अर्थव्यवस्था को मिलेगा बूस्ट: सवा साल में सबसे कम हुई महंगाई, ग्रोथ ने पकड़ी रफ्तार

अर्थव्यवस्था को मिलेगा बूस्ट: सवा साल में सबसे कम हुई महंगाई, ग्रोथ ने पकड़ी रफ्तार
देश की अर्थव्यवस्था को बूस्ट देने वाले दो आंकड़े सामने आए है. नवंबर महीने में रिटेल महंगाई दर में गिरावट देखने को मिली है. नवंबर में रिटेल महंगाई 2.3 फीसदी पर आ गई है जो अक्टूबर में 3.3 फीसदी थी.

देश की अर्थव्यवस्था को बूस्ट देने वाले दो आंकड़े सामने आए है. नवंबर महीने में रिटेल महंगाई दर में गिरावट देखने को मिली है. नवंबर में रिटेल महंगाई 2.3 फीसदी पर आ गई है जो अक्टूबर में 3.3 फीसदी थी.

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  • Last Updated: December 12, 2018, 7:15 PM IST
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देश की अर्थव्यवस्था को बूस्ट देने वाले दो आंकड़े सामने आए है. नवंबर महीने में रिटेल महंगाई दर में गिरावट देखने को मिली है. नवंबर में रिटेल महंगाई 2.3 फीसदी पर आ गई है जो अक्टूबर में 3.3 फीसदी थी. महीने दर महीने आधार नवंबर में खाद्य महंगाई दर -0.86 फीसदी से घटकर -2.61 फीसदी पर रही है.

नवंबर में कोर महंगाई 6.2 फीसदी से घटकर 5.8 फीसदी पर रही है. बता दें कि महंगाई दर 16 महीने में सबसे कम है. वहीं, अक्टूबर महीने में ग्रोथ के मोर्चे पर राहत की खबर आई है. अक्टूबर में आईआईपी ग्रोथ 8.1 फीसदी रही है जबकि सितंबर में आईआईपी ग्रोथ 4.5 फीसदी रही थी.

अब क्या होगा- एक्सपर्ट्स कहते है कि इन अच्छे आंकड़ों से अक्टूबर-दिसंबर तिमाही की जीडीपी ग्रोथ में तेजी देखने को मिली सकती है. साथ ही, गुरुवार को घरेलू शेयर बाजार में भी तेजी की उम्मीद है.



अक्टूबर में डबल हुई आईआईपी ग्रोथ
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मासिक आधार पर अक्टूबर में इलेक्ट्रिसिटी सेक्टर की ग्रोथ 8.2 फीसद से बढ़कर 8.10 फीसदी पर पर पहुंच गई है.
>> माइनिंग सेक्टर की ग्रोथ 0.2 फीसद से बढ़कर 7 फीसदी पर पहुंच गई.
>> मैन्यूफैक्चरिंग की ग्रोथ 4.6 फीसद से बढ़कर 7.9 पर आ गई.
>> प्राइमरी गुड्स की ग्रोथ भी 2.6 फीसद से बढ़कर 6 फीसद के स्तर पर पहुंच गई है.

क्या होता है आईआईपी-औद्योगिक उत्पादन सूचकांक (आईआईपी) का किसी भी देश की अर्थव्यवस्था में खास महत्व होता है. इससे पता चलता है कि उस देश की अर्थव्यवस्था में औद्योगिक वृद्धि किस गति से हो रही है.आईआईपी के अनुमान के लिए 15 एजेंसियों से आंकड़े जुटाए जाते हैं. इनमें डिपार्टमेंट ऑफ इंडस्ट्रियल पॉलिसी एंड प्रमोशन, इंडियन ब्यूरो ऑफ माइंस, सेंट्रल स्टेटिस्टिकल आर्गेनाइजेशन और सेंट्रल इलेक्ट्रिसिटी अथॉरिटी शामिल हैं.

सांख्यिकी मंत्रालय द्वारा जारी किए गए ताजा मानकों के मुताबिक किसी उत्पाद के इसमें शामिल किए जाने के लिए प्रमुख शर्त यह है कि वस्तु के उत्पादन के स्तर पर उसके उत्पादन का कुल मूल्य कम से कम 80 करोड़ रुपए होना चाहिए. इसके अलावा यह भी शर्त है कि वस्तु के उत्पादन के मासिक आंकड़े लगातार उपलब्ध होने चाहिए.

इंडेक्स में शामिल वस्तुओं को तीन समूहों-माइनिंग, मैन्युफैक्चरिंग और इलेक्ट्रिसिटी में बांटा जाता है। फिर इन्हें बेसिक गुड्स, कैपिटल गुड्स, इंटरमीडिएट गुड्स, कंज्यूमर ड्यूरेबल्स और कंज्यूमर नॉन-ड्यूरेबल्स जैसी उप-श्रेणियों में बांटा जाता है।

महंगाई दर में गिरावट-महीने दर महीने आधार पर नवबंर में ईंधन और बिजली की मंहगाई दर 8.5 फीसदी से घटकर 7.3 फीसदी रही है वहीं घरेलू महंगाई 6.5 फीसदी से घटकर 5.9 फीसदी पर आ गई है.

महीने दर महीने आधार पर नवबंर में खाद्यान्न की महंगाई दर 2.5 फीसदी से घटकर 0.8 फीसदी पर आ गई है.सब्जियों की महंगाई दर -8.6 फीसदी से घटकर -15.5 फीसदी पर रही है.

महीने दर महीने आधार पर नवबंर में नवबंर में कपड़ो और जूतो की महंगाई 3.55 फीसदी से 3.5 फीसदी रही है जबकि दालों की महंगाई दर -10.28 फीसदी -9.22 फीसदी रही है.
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