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सरकार अब इन किसानों को दे सकती है राहत पैकेज, हो सकते हैं ये ऐलान

सरकार अब इन किसानों को दे सकती है राहत पैकेज, हो सकते हैं ये ऐलान

गन्ना किसानों को मिल सकती है बड़ा राहत

गन्ना किसानों को मिल सकती है बड़ा राहत

गन्ना किसानों (Sugarcane farmers) के बढ़ते बकाये के भुगतान को देखते हुए सरकार (Government of India) जल्द शुगर सेक्टर (Sugar Sector) को राहत पैकेज दे सकती है.

    नई दिल्ली. गन्ना किसानों (Sugarcane Farmers) के लिए सरकार राहत पैकेज की तैयारी कर रही है. CNBC आवाज को सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, इस राहत पैकेज (Relief Package for Farmers) के तहत बफर स्टॉक पर सब्सिडी, एक्सपोर्ट सब्सिडी समेत 4 अहम कदम शामिल हो सकते हैं. सूत्रों के मुताबिक, चीनी की MSP बढ़ाने का प्रस्ताव भी प्रस्ताव है. चीनी की MSP 2 रुपये प्रति किलो बढ़ सकती है. MSP यानी मिनिमम सेल प्राइस बढ़ाने का फैसला कैबिनेट की मंजूरी से पहले हो सकता है. साथ ही, इसमें सॉफ्ट लोन को 1 साल और बढ़ाने का प्रस्ताव हो सकता है. सॉफ्ट लोन की मियाद बढ़ने से कंपनियों के पास 7500 करोड़ रुपये बचेंगे.

    अब क्या होगा- सूत्रों के मुताबिक, खाद्य मंत्री के साथ बैठक में राहत पैकेज पर चर्चा हुई है. राहत पैकेज के मसौदे को जल्द PMO भेजा जाएगा. सूत्रों के मुताबिक राहत पैकेज के तहत 4 अहम प्रस्ताव मुमकिन हैं.

    हो सकते हैं 4 बड़े ऐलान- (1) सूत्रों के मुताबिक, चीनी के बफर स्टॉक पर सब्सिडी देने का प्रस्ताव है. आपको बता दें कि बफर स्टॉक की चीनी पर 13.5 फीसदी सब्सिडी मिलती है. 40 लाख टन चीनी के बफर स्टॉक से करीब 1600 करोड़ रुपये का फायदा होता है.

    (2) दूसरा प्रस्ताव- चीनी एक्सपोर्ट पर सब्सिडी देने का है. बता दें कि चीनी एक्सपोर्ट पर 10500/टन सब्सिडी मिलती है. 60 लाख टन चीनी एक्सपोर्ट पर करीब 6 हजार करोड़ रुपये का फायदा होता है.

    (3) तीसरा प्रस्ताव-  सॉफ्ट लोन को 1 साल और बढ़ाने का प्रस्ताव है. बता दें कि सॉफ्ट लोन के तहत 7 फीसदी सस्ते ब्याज पर कर्ज मिलता है. सॉफ्ट लोन की मियाद बढ़ाने से 7500 करोड़ रुपये कंपनियों के पास आ जाएंगे.

    (4) चौथा प्रस्ताव- चीनी का एमएसपी (Minimum Sale Price) बढ़ाने का प्रस्ताव है. शुरुआती प्रस्ताव के मुताबिक 2 रुपये प्रति किलो MSP बढ़ सकती है. MSP बढ़ाने का फैसला कैबिनेट की मंजूरी से पहले ही लिया जा सकता है.

    चीनी उत्पादन वर्ष 2019 - 20 के दौरान देशभर के गन्ना किसानों का चीनी मिलों पर बकाया 22 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा हो गया है. चीनी उत्पादन वर्ष की गणना हर साल 1 अक्टूबर से अगले साल 30 सितंबर तक की जाती है.

    अगर State Advised Price ( SAP ) के लिहाज़ से देखें तो चीनी मिलों पर गन्ना किसानों का बकाया 22 हजार 79 करोड़ रुपये हो गया है. जबकि केंद्र द्वारा घोषित Fair & Remunerative Price ( FRP) के लिहाज़ से ये बक़ाया 17 हजार 683 करोड़ रुपये होता है.

    FRP गन्ना खरीद की वो दर है जो केंद्र सरकार घोषित करती है जबकि राज्य सरकारें उस दर में अपनी तरफ से जो अतिरिक्त दाम लगा देती हैं, उसे SAP कहा जाता है. हालांकि मंत्रालय का कहना है कि पिछले साल मई महीने तक बक़ाया 28 हजार करोड़ रुपये तक पहुंच गया था.

    (लक्ष्मण रॉय, इकोनॉमिक पॉलिसी एडिटर, CNBC आवाज़)undefined

    Tags: Business news in hindi, Coronavirus, Coronavirus in India, Coronavirus Update, Farmer, Farmer push, Farmers, India Lockdown, Lockdown, Lockdown news, Lockdown-5

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