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चीन की जानलेवा बीमारी कोरोनावायरस से सोने की कीमतों में आई तेजी, जानिए नए रेट्स

News18Hindi
Updated: January 27, 2020, 4:15 PM IST
चीन की जानलेवा बीमारी कोरोनावायरस से सोने की कीमतों में आई तेजी, जानिए नए रेट्स
घरेलू बाजार में सोने की कीमतें बढ़ गई हैं.

चीन में फैली जानलेवा बीमारी कोरो नावायरस (China Carnivorous) का असर अब दुनिया पर दिखने लगा है. शेयर बाजार की गिरावट के चलते दुनियाभर के निवेशकों ने सोने की रुख किया है. इसीलिए घरेलू बाजार में सोने 9Gold Rate on 27th January) की कीमतें बढ़ गई हैं.

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  • Last Updated: January 27, 2020, 4:15 PM IST
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नई दिल्ली. चीन में फैली जानलेवा बीमारी कोरोना वायरस (China Carnivorous) का असर अब दुनिया पर दिखने लगा है. शेयर बाजार की गिरावट के चलते दुनियाभर के निवेशकों ने सोने (Gold Price Surge) की रुख किया है. इसीलिए घरेलू बाजार में सोने की कीमतें बढ़ गई हैं. दिल्ली के सर्राफा बाजार में 10 ग्राम सोने (Gold-Silver Price Today) के 133 रुपये तक बढ़ गए हैं. वहीं, इस दौरान चांदी की कीमतों में भी तेजी आई है. एक किलोग्राम चांदी के दाम 238 रुपये बढ़ गए.

सोने के नए दाम (Gold Rate on 27th January)- हफ्ते के पहले कारोबारी सत्र में सोने के दाम 41,159 रुपये प्रति दस ग्राम से बढ़कर 41,292 रुपये हो गए है.

अंतरराष्ट्रीय बाजारों में सोने की कीमत 1,578 डॉलर प्रति औंस और चांदी की कीमत 18.15 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गई है.

चांदी के नए दाम (Silver Rate on 27th January)- सोमवार के सत्र में चांदी के दाम 47,039 रुपये प्रति दस ग्राम से बढ़कर 47,277 रुपये हो गए है.

सेफ इन्वेस्टमेंट की डिमांड की वजह से सोने के दाम बढ़ें है.


क्यों महंगा हुआ सोना और चांदी- HDFC सिक्योरिटीज के सीनियर एनालिस्ट (कमोडिटी) तपन पटेल के मुताबिक, अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपये में आई कमजोरी का असर सोने की कीमतों पर पड़ा है.

साथ ही, चीन में तेजी से पैर पसार रही जानलेवा बीमारी कोरोना वायरस से सोने के सेंटीमेंट को बूस्ट करने में मदद मिली है यानी लोग फिर से सेफ इन्वेस्टमेंट की डिमांड की ओर बढ़े है.चीन के कोरोना वायरस से आपका क्या बिगड़ेगा-

चीनी यात्री भारतीय अर्थव्‍यवस्‍था में 76 करोड़ डॉलर का योगदान करते हैं. कोरोनावायरस के कारण चीन से यात्रा करने वालों की संख्‍या में जबरदस्‍त कमी आएगी. इससे सिंगापुर, थाइलैंड और हॉन्‍ग कॉन्‍ग के टूरिज्‍म सेक्‍टर पर सबसे बुरा असर पड़ना तय है. वहीं, भारतीय पर्यटन मंत्रालय (Indian Ministry of Tourism) के अनुसार 2018 में चीन से 2,81,768 यात्री भारत आए थे.

एक अनुमान के मुताबिक, विदेशी यात्री हर यात्रा पर औसतन 2,698 डॉलर (करीब 2 लाख रुपये) खर्च करते हैं. इस तरह चीनी पर्यटक भारतीय अर्थव्‍यवस्‍था में 76 करोड़ डॉलर का योगदान करते हैं.

डीबीएस ग्रुप (DBS Group) की शुक्रवार को जारी रिसर्च रिपोर्ट के मुताबिक, 2002 में जब सार्स फैला था तो चीन, हॉन्‍ग कॉन्‍ग, सिंगापुर और ताइवान में यात्रा, पर्यटन व वाणिज्यिक गतिविधियों में तेजी से गिरावट दर्ज की गई थी.

चीन ने कोरोना वायरस पर काबू पाने तक वन्य जीवों के कारोबार पर रोक लगा दी है


तेल (Crude Oil) की कीमतों में काफी लंबे समय बाद गिरावट आई है. कोरोनावारस के फैलने के साथ कच्‍चे तेल की कीमतों में ये रुझान बने रहने की उम्‍मीद है. यात्रा पाबंदियों का समय बढ़ाए जाने के कारण पिछले सप्‍ताह न्‍यूयॉर्क में फ्यूचर्स में 5.1 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई.

अगर अनुमान के मुताबिक चीन में उपभोग घटता है तो तेल की मांग भी उसी अनुपात में प्रभावित होगी. कच्‍चे तेल की कीमतें पिछले शुक्रवार को लगतार तीसरे सप्‍ताह 2.2 फीसदी की गिरावट के साथ 60.63 डॉलर प्रति बैरल रहीं. इस सप्‍ताह इसकी कीमतों में कुल 7.6 फीसदी और अप्रैल, 2019 से 12 महीनों के लिए करीब 23 फीसदी गिरावट दर्ज की गई.

कच्‍चे तेल की कीमतों में गिरावट का भारत को फायदा मिलेगा. दरअसल, भारत अपनी जरूरत का 80 फीसदी कच्‍चा तेल आयात करता है. कच्‍चे तेल की कीमतों में कमी से भारत में महंगाई और चालू खाता घाटा (Current Account Deficit) नीचे का रुख करेगा.

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First published: January 27, 2020, 4:02 PM IST
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