अब देश के इस शहर में घर खरीदना है सबसे आसान, RBI ने दी जानकारी

RBI की ओर किए गए सर्वे में कई बड़े खुलासे हुए है. सर्वे के मुताबिक, अलग- अलग शहरों की बात की जाए, तो मुंबई में घर खरीदना सबसे मुश्किल है.

News18Hindi
Updated: July 12, 2019, 10:02 AM IST
अब देश के इस शहर में घर खरीदना है सबसे आसान, RBI ने दी जानकारी
RBI की रिपोर्ट बताती है कि मुंबई में घर खरीदना सबसे ज्यादा मुश्किल है.
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Updated: July 12, 2019, 10:02 AM IST
पिछले चार साल के दौरान देश में घर खरीदना और मुश्किल हो गया है. रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) की ओर से जारी सर्वे में कहा गया है कि चार साल के दौरान आम लोगों की पहुंच से घर काफी दूर हुए हैं. सर्वे के मुताबिक, मुंबई में घर खरीदारों की पहुंच से सबसे अधिक दूर हुए हैं. RBI ने जुलाई, 2010 से तिमाही आधार पर 13 शहरों में चुनिंदा बैंकों और हाउसिंग फाइनेंस कंपनियों द्वारा दिए गए हाउसिंग लोन पर आवासीय संपत्ति मूल्य निगरानी सर्वे (आरएपीएमएस) किया है. आपको बता दें कि  अलग- अलग शहरों की बात की जाए, तो मुंबई में घर खरीदना सबसे मुश्किल और भुवनेश्वर में सबसे आसान है.

क्या कहता है सर्वे-सर्वे के मुताबिक, अन्य शहरों की तुलना में मुंबई, पुणे और अहमदाबाद ने अधिक ऊंचा औसत ईटीआई दर्ज किया. इसका मतलब है इन शहरों में आम आदमी के लिए घर खरीदना मुश्किल हो गया है. यह अध्ययन मुंबई, चेन्नई, दिल्ली, बेंगलुरु, हैदराबाद, कोलकाता, पुणे, जयपुर, चंडीगढ़, अहमदाबाद, लखनऊ, भोपाल और भुवनेश्वर में किया गया.



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Latest Housing affordability worsened over past four years finds RBI survey
RBI के सर्वे में हुए बड़े खुलासे


आम आदमी के पहुंच से दूर हुआ घर खरीदना-रिजर्व बैंक ने सर्वे जारी करते हुए कहा, ‘पिछले चार साल में घर लोगों की पहुंच से दूर हुए हैं. इस दौरान घरों की कीमतों से आय (एचपीटीआई) अनुपात मार्च, 2015 के 56.1 से बढ़कर मार्च, 2016 में 61.5 हो गया है. यानी आय की तुलना में मकानों की कीमत ज्यादा बढ़ी है. अलग- अलग शहरों की बात की जाए, तो मुंबई में घर खरीदना सबसे मुश्किल और भुवनेश्वर में सबसे आसान है.

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सर्वे कहता है कि इस दौरान औसत ऋण से आय (एलटीआई) अनुपात भी मार्च, 2015 के 3 से मार्च, 2019 में 3.4 हो गया है, जो घर के लोगों की पहुंच से दूर होने की पुष्टि करता है. सर्वे में कहा गया है कि औसत ऋण से मूल्य (एलटीवी) अनुपात 67.7 से 69.6 प्रतिशत हो गया है, जो दर्शाता है कि बैंक अब अधिक जोखिम उठाने लगे हैं. एलटीवी से तात्पर्य आवास ऋण पर ऋण जोखिम से है.
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