बिजली-पानी बिल और शादी के इन खर्चों पर सितंबर से चुकाना पड़ सकता हैं 5% TDS!

अगर आप किसी एक ठेकेदार को शादी के आयोजन के लिए 50 लाख रुपए से ज्यादा ठेका दे रहे हैं. ऐसे में आपको इस ट्रांजेक्शन में पांच फीसदी का टीडीएस देना पड़ेगा. आइए जानें पूरा मामला...


Updated: July 9, 2019, 4:00 PM IST
बिजली-पानी बिल और शादी के इन खर्चों पर सितंबर से चुकाना पड़ सकता हैं 5% TDS!
बिजली-पानी बिल और शादी के इन खर्चों पर सितंबर से चुकाना पकड़ सकता हैं 5% TDS!

Updated: July 9, 2019, 4:00 PM IST
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के ने बजट में इनकम टैक्स की दरों में कोई बदलाव नहीं किया है. लेकिन, टैक्स का दायरा बढ़ाने के लिए ठेकेदारों और अन्य चीज़ों पर टीडीएस बढ़ा दिया है. बजट प्रस्ताव के मुताबिक 50 लाख रुपए सालाना से अधिक का भुगतान करने वाले व्यक्ति के लिए पांच फीसदी की दर से टीडीएस देना जरूरी कर दिया है. वहीं, अब प्रॉपर्टी पर लगने वाले टीडीएस के प्रोसेस को भी जल्द ही बदला जा सकता है. प्रॉपर्टी खरीदते वक्त क्लब मेंबरशिप फीस, कार पार्किंग, बिजली और पानी बिल, मेंटनेंस फीस और एडवांस फीस को मूल फीस में जोड़ा जाएगा. इसके बाद प्रॉपर्टी में टीडीएस तय होगा. माना जा रहा है कि ये संशोधन 1 सितंबर 2019 से लागू हो सकता हैं. मतलब साफ है कि मौजूदा समय में प्रॉपर्टी में लगने वाले टीडीएस को जोड़ते वक्त इन सभी चार्जेस को हटा दिया जाता है. केवल प्रॉपर्टी की कीमत के आधार पर टीडीएस लगाया जाता है. वहीं, अगर आप किसी एक ठेकेदार को शादी के आयोजन के लिए 50 लाख रुपए से ज्यादा ठेका दे रहे हैं. ऐसे में आपको इस ट्रांजेक्शन में पांच फीसदी का टीडीएस देना पड़ेगा.

ऐसा क्यों- टैक्स एक्सपर्ट गौर चड्ढा ने न्यूज18 हिंदी को बताया कि प्रॉपर्टी बिक्री पर टीडीएस की कैल्यूलेशन में सभी चार्जेस को शामिल करने से टैक्स डिपार्टमेंट के पास प्रॉपर्टी सेल्स की रकम से जुड़ी ज्यादा से ज्यादा सही जानकारी पहुंच सकेगी. टीडीएस से बचने के लिए बिल्डर कुछ रकम अलग-अलग चार्जेस के तौर पर लेते हैं. इससे टैक्स विभाग को प्रॉपर्टी की असल कीमत पता नहीं चल पाती. स्क्रूटिनी में आने पर ही इसका पता चल पाता है.

शादी के इन खर्चों पर सितंबर से चुकाना पकड़ सकता हैं 5% TDS!


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शादी और इन सभी चीजों पर देना होगा TDS- आपको बता दें कि बजट प्रस्ताव के मुताबिक वह व्यक्ति या हिंदू संयुक्त परिवार (एचयूएफ) जो 50 लाख रुपए से ज्यादा पेमेंट किसी प्रोफेशनल और कॉन्ट्रेक्टर को देते हैं, उसे पांच फीसदी टीडीएस देना होगा.अगर आप किसी एक ठेकेदार को घर की मरम्मत, शादी के आयोजन के लिए 50 लाख रुपए से ज्यादा ठेका दे रहे हैं. ऐसे में आपको इस ट्रांजेक्शन में पांच फीसदी का टीडीएस देना पड़ेगा.

क्या होता है TDS- आमतौर पर टीडीएस का नाम सुनते ही कई लोगों की परेशानियां बढ़ सकती हैं. लेकिन आपको बता दें कि टीडीएस शुरू करने का मकसद था सोर्स पर ही टैक्स काट लेना. अगर किसी की कोई आमदनी होती है तो उस आमदनी से टैक्स काटकर व्यक्ति को बाकी रकम दी जाए तो टैक्स के रूप में काटी गई रकम को टीडीएस कहते हैं. केंद्र सरकार टीडीएस के जरिए टैक्स के तौर पर अपना राजस्व बढाती है. यह अलग-अलग तरह के आय सॉर्स पर काटा जाता है जैसे सैलरी, किसी निवेश पर मिले ब्याज या कमीशन इत्यादि पर.

(1) अगर आसान शब्दों में समझें तो आप भारतीय हैं और आपने डेट म्यूचुअल फंड्स में निवेश किया तो इस पर जो आय प्राप्त हुई उस पर कोई टीडीएस नहीं चुकाना होगा लेकिन अगर आप एनआरआई (अप्रवासी भारतीय) हैं तो इस फंड से हुई आय पर आपको टीडीएस देना होगा.
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(2) जो पेमेंट कर रहा है टीडीएस सरकार के खाते में जमा करने की जिम्मेदारी भी उसकी होगी. टीडीएस काटने वालों को डिडक्टर कहा जाता है. वहीं जिसे टैक्स काट के पेमेंट मिलती है उसे डिडक्टी कहते हैं.

(3) TDS की पूरी जानकारी फार्म 26AS में एक टैक्स स्टेटमेंट के तौर पर दिखाई जाती है कि काटा गया टैक्स और व्यक्ति के नाम या पैन में जमा किया गया है. हर डिडक्टर को टीडीएस सर्टिफिकेट जारी करके ये बताना भी जरूरी है कि उसने कितना टीडीएस काटा और सरकार को जमा किया.

सॉर्स: मनीकंट्रोल डॉट कॉम

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First published: July 9, 2019, 3:00 PM IST
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