तहत काम करें, चाहें तो कंपोजिशन स्कीम के तहत.
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इसके तहत छोटे कारोबारियों को हर महीने रिटर्न फाइल नहीं करना होता है. साथ ही, टैक्स का एक निश्चित रेट, एकमुश्त टैक्स भरना होता है. इसके अलावा रसीदों को अपलोड करना का झंझट भी नहीं है.

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स्कीम लेने वालों को फायदा
कारोबारियों को न तो सेल और न परचेज का रिकॉर्ड रखना जरूरी होता है. साथ ही, रसीदों को अपने रिटर्न के साथ अपलोड करना होता है. इसके उलट GST की सामान्य स्कीम वालों को हर महीने GSTR-1 में अपनी सभी बिक्रियों की और GSTR-2 में सारी खरीदारों की डीटेल देनी होती है और उनकी रसीदें भी अपलोड करनी होती हैं.

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