कर्ज में दबी BSNL अब देगी 70 से 80 हजार कर्मचारियों को वॉलंटरी रिटायरमेंट!

अंग्रेजी के बिजनेस अखबार इकोनॉमिक टाइम्स (ईटी) को दिए एक इंटरव्यु में BSNL के चेयरमैन प्रवीण कुमार पुरवार ने कहा है कि सरकार से मंजूरी मिलने के बाद BSNL अब 70 से 80 हजार कर्मचारियों को VRS यानी वॉलंटरी रिटायरमेंट देने की तैयारी में है.

News18Hindi
Updated: September 4, 2019, 8:46 PM IST
कर्ज में दबी BSNL अब देगी 70 से 80 हजार कर्मचारियों को वॉलंटरी रिटायरमेंट!
सरकारी टेलीकॉम कंपनी BSNL अब 70 से 80 हजार कर्मचारियों को VRS यानी वॉलंटरी रिटायरमेंट देने की तैयारी में है.
News18Hindi
Updated: September 4, 2019, 8:46 PM IST
देश की बड़ी सरकारी टेलीकॉम (Telecom Company) कंपनी  BSNL अब 70 से 80 हजार कर्मचारियों को VRS यानी वॉलंटरी रिटायरमेंट देने की तैयारी में है. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, केंद्र सरकार से मंजूरी मिलते ही इन कर्मचारियों (BSNL Employees) को एक आकर्षक पैकेज देकर रिटायर कर दिया जाएगा. अंग्रेजी के बिजनेस अखबार इकोनॉमिक टाइम्स (Economic Times) को दिए एक इंटरव्यु में BSNL के चेयरमैन प्रवीण कुमार पुरवार ये बातें कहीं है. उन्होंने कहा है कि BSNL में बहुत कर्मचारी हैं. यदि 60 से 70 हजार भी VRS लेते हैं तो 1 लाख कर्मचारी बचेंगे. आपको बता दें कि  बीएसएनएल पर लगभग 15,000 करोड़ रुपए का कर्ज है.

वीण कुमार पुरवार ने बताया है कि जमीन लीज और रेंट पर देकर अतिरिक्त कमाई कर रहे हैं. अभी हम 200 करोड़ रुपये के राजस्व की उम्मीद कर रहे हैं और इसे आसानी से 1000 करोड़ रुपये तक बढ़ाया जा सकता है. यह वार्षिक राजस्व है. अगले 12-15 महीनों में हमें इस पर जोर देना है. हमारे पास 68 हजार टावर्स हैं. 13-14 हजार टावर हमने दूसरों को दिए हैं. हम टावर्स की किरायेदारी बढ़ाने की संभावना तलाश रहे हैं ताकि अतिरिक्त आमदनी आर्जित की जा सके.



आखिर क्या हुआ BSNL के साथ...

साल 2008 में बीएसएनएल की सहयोगी कंपनी में एमटीएनएल ने भारत में सबसे पहले 3जी सर्विस लॉन्च की. फरवरी 2009 में बीएसएनल ने 3जी सर्विस लॉन्च की. अप्रैल 2010 में प्राइवेट नेटवर्क ऑपरेटर्स को भी 3जी सर्विस लॉन्च करने का लाइसेंस दे दिया गया.

लेकिन 4G की रेस में BSNL बहुत पीछे छूट गई. बीएसएनएल ने अपनी 4जी सर्विस शुरू ही नहीं की. बीएसएनएल 4जी के जमाने में 3जी के साथ ही बना रहा. साथ ही, बीएसएनएल ने अपने 3जी टैरिफ के दाम कम नहीं किए. इसके चलते बीएसएनल को भारी नुकसान उठाना पड़ा.

बीएसएनएल ही एक मात्र ऐसी कंपनी नहीं है जिसको 4जी की इस दौड़ का नुकसान हुआ हो.बीएसएनएल की कुल आमदनी का करीब 55 फीसदी हिस्सा कर्मचारियों के वेतन पर खर्च होता है.
Loading...

इस खर्च में हर साल आठ फीसदी की बढ़ोत्तरी हो जाती है. बीएसएनएल ने सरकार के सामने बैंकों से लोन लेकर अपने खर्चे पूरे करने का प्रस्ताव रखा लेकिन सरकार ने नामंजूर कर दिया.

News18 Hindi पर सबसे पहले Hindi News पढ़ने के लिए हमें यूट्यूब, फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करें. देखिए मनी से जुड़ी लेटेस्ट खबरें.

First published: September 4, 2019, 8:46 PM IST
Loading...
पूरी ख़बर पढ़ें अगली ख़बर
Loading...