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चीन के खिलाफ भारत को बड़ी सफलता! इस प्लान से चीन में बढ़ा 31 फीसदी एक्सपोर्ट

चीन के खिलाफ भारत को बड़ी सफलता! इस प्लान से चीन में बढ़ा 31 फीसदी एक्सपोर्ट
चीन के खिलाफ भारत को बड़ी सफलता! इस प्लान से चीन में बढ़ा 31 फीसदी एक्सपोर्ट

भारत को एक्सपोर्ट के मोर्चे पर बड़ी सफलता मिली है. भारत में चीन से होने वाला आयात कम हो गया है. वहीं, भारत का चीन को एक्सपोर्ट 31 फीसदी बढ़ा है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: April 13, 2019, 2:11 PM IST
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चीन और भारत एशिया की दो सबसे बड़ी आर्थिक महाशक्ति है, लेकिन आपसी व्यापार के मामले में चीन का पलड़ा भारी है. CNBC TV18 के मुताबिक, भारत को एक्सपोर्ट के मोर्चे पर बड़ी सफलता मिली है. भारत में चीन से होने वाला आयात कम हो गया है. वहीं, भारत का चीन को एक्सपोर्ट 31 फीसदी बढ़ा है. ऐसे में भारत का चीन के साथ व्यापार घाटा 70 हजार करोड़ रुपये घटकर अब 3.7 लाख करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया है. भारत को यह सफलता अमेरिका और चीन के बीच जारी ट्रेड वार की वजह से मिली है.

भारत ने बढ़ाया चीन को एक्सपोर्ट- मार्च में खत्म हुए पिछले वित्त (2018-19) के प्रोविजनल आंकड़ों के मुताबिक, भारत का चीन को एक्सपोर्ट 31 फीसदी बढ़कर 1.2 लाख करोड़ रुपये पहुंच गया.

>> वहीं, चीन से भारत को होने वाले आया में 8 फीसदी की गिरावट आई है. यह गिरकर 4.8 लाख करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया है.



>> भारत से चीन को ऑर्गेनिक केमिकल्स, प्लास्टिक रॉ मैटेरियल, कॉटन यार्न के निर्यात से भारत को व्यापार घाटे को कम करने में कामयाबी हासिल हुई है. (ये भी पढ़ें-चीन को 17 साल में लगा सबसे बड़ा झटका! तेजी से लोग हो रहे है बेरोज़गार)
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>>  भारत, चीन को गैर-बासमती चावल जैसे कृषि सामानों का निर्यात करने में कामयाब रहा है.

>> इसके अलावा कृषि उत्पादों, पशु चारा, तिलहन, दूध और दूध से बने प्रोडेक्ट और औषधि की डिमांड बढ़ी है.

कॉमर्स मिनिस्ट सुरेश प्रभु ने ट्विट कर चीन के साथ व्यापार घाटे को कम करने के लिए अपनी स्ट्रैटेजी की जानकारी दी है. उन्होंने बताया कि एक्सपोर्ट बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है.  मंत्रालय की कोशिश है कि चीनी कंपनियां भारत में निवेश के लिए ज्यादा से ज्यादा आकर्षित हो.



इस वजह से चीन को बढ़ा एक्सपोर्ट
>> अमेरिका और चीन के बीच लंबे समय से 'ट्रेड वॉर' जारी है.
>> इस मौका का फायदा उठाकर कॉमर्स मिनिस्ट्री ने नई स्ट्रैटेजी बनाई.
>> मिनिस्ट्री ने पाया कि भारत में बने 603 सामानों की चीन में बड़ी डिमांड है.
>> इसे लेकर मंत्रालय ने सभी औद्योगिक संगठनों से ऐसे वस्तुओं की सूची तैयार करने को कहा था जिसकी मांग चीन में हो.

ये भी पढ़ें-IMF की पाकिस्तान समेत इन देशों को चेतावनी, कहा-चीन का कर्ज़ बेहद खतरनाक

दोनों देशों की अर्थव्यवस्था
चीन की अर्थव्यवस्था का आकार 11.5 ट्रिलियन डॉलर का है, जबकि भारत का चीन के मुकाबले पांच गुना छोटा है. भारत की अर्थव्यवस्था 3 ट्रिलियन डॉलर की है. प्रोफ़ेसर दीपक ने कहा, चीन और जापान के बीच 300 बिलियन डॉलर का व्यापार है. दोनों में इस कदर दुश्मनी है फिर भी युद्ध नहीं होता है. इसकी वजह व्यापार का आकार है. इस मामले में भारत कहीं नहीं ठहरता है.

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चीन का दुनिया के आर्थिक विकास में 33 फीसदी योगदान है. अमेरिका के साथ चीन का सालाना व्यापार 429 बिलियन डॉलर का है. ऐसे में भारत से चीन का 70 बिलियन डॉलर का व्यापार कहीं ठहरता नहीं है. अगर 11.5 ट्रिलियन डॉलर से भारत का छोटा हिस्सा निकल भी जाए तो चीन को कई फर्क नहीं पड़ेगा.

 
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