अमेरिका की वजह से चीन को लगा 29 साल का बड़ा झटका! 1990 के निचले स्तर पर आई GDP ग्रोथ

चीन की आर्थिक ग्रोथ 1990 के बाद से सबसे ज्यादा कमजोर हुई.
चीन की आर्थिक ग्रोथ 1990 के बाद से सबसे ज्यादा कमजोर हुई.

चीन के नेशनल ब्यूरो ऑफ स्टैटिस्टिक्स की ओर से जारी आंकड़ों में बताया गया हैं कि दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था ने 1990 के बाद से सबसे खराब प्रदर्शन किया है.

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  • Last Updated: January 17, 2020, 12:20 PM IST
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नई दिल्ली. अमेरिका के साथ लंबे समय से चल रही 'ट्रेड वॉर' (Trade War) की वजह से चीन की जीडीपी विकास दर 29 साल के निचले स्तर पर आ गई है. नेशनल ब्यूरो ऑफ स्टैटिस्टिक्स ने चीन की अर्थव्यवस्था से संबंधित आंकड़े जारी किए हैं. इन आंकड़ों के मुताबिक, चीन की सकल घरेलू उत्पाद यानी GDP विकास दर 2019 में 6.1 प्रतिशत रही जो कि पिछले तीन दशक में सबसे कम है. चीन के नेशनल ब्यूरो ऑफ स्टैटिस्टिक्स की ओर से जारी आंकड़ों में बताया गया हैं कि दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था ने 1990 के बाद से सबसे खराब प्रदर्शन किया है. अर्थशास्त्रियों का कहना है कि कमजोर घरेलू मांग और अमेरिका के साथ व्यापार युद्ध के कारण चीन की अर्थव्यवस्था को सबसे बड़ा झटका लगा है.

आपको बता दें कि अमेरिका और चीन के बीच गुरुवार को एक आंशिक व्यापार समझौता हुआ है जिस पर अंतरराष्ट्रीय बाज़ार का साकारात्क रूख़ देखने को मिला है. पहले चरण की ट्रेड वॉर डील के तहत अब दोनों देश एक दूसरे पर अतिरिक्त आयात शुल्क नहीं लगाएंगे.

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ट्रेड वॉर पर हुई डील से मिलेगी दुनिया की अर्थव्यवस्थाओं को राहत
>> ट्रेड वॉर की वजह से देश के कमजोर आर्थिक हालात तेजी से बिगड़े हैं. इससे दोनों देशों के बीच व्यापारिक रिश्ते सुधरने की उम्मीद है. दोनों देशों के बीच व्यापार युद्ध से करीब 500 अरब डॉलर के उत्पादों का व्यापार प्रभावित हो रहा है.

>> अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और चीन के उप प्रधानमंत्री लियू हे ने एक विशेष समारोह में इस समझौते पर हस्ताक्षर किए.

>> हे इस समझौते के लिए चीन की तरफ से मुख्य वार्ताकार थे. समझौते पर हस्ताक्षर के बाद चीन के मीडिया को संबोधित करते हुए हे ने कहा कि पहले चरण के समझौते में दोनों तरफ की साझा चिंताओं का उपयुक्त समाधान किया गया है.

>> संयुक्त राष्ट्र के एक अध्ययन में कहा गया है कि कुछ अन्य उभरते देशों में जीडीपी (सकल घरेलू उत्पाद) वृद्धि दर में इस साल कुछ तेजी आ सकती है.पिछले साल वैश्विक आर्थिक वृद्धि दर सबसे कम 2.3 प्रतिशत रहने के बाद संयुक्त राष्ट्र ने यह बात कही.

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>> भारत के बारे में रिपोर्ट में कहा गया है कि चालू वित्त वर्ष में आर्थिक वृद्धि दर 5.7 प्रतिशत रह सकती है. हालांकि डब्ल्यूईएसपी 2019 में इसके 7.6 प्रतिशत रहने का अनुमान जताया गया था.
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