सरकार को झटका! जून में GST कलेक्शन 1 लाख करोड़ से कम हुआ

सरकार को झटका! जून में GST कलेक्शन 1 लाख करोड़ से कम हुआ
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण

जून महीने में गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स (GST) कलेक्शन 1 लाख करोड़ रुपये के नीचे चला गया है. नए आंकड़ों के मुताबिक, जून महीने में जीएसटी कलेक्शन 99,939 करोड़ रुपए रहा है.

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जून महीने में गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स (GST) कलेक्शन 1 लाख करोड़ रुपये के नीचे चला गया है. नए आंकड़ों के मुताबिक, जून महीने में जीएसटी कलेक्शन 99,939 करोड़ रुपये रहा है. जबकि, मई में जीएसटी से 1 लाखस 289 करोड़ रुपये मिले थे. इससे पहले अप्रैल में भी 1 लाख, 13 हजार 865 करोड़ रुपये का कलेक्शन जीएसटी के जरिये हुआ था. फरवरी के बाद जून पहला ऐसा महीना है जिसमें जीएसटी कलेक्शन एक लाख करोड़ रुपये के नीचे आ गया है.

आपको बता दें कि GST 1 जुलाई, 2017 को लागू हुआ था. वित्त वर्ष 2018 की दूसरी तिमाही में जीएसटी कलेक्शन 277873 करोड़ रुपये था जो 2018 की तीसरी तिमाही में 250857 करोड़ रुपये हो गया. वित्त वर्ष 2018 की चौथी तिमाही में जीएसटी कलेक्शन 274950 करोड़ रुपये था जो वित्त वर्ष 2019 की पहली तिमाही में 293084 करोड़ रुपये हो गया.

वित्‍त मंत्रालय के मुताबिक, जून में कुल जीसएटी वसूली 99,939 करोड़ रुपये रही है. इसमें जीजीएसटी 18,370 करोड़ रुपये, एसजीएसटी 25,343 करोड़ रुपये, वहीं, जून में आईजीएसटी वसूली 47,770 करोड़ रुपये रही है. इसके अलावा सेस के ज़रिये वसूली 8,460 करोड़ रुपये हुई है.



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GST पर पूर्व वित्त मंत्री अरुण जेटली ने अपने ट्वीट में कहा है कि पिछले 2 साल में GST देने वालों की संख्या 84 फीसदी बढ़ी है. 1.20 करोड़ कारोबारी आज GST के दायरे में हैं. GST देने वालों की संख्या बढ़ने से सरकार की आय बढ़ी है. GST काउंसिल का चेयरमैन रहते हुए मुझे राज्यों के वित्त मंत्रियों का पूरा सहयोग मिला. आशा है कि राज्यों का सहयोग आगे भी जारी रहेगा.

वित्त वर्ष 2018-19 में जीएसटी कलेक्शन-
>> अप्रैल 2018- 1.03 लाख करोड़ रुपये
>> मई 2018- 94,016 करोड़ रुपये
>> जून 2018- 95,610 करोड़ रुपये
>> जुलाई 2018- 96,483 करोड़ रुपये
>> अगस्त 2018- 93,960 करोड़ रुपये
>> सितंबर 2018- 94,442 करोड़ रुपये
>> अक्टूबर 2018- 1,00,710 करोड़ रुपये
>> नवंबर 2018- 97,637 करोड़ रुपये
>> दिसंबर 2018- 94,725 करोड़ रुपये
>> जनवरी 2019- 1.02 लाख करोड़ रुपये
>> फरवरी 2019- 97,247 करोड़ रुपये
>> मार्च 2019- 1.06 लाख करोड़ रुपये

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