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क्या अभी खत्म नहीं हुआ है प्याज संकट, MMTC ने सरकार से मांंगे 226 करोड़!

ओम प्रकाश | News18Hindi
Updated: February 7, 2020, 8:18 AM IST
क्या अभी खत्म नहीं हुआ है प्याज संकट, MMTC ने सरकार से मांंगे 226 करोड़!
आंध्र प्रदेश के लोगों ने सबसे ज्यादा इंपोर्टेड प्याज खाया

देश के कुछ राज्य ऐसे भी थे जहां विदेशों से आई प्याज की रिकॉर्डतोड़ खपत हो रही थी. खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्रालय की एक रिपोर्ट के मुताबिक दूसरे देश से आयात किए गए प्याज में से अकेले 893.18 मिट्रिक टन आंध्र प्रदेश को सप्लाई किया गया.

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  • Last Updated: February 7, 2020, 8:18 AM IST
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नई दिल्ली. देश में अभी प्याज की किल्लत का संकट खत्म नहीं हुआ है. बाजार में अब भी यह 50-60 रुपये प्रति किलो तक बिक रही है तो भारत की अंतरराष्ट्रीय व्यापारिक कंपनी एमएमटीसी (Minerals and Metals Trade Corporation limited) ने प्याज के इंपोर्ट के लिए सरकार से 226 करोड़ रुपये मांगे हैं. जाहिर है अभी भी विदेशों से प्याज मंगाने की प्रक्रिया चल रही है. मंत्रालय की ओर से चार फरवरी को दी गई इस रिपोर्ट को देखकर लगता है कि अभी देश में प्याज का संकट खत्म नहीं हुआ है.

राष्ट्रीय किसान संघ के फाउंडर मेंबर बीके आनंद कहते हैं कि प्याज इंपोर्ट में भयंकर धांधली हुई है. इसका परिणाम ये है कि बाजार में स्थानीय प्याज की आवक शुरू होने के बाद भी बाहर से मंगाने के लिए 226 करोड़ की मोटी रकम मांगी जा रही है. आंध्र प्रदेश में सबसे ज्यादा प्याज भेजा गया है तो इसके कुछ न कुछ कारण जरूर होंगे.

जानिए किस राज्य के लोगों ने सबसे ज्यादा खाया महंगा प्याज! 

जब महंगे प्याज को लेकर सरकार विपक्ष के निशाने पर थी, सोशल मीडिया पर तरह-तरह के जोक और मीम बनाए जा रहे थे. कोई प्याज दहेज में देने की बात कहकर तंज कस रहा था तो कोई इसे सोने-चांदी जैसा कीमती बताकर बैंक लॉकर में रखने की बात कर रहा था. ठीक इसी दौर में देश के कुछ राज्य ऐसे भी थे जहां विदेशों से आई प्याज की रिकॉर्डतोड़ खपत हो रही थी. आंध्र प्रदेश के लोगों ने इतना प्याज खाया कि बड़े-बड़े राज्य भी उसके आसपास नहीं थे.

खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्रालय की एक रिपोर्ट के मुताबिक दूसरे देश से आयात किए गए प्याज में से अकेले 893.18 मिट्रिक टन आंध्र प्रदेश को सप्लाई किया गया. इस मामले में दूसरे नंबर पर मेघालय रहा जहां 283 मिट्रिक टन प्याज की खपत हुई. इस रिपोर्ट में 30 जनवरी 2020 तक राज्यों को भेजे गए प्याज का ब्योरा दिया गया है.

Imported Onion

निर्मला सीतारमण के गृह राज्य में प्याज का रिकॉर्ड नहीं!
जब दिसंबर 2019 में प्याज का दाम अपने उच्च स्तर पर था तो संसद में इसे लेकर हंगामा हो रहा था. विपक्ष ने इसके बढ़ते दाम से आम आदमी पर पड़ने वाले असर पर सवाल पूछे तो वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने मजाकिया लहजे में कहा कि प्याज की बढ़ती कीमतों से व्यक्तिगत तौर पर उन पर कोई खास असर नहीं पड़ा है, क्योंकि उनका परिवार प्याज-लहसुन जैसी चीजों को खास पसंद नहीं करता. खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्रालय की रिपोर्ट देखकर आप भी कहेंगे कि क्या सीतारमण के गृह प्रदेश तमिलनाडु में वाकई प्याज कम खाया जाता है? रिपोर्ट में तमिलनाडु का नाम नहीं है.

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First published: February 7, 2020, 8:10 AM IST
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