H-1B वीजा प्रोसेस में होगा बड़ा बदलाव! इस तरह की योग्यता वालों को मिलेंगे नौकरी के ज्यादा मौके

अमेरिका में ट्रंप प्रशासन ने शुक्रवार को H-1बी वीजा के एप्लीकेशन के प्रोसेस में बड़े बदलाव का प्रस्ताव पेश किया है. इन बदलावों के तहत जो सबसे कुशल हों और उनकी सैलरी भी ऊंची हो उन्हें ही वीजा देने में वरीयता दी जाएगी.

News18Hindi
Updated: December 1, 2018, 2:05 PM IST
H-1B वीजा प्रोसेस में होगा बड़ा बदलाव! इस तरह की योग्यता वालों को मिलेंगे नौकरी के ज्यादा मौके
अमेरिका में ट्रंप प्रशासन ने शुक्रवार को H-1बी वीजा के एप्लीकेशन के प्रोसेस में बड़े बदलाव का प्रस्ताव पेश किया है. इन बदलावों के तहत जो सबसे कुशल हों और उनकी सैलरी भी ऊंची हो उन्हें ही वीजा देने में वरीयता दी जाएगी.
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Updated: December 1, 2018, 2:05 PM IST
अमेरिका में ट्रंप प्रशासन ने शुक्रवार को H-1बी वीजा के एप्लीकेशन के प्रोसेस में बड़े बदलाव का प्रस्ताव पेश किया है. इन बदलावों के तहत जो सबसे कुशल हों और उनकी सैलरी भी ऊंची हो उन्हें ही वीजा देने में वरीयता दी जाएगी. शुक्रवार को जारी नए प्रस्तावित योग्यता आधारित नियमों के अनुसार एच-1बी वीजा पर विदेशी कर्मचारियों को नौकरी देने वाली कम्पनियों को निर्धारित पंजीकरण अवधि के दौरान उन्हें अमेरिकी नागरिकता और आव्रजन सेवा (यूएससीआईएस) में इलेक्ट्रॉनिक रूप से पंजीकृत करना होगा.

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इतने हजार लोगों को मिलेगा वीज़ा-एच-1बी वीजा पर हर वित्तीय वर्ष में 65,000 वीजा जारी करने की लिमिट बनाई है. यूएस से ली गई मास्टर की डिग्री या इससे भी ऊंची डिग्री वाले पहले 20,000 याचिका डालने वालों को इस लिमिट से छूट मिलेगी.इससे एच1बी कैप नंबर के लिए अमेरिका के किसी संस्थान से ऊंची डिग्री लेने वाले विदेशी कर्मचारियों को चयन करने की संख्या बढ़ेगी.  प्रस्तावित नियम कुशल लाभार्थियों का चयन करेगा.

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क्या होता है H1-B वीजा- आपको बता दें कि H1-B वीजा (immigrant worker visa) एक तरह की तत्काल सेवा है. 15 दिन के भीतर कुछ हजार डॉलर की फीस देकर अमरीका के लिए वीज़ा मिल जाता है. नए राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इसको अपना चुनावी मुद्दा बनाया था. इसीलिए इसके नियम लगातार सख्त होते जा रहे है. यह पूरी दुनिया के लिए होता है, लेकिन इसमें भारतीयों का दबदबा है. एक रिपोर्ट के मुताबिक, 60 प्रतिशत से अधिक भारतीय इस वीजा का फायदा उठाते हैं. इसकी मुख्य वजह उनकी कुशलता और अपेक्षाकृत कम वेतन पर काम करना  है.

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अब आगे क्या-
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(1)
डिपार्टमेंट ऑफ होमलैंड सिक्योरिटी ने कहा है कि इस प्रस्तावित नियम में बदलाव करने के सुझाव या टिप्पणी 3 दिसंबर से 2 जनवरी तक भेजा जा सकता है.

(2) इस प्रस्तावित नियम के तहत यूएससीआईएस एच1बी कैप के तहत पहले याचिकाएं लेगा. पर्याप्त रजिस्ट्रेशन होने के बाद उन्नत डिग्रीयों वाली याचिकाओं को वरीयता दी जाएगी. इससे कुशल और ज्यादा कमाने वाले प्रोफेशनल्स को वरीयता मिलेगी. इससे ऐसे प्रोफेशनल्स की संख्या में भी 16 प्रतिशत की वृद्धि आएगी.

(3) इलेक्ट्रॉनिक तरीके से रजिस्ट्रेशन करने की प्रक्रिया अपनाने पर यूएससीआईएस ने कहा कि इससे एच-1बी कैप पेटिशन प्रोसेस में याचिकाकर्ताओं की कुल लागत कम आएगी.

(4) नए प्रस्ताव से यूएससीआईएस को बहुत आराम हो जाएगा. इससे एजेंसी को कैप सेलेक्शन प्रोसेस शुरू करने से पहले मैनुअली हजारों याचिकाओं और संबंधित दस्तावेजों पर काम नहीं करना पड़ेगा.
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