अक्षय तृतीया से पहले सरकार बदल सकती है सोने की ज्वैलरी खरीदने से जुड़ा ये नियम!

कंज्यूमर अफेयर्स मंत्रालय अक्षय तृतीया से पहले सोने की ज्वैलरी खरीदने से जुड़ा बड़ा नियम बदलने की तैयारी में है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: April 26, 2019, 6:38 PM IST
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शुद्ध सोने की पहचान करना अब आसान होने वाला है. कंज्यूमर अफेयर्स मंत्रालय अब 20 कैरेट की जूलरी और 24 कैरेट के बुलियन के लिए भी हॉलमार्किंग जरूरी की जा सकती है. अभी तक ड्राफ्ट में 14, 18 और 22 कैरेट गोल्ड के लिए हॉलमार्किंग अनिवार्य थी. अब दो नये स्लैब के तहत 20 और 24 को भी इसमें जोड़ा जा रहा है. कंज्यूमर अफेयर्स मंत्रालय 2 नए स्लैब जोड़ेगा. अनिवार्य हाल मार्किंग के नियमों को नोटिफाई करने की तैयारी पूरी हो गई हैं. इसके लिए डीआईपीपी और नीति आयोग को अपने  सुझाव 30 अप्रैल तक देने होंगे. अगर दोनों की तरफ से सुझवों में कोई बड़ा बदलाव नहीं आता है तो ये 7 मई यानी अक्षय तृतीया से पहले लागू हो सकती है.

अनिवार्य हाल मार्किंग के नियमों को नोटिफाई करने की तैयारी

>> कंजूमर अफेयर मंत्रालय ने सुझाव मांगे गए हैं.

>> नीति आयोग और डीआईपीपी अपने सुझाव 30 अप्रैल तक देंगे.
>> दोनों की तरफ से अगर कोई आपत्ति नहीं हुई तो सरकार नियमों को नोटिफाई कर सकती है

>> सरकार ने नवंबर में ड्राफ्ट जारी किया था.



>> फरवरी में सभी स्टेकहोल्डर के साथ बैठक की थी.

>> 16, 18, 20, 22, 24 कैरट की ज्वेलरी का हॉलमार्क अनिवार्य करने का प्रस्ताव है.

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क्या होती है हॉलमार्किंग-बीआईएस हॉलमार्क सोने के साथ चांदी की शुद्धता को प्रमाणित करने की एक प्रणाली है. बीआईएस का यह चिह्न प्रमाणित करता है कि गहना भारतीय मानक ब्यूरो के स्टैंडर्ड पर खरा उतरता है. इसलिए, सोने खरीदने से पहले सुनिश्चित करें कि आभूषणों में बीआईएस हॉलमार्क है.

>> अगर सोने गहनों पर हॉलमार्क है तो इसका मतलब है कि उसकी शुद्धता प्रमाणित है. लेकिन कई ज्वैलर्स बिना जांच प्रकिया पूरी किए ही हॉलमार्क लगाते हैं.

>> ऐसे में यह देखना जरूरी है कि हॉलमार्क ओरिजनल है या नहीं? असली हॉलमार्क पर भारतीय मानक ब्यूरो का तिकोना निशान होता है.

>> उस पर हॉलमार्किंग सेंटर के लोगो के साथ सोने की शुद्धता भी लिखी होती है. उसी में ज्वैलरी निर्माण का वर्ष और उत्पादक का लोगो भी होता है.

>> अगर आपको संदेह है तो आप पास के किसी हॉलमार्किंग सेंटर में जाकर ज्वेलरी की जांच करवा लें. देश भर में 700 हॉलमार्किंग सेंटर हैं इनकी लिस्ट आप bis.org.in पर जाकर देख सकते हैं.

 

(असीम मनचंदा, संवाददाता, सीएनबीसी आवाज़)

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