RBI के फैसले से पहले इन 4 बैंकों ने किया बड़ा ऐलान! ग्राहकों की जेब पर पड़ेगा असर

रिज़र्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) की मॉनिटरी पॉलिसी कमेटी 5 दिसंबर को ब्याज दरों पर फैसला सुनाएगी. माना जा रहा है कि इस बैठक में ब्याज दरें बढ़ने की संभावना बेहद कम है. लेकिन बैठक से पहले ICICI बैंक, यूनियन बैंक, डीसीबी बैंक और लक्ष्मी विलास बैंक ने ब्याज दरें बढ़ा दी है.

News18Hindi
Updated: December 5, 2018, 12:45 PM IST
RBI के फैसले से पहले इन 4 बैंकों ने किया बड़ा ऐलान! ग्राहकों की जेब पर पड़ेगा असर
रिज़र्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) की मॉनिटरी पॉलिसी कमेटी 5 दिसंबर को ब्याज दरों पर फैसला सुनाएगी. माना जा रहा है कि इस बैठक में ब्याज दरें बढ़ने की संभावना बेहद कम है. लेकिन बैठक से पहले ICICI बैंक, यूनियन बैंक, डीसीबी बैंक और लक्ष्मी विलास बैंक ने ब्याज दरें बढ़ा दी है.
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Updated: December 5, 2018, 12:45 PM IST
रिज़र्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) की मॉनिटरी पॉलिसी कमेटी 5 दिसंबर को ब्याज दरों पर फैसला सुनाएगी. माना जा रहा है कि इस बैठक में ब्याज दरें बढ़ने की संभावना बेहद कम है. लेकिन बैठक से पहले ICICI बैंक, यूनियन बैंक, डीसीबी बैंक और लक्ष्मी विलास बैंक ने ब्याज दरें बढ़ा दी है. इन बैंकों ने मार्जिनल कॉस्ट ऑफ लेंडिंग रेट (MCLR) की दरों में बढ़ोतरी का ऐलान किया है. ऐसे में होम, ऑटो और पर्सनल लोन लेने वाले ग्राहकों पर ईएमआई का बोझ बढ़ जाएगा.

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ICICI बैंक ने बढ़ाई ब्याज दरें- देश के तीसरे सबसे बड़े कर्जदाता ICICI बैंक ने मार्जिनल कॉस्ट ऑफ फंड आधारित लेंडिंग रेट्स (MCLR) की लागत 10 आधार अंक (bps) बढ़ा दी है. इसका एक साल का MCLR अब 8.8 फीसदी है. अन्य कार्यकाल के लिए MCLR 8.55 फीसदी और 8.75 फीसदी के बीच है. रिवाइज्ड रेट शनिवार से प्रभावी हैं. पिछले महीने की आखिरी में, SBI ने कुछ रिटेल टर्म डिपाजिट पर ब्याज दरें 10 bps बढ़ा दी थीं, जिससे यह संकेत मिलता है कि इस महीने के अंत में उधारी दरों में बढ़ोतरी की जा सकती है.

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ICICI बैंक ने बुधवार को भारतीय रिजर्व बैंक (RBI)के मोनेटरी पॉलिसी निर्णय की घोषणा आने से ठीक पहले ही लेंडिंग रेट्स को बढ़ा दिए हैं. एक्सपर्ट्स का कहना है कि RBI को रेपो रेट को 6.5 फीसदी पर रख सकती है.

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बढ़ जाएगी आपकी EMI- MCLR बढ़ने से आपका होम लोन, ऑटो लोन और पर्सनल लोन समेत सभी लोन महंगे हो जाते हैं. यूनियन बैंक ने भी एमसीएलआर की दर को 0.05 फीसदी बढ़ा दिया है. लक्ष्मी विलास बैंक ने भी लोन की दरों को 0.05 फीसदी से 0.15 फीसदी बढ़ा दिया है. डीसीबी बैंक ने भी एमसीएलआर की दरों में 0.10 फीसदी की बढ़ोतरी की है. ये दर 3 दिसंबर से लागू हो गई है. दूसरी तरफ कोटक महिंद्रा बैंक ने 0.10 फीसदी की कटौती की है.
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क्या होता है MCLR - अप्रैल 2016 से पहले RBI द्वारा कर्ज देने के लिए तय मिनिमम रेट बेस रेट कहलाती थी. यानी बैंक इससे कम दर पर ग्राहकों को कर्ज नहीं दे सकती थी. 1 अप्रैल 2016 से बैंकिंग सिस्टम में MCLR यानी मार्जिनल कॉस्ट आॅफ फंड बेस्ड लेंडिंग रेट लागू हो गई और यह कर्ज के लिए मिनिमम रेट बन गई. यानी उसके बाद MCLR के आधार पर ही कर्ज दिया जाने लगा. बैंकों द्वारा MCLR बढ़ाए जाने का असर नए कर्ज लेने वालों के अलावा उन ग्राहकों पर पड़ता है, जिन्होंने अप्रैल 2016 के बाद कर्ज लिया हो.

 
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