एफडी कराने वालों के लिए खुशखबरी! जानें नए नियम के बारे में सबकुछ

एफडी कराने वालों के लिए खुशखबरी! जानें नए नियम के बारे में सबकुछ
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एक्सपर्ट्स कहते हैं कि अगर आप 5 लाख रुपये की एफडी कराते है और उस पर 8 फीसदी की दर से ब्याज मिलता है, तो अब नए नियम के बाद आपके ब्याज पर TDS नहीं काटा जाएगा.

  • News18Hindi
  • Last Updated: February 13, 2019, 3:45 PM IST
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बैंक की फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) कराने वालों को अब बड़ा फायदा मिलेगा. एक फरवरी को पेश हुए अंतिरम बजट में वित्त मंत्री पीयूष गोयल ने फिक्स्ड डिपॉजिट से 40,000 रुपये तक की ब्याज आय को टैक्स दायरे से बाहर कर दिया है. मतलब साफ है कि 40 हजार रुपये तक की ब्याज आय टीडीएस के दायरे से बाहर है, अभी यह सीमा 10 हजार रुपये तय है. आपको बता दें कि फिलहाल ब्याज पर TDS की दर 10 फीसदी है, यानी एफडी के मुनाफे पर आपको 10 फीसदी टैक्स देना होता है.

सवाल: कितने लाख की एफडी करने पर ब्याज पर लगने वाले TDS में छूट मिलेगी?
जवाब: एक्सपर्ट्स कहते हैं कि अगर आप 5 लाख रुपये की एफडी कराते है और उस पर 8 फीसदी की दर से ब्याज मिलता है, तो अब नए नियम के बाद आपके ब्याज पर TDS नहीं काटा जाएगा.

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सवाल: बजट के उठाए इस कदम से क्या मेरी एफडी के ब्याज पर असर होगा?


जवाब: नहीं! बजट में टीडीएस से छूट की रकम को बढ़ाकर चार गुना कर दिया गया है. अब जमाकर्ता बैंक और पोस्ट ऑफिस में जमा रकम पर 40,000 रुपये का ब्याज बगैर टीडीएस के हासिल कर सकते हैं. माना जा रहा है कि टीडीएस के नियम में इस बदलाव के बाद बैंक और पोस्ट ऑफिस की डिपॉजिट स्कीमों का आकर्षण बढ़ जाएगा.

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सवाल:  अगर कोई सीनियर सिटीजन अब एफडी कराता है तो क्या होगा?  
जवाब: एक्सपर्ट्स बताते हैं कि टीडीएस के नियमों में बदलाव का सबसे ज्यादा फायदा बुजुर्गों (सीनियर सिटीजन) को मिलेगा. खासकर ऐसे बुजुर्गों को मिलेगा जिनकी आय टैक्स योग्य नहीं है. ऐसे बुजुर्ग अगर टैक्स छूट के लिए समय पर फॉर्म नहीं भरते हैं तो ब्याज के रूप में मिलने वाली उनकी रकम पर टीडीएस काट लिया जाता है.

सवाल: सरकार ने क्यों उठाया ये कदम?
जवाब: एक्सपर्ट्स कहते हैं कि आज भी कई लोगों को बैंकों की फिक्स्ड डिपॉजिट स्कीमों पर ज्यादा भरोसा होता है. वे इसे ज्यादा सुरक्षित मानते हैं. वे सरकारी बैंकों को एफडी स्कीमों में पैसा रखना पसंद करते हैं. टीडीएस के नियम में बदलाव से फिक्स्ड डिपॉजिट स्कीम में ऐसे लोगों की दिलचस्पी बढ़ जाएगी.

इस वित्त वर्ष में 18 जनवरी तक बैंकों ने 7.5 लाख करोड़ रुपये का लोन दिया है. इसके मुकाबले उनके पास सिर्फ 5.6 लाख करोड़ रुपये का डिपॉजिट आया है. इसकी बड़ी वजह यह है कि लोगों का रुझान म्यूचुअल फंड की स्कीमों में बढ़ा है. इसके अलावा सर्कुलेशन में करेंसी बढ़ी है.

वित्त मंत्री  गोयल ने इनकम टैक्स एक्ट के सेक्शन 194ए में संशोधन का प्रस्ताव पेश किया है. सेक्शन 194ए के तहत बैंक और पोस्ट ऑफिस में डिपॉजिट से मिलने वाला ब्याज 10,000 रुपये से ज्यादा होने पर टीडीएस काटने के बाद जमाकर्ता को ब्याज का भुगतान किया जाता है. इस पर 10 फीसदी TDS काटा जाता है. इसके जमाकर्ता को मिलने वाला असल रिटर्न घट जाता है.
First published: February 2, 2019, 6:30 PM IST
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