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आज एक दूसरे की शक्ल तक नहीं देखते ये दोस्त! कभी मिलकर शुरू की थी देश की सबसे बड़ी एयरलाइंस कंपनी

 कंपनी के फाउंडर और प्रमोटर्स राहुल भाटिया-राकेश गंगवाल में मतभेद और बढ़ गए हैं

कंपनी के फाउंडर और प्रमोटर्स राहुल भाटिया-राकेश गंगवाल में मतभेद और बढ़ गए हैं

मुंबई में होने वाली इंडिगो की पेरेंट कंपनी इंटरग्लोब एविएशन की जनरल मीटिंग में प्रमोटर राकेश गंगवाल शामिल नहीं हो रहे हैं. ऐसे में फिर से मीडिया में इन दोनों के बीच की टेंशन को लेकर चर्चाएं तेज हो गई है. इसी का असर कंपनी के शेयर पर भी दिख रहा हैं.

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    नई दिल्ली. देश में सस्ता हवाई सफर कराने वाली कंपनी इंडिगो एयरलाइंस (Indigo Airlines) में इन दिनों कुछ भी अच्छा नहीं चल रहा हैं. कंपनी के फाउंडर और प्रमोटर्स (Inter globe Aviation Founder) राहुल भाटिया-राकेश गंगवाल में मतभेद और बढ़ गए हैं. दरअसल, मुंबई में होने वाली इंडिगो की पेरेंट कंपनी इंटरग्लोब एविएशन (Inter globe Aviation) की जनरल मीटिंग में प्रमोटर राकेश गंगवाल शामिल नहीं हो रहे हैं. ऐसे में फिर से मीडिया में इन दोनों के बीच की टेंशन को लेकर चर्चाएं तेज हो गई है. इसी का असर कंपनी के शेयर पर भी दिख रहा हैं. आपको बता दें कि  साल 2003-04 में राकेश गंगवाल और राहुल भाटिया ने साथ में मिलकर इंडिगो एयरलाइन लॉन्च की. इसके बाद दोनों की मेहनत के दम पर इंडिगो ने भारत के बड़े मार्केट शेयर पर कब्जा कर नंबर-1 बन गई.

    अब एक दूसरे की शक्ल तक नहीं देखते दोनों प्रमोटर्स-

    मीडिया रिपोर्ट्स में बताया जा रहा हैं कि ईजीएम में प्रमोटर्स के हिस्से को बेचने और खरीदने पर फैसला हो सकता हैं. CNBC TV18 की खबरों के मुताबिक, इस बैठक में राकेश गंगवाल शामिल नहीं हो रहे है.

    ऐसे शुरू हुई दोनों के बीच टेंशन

    आपको बता दें कि विदेशों में टॉप एविएशन प्रफेशनल्स का बड़ा नेटवर्क रखने वाले राकेश गंगवाल ने इंडिगो के विदेशी बाजारों में विस्तार करने के बारे में सोचना शुरू कर दिया.इसी दौरान पिछली गर्मियों में इंडिगो के प्रेजिडेंट आदित्य घोष ने कंपनी छोड़ दी थी.

    इससे पहले इंडिगो के मुख्य कॉमर्शियल और नेटवर्क चीफ संजय कुमार ने भी कंपनी को बाय-बाय बोल दिया था.इसके बाद इंडिगो में कई टॉप पॉजिशन खाली हो गई.इसी मुद्दे पर दोनों दोस्तों के बीच तकरार शुरू हो गई. दोनों में मैनेजमेंट कंट्रोल को लेकर विवाद बना हुआ है.

    रजत भाटिया, एविएशन कंपनी इंडियो के फाउंडर


    दमदार प्रदर्शन के दम पर नंबर-1 हैं इंडिगो

    इंटरग्लोब एविएशन (इंडिगो) का मुनाफा अक्टूबर-दिसंबर तिमाही में 167.9 फीसदी बढ़कर 496 करोड़ रुपए पहुंच गया. 2018 की दिसंबर तिमाही में 185.2 करोड़ रुपए का मुनाफा हुआ था.आय 25.5% बढ़कर 10,330.2 करोड़ रुपए रही. 2018 की दिसंबर तिमाही में 8,229.3 करोड़ थी. कंपनी ने सोमवार को तिमाही नतीजे घोषित किए. दिसंबर तिमाही में एयरलाइन ने 12 एयरक्राफ्ट जोड़े. इंडिगो 23 विदेशी उड़ानों समेत कुल 84 शहरों के लिए उड़ानें संचालित कर रही है.

    इंडिगो के सफर की कहानी-

    दोनों दोस्तों ने मिलकर शुरू की थी कंपनी-इंडिगो एयरलाइंस के राहुल भाटिया ने कनाडा से इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग की डिग्री ली और भारत लौटकर परिवार के बिजनेस में शामिल हो गए.

    सन 1991 में पार्टनर्स ने इस कंपनी पर कब्जा कर लिया और पिता-पुत्र को बाहर का रास्ता दिखा दिया. अपनी डिग्री के दम पर राहुल ने आईटी कंपनी इंटरग्लोब शुरू की.



    लंबे समय तक इस क्षेत्र में काम करने के बाद उन्होंने अपने गहरे दोस्त राकेश गंगवाल से एक एयरलाइन शुरू करने की बात की. काफी सोच-विचार के बाद 2004 में एयरलाइन लाइसेंस के लिए अर्जी दे दी गई और इंडिगो एयरलाइन की नींव पड़ी.

    2004 में लाइसेंस हासिल करने के बाद 2006 तक यह कंपनी उड़ान नहीं भर पाई थी. उस दौर में एविएशन फ्यूल की कीमतें आसमान पर थीं. इंडस्ट्री को लीड करने वाली किंगफिशर, स्पाइस जेट और जेट तक दिक्कत का सामना कर रही थीं.

    सन 2005 के ऐसे विपरीत माहौल में इस कंपनी ने पेरिस एअर शो में 100 विमानों की शॉपिंग की. जेब में केवल 100 करोड़ रुपए थे. यहां राकेश गंगवाल की साख काम आई जो 35 साल से एयरलाइन बिजनेस में इज्जत कमा चुके थे.

    एयरबस ने तमाम शर्तें मानते हुए इतने कम एडवांस पर बड़ा ऑर्डर स्वीकारा था. पहले विमान की डिलिवरी 28 जुलाई 2006 को मिली और 4 अगस्त 2006 से कंपनी ने अपनी उड़ान शुरू की.

    साल 2007 तक 15 विमान का बेड़ा इनके पास था. 2010 तक मार्केट शेयर 17.3 प्रतिशत हो चुका था और एयर इंडिया को पीछे कर यह तीसरी बड़ी कंपनी बन चुकी थी.

    2011 में कंपनी ने तब चौंकाया जब एअरबस को 180 विमानों का ऑर्डर दिया. इसी साल इंटरनेशनल फ्लाइट्स भी शुरू कर दीं.

    कंपनी का 3200 करोड़ रुपए का आईपीओ आया और यह आगे बढ़ती चली गई. जनवरी 2019 में भारत में मार्केट शेयर 42.5 प्रतिशत है. इसके बेड़े में कई प्लेन हैं.

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