सूरत के इस कारोबारी की 6,000 गाड़ियां हुई जब्त, जानिए पूरा मामला

गुजरात के सूरत शहर की बड़ी कंपनी सिद्धि विनायक लॉजिस्टिक्स लिमिटेड (एसवीएलएल) के निदेशक रूपचंद बैद की 6000 से ज्यादा गाड़ियां प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने ज़ब्त कर ली है.

पीटीआई
Updated: June 19, 2019, 11:20 AM IST
सूरत के इस कारोबारी की 6,000 गाड़ियां हुई जब्त, जानिए पूरा मामला
गुजरात के सूरत शहर की बड़ी कंपनी सिद्धि विनायक लॉजिस्टिक्स लिमिटेड (एसवीएलएल) के निदेशक रूपचंद बैद की 6000 से ज्यादा गाड़ियां प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने ज़ब्त कर ली है.
पीटीआई
Updated: June 19, 2019, 11:20 AM IST
गुजरात के सूरत शहर की बड़ी कंपनी सिद्धि विनायक लॉजिस्टिक्स लिमिटेड (एसवीएलएल) के निदेशक रूपचंद बैद की 6000 से ज्यादा गाड़ियां प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने ज़ब्त कर ली है. एसवीएलएल के मालिक पर बैंक कर्ज धोखाधड़ी और मनी लॉन्ड्रिंग मामले में कार्रवाई हुई है. इसीलिए जांच एजेंसी ने करीब 1,610 करोड़ रुपये की 6,000 से अधिक गाड़ियां कुर्क की हैं. ईडी ने सिद्धि विनायक लॉजिस्टिक्स लिमिटेड (एसवीएलएल) और उसके निदेशक रूपचंद बैद के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग निरोधक कानून (पीएमएलए) के तहत संपत्ति कुर्क करने के लिए अस्थायी आदेश जारी किया है. इसको लेकर ईडी की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि फर्जी दस्तावेज के आधार पर कर्मचरियों और चालकों के नाम पर कर्ज लिए गए. बैद ने संबंधित इकाइयों के विभिन्न खातों के जरिये रकम को ठिकाने लगाया.

क्या है मामला- बैंक आफ महाराष्ट्र के कर्ज धोखाधड़ी मामले में गलत तरीके से अर्जित 836.29 करोड़ रुपये की ब्लैकमनी को सफेद करने के मामले में कथित भूमिका को लेकर रूपचंद बैद को इससे पहले गिरफ्तार भी किया था. हालिया आदेश के तहत 1,609.78 करोड़ की 6,170 गाड़िया  कुर्क की गई हैं.

>> केंद्रीय जांच एजेंसी ने इससे पहले जून 2017 में 19 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति कुर्क की थी.

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>> ईडी ने बताया कि उसने सीबीआई की एफआईआर के आधार पर कंपनी और उसके निदेशकों के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग का केस दर्ज किया है.

>> ईडी के अनुसार बैंकों से ‘चालक से मालिक’ जैसी विभिन्न योजनाओं के तहत कर्ज लिए गए. इसमें कर्ज कंपनी के चालकों और कर्मचारियों के नाम पर पुराने और नए वाहनों की खरीद को लेकर लिए गए.

>> जांच एजेंसी ने कहा कि कर्ज का इस्तेमाल उस काम के लिए नहीं किया गया, जिसके लिए वह लिया गया था.
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>>इसे संबंधित इकाइयों और एसवीएलएल के खातों के जरिये ठिकाना लगाया गया और बाद में व्यक्तिगत लाभ, कंपनी खर्च और पुराने कर्ज के भुगतान में उसका उपयोग किया गया.

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First published: June 19, 2019, 11:16 AM IST
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