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खुशखबरी! अगले कुछ दिन में इतने रुपये तक हो सकता है सस्ता पेट्रोल-डीज़ल

...तो अगले कुछ दिनों में पेट्रोल-डीज़ल इतने रुपये तक हो सकता है सस्ता

...तो अगले कुछ दिनों में पेट्रोल-डीज़ल इतने रुपये तक हो सकता है सस्ता

माना जा रहा है कि अगले 15 दिन में क्रूड की कीमतें और गिर सकती है. ऐसे में घरेलू स्तर पर पेट्रोल-डीज़ल के दाम फिर से सस्ते हो जाएंगे.

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    अंतरराष्ट्रीय स्तर पर क्रूड ऑयल की कीमतों में गिरावट शुरू हो गई है. ब्रेंट क्रूड के दाम 74 डॉलर प्रति बैरल से गिरकर 70 डॉलर प्रति बैरल पर आ गए है. माना जा रहा है कि अगले 15 दिन में कीमतें और गिर सकती है. ऐसे में घरेलू स्तर पर पेट्रोल-डीज़ल के दाम फिर से सस्ते हो जाएंगे.

    दुनिया की बड़ी रिसर्च फर्म बैंक ऑफ अमेरिका का कहना है कि सऊदी अरब की ओर से कच्चे तेल का उत्पादन बढ़ने की पूरी संभावना बनी हुई है. इससे कच्चे तेल के दाम 70 डॉलर प्रति बैरल के नीचे आ सकते हैं. इस पर एक्सपर्ट्स का कहना है कि कच्चा तेल सस्ता होना भारत की अर्थव्यवस्था के लिए तो फायदेमंद है ही साथ में पेट्रोल-डीज़ल सस्ता होने से आम लोगों को इसका बड़ा फायदा मिलेगा.

    पेट्रोल-डीज़ल इस वजह से हो सकता है सस्ता- बैंक ऑफ अमेरिका का कहना है कि ग्लोबल ग्रोथ का अनुमान घटने से कच्चे तेल की डिमांड कम हो सकती है. इसीलिए कीमतों पर दबाव है. साथ ही, अमेरिका और चीन के बीच छिड़ी ट्रेड वॉर से भी कीमतें गिर रही है. आने वाले दिनों में कच्चा तेल 70 डॉलर प्रति बैरल के नीचे आ सकता है. (ये भी पढ़ें-रेलव ने 19 स्टेशनों पर बदला तत्काल टिकट बुकिंग का समय, फटाफट यहां करें चेक)



    पेट्रोल-डीज़ल के दाम- आईओसी की वेबसाइट के मुताबिक, पिछले एक महीने के दौरान (1 अप्रैल से 6 मई) पेट्रोल 72 रुपये प्रति लीटर से 73 रुपये प्रति लीटर के बीच रही है. हालांकि, इस दौरान डीज़ल के दाम 60 पैसे बढ़े है. अब एक्सपर्ट्स का मानना है कि अगर क्रूड की कीमतें 70 डॉलर प्रति बैरल के नीचे आने पर पेट्रोल-डीज़ल के दाम 1-2 रुपये तक कम हो सकती है.

    इससे आप पर क्या असर होगा?


    सस्ते क्रूड से पेट्रोल-डीज़ल की कीमतें घट जाती है. साथ ही, देश की महंगाई पर भी सीधा असर होता है.



     (1) अपनी जरूरतों का करीब 80 फीसदी कच्चा तेल हम विदेशों से खरीदते हैं. ऐसे में कीमतें गिरने से देश का करंट अकाउंट डेफिसिट (CAD) घट जाएगा. क्रूड की कीमतें गिरने से भारत का इंपोर्ट बिल उसी रेश्‍यो में कम होगा. (ये भी पढ़ें: PF के साथ कटने वाली पेंशन का पैसा कब मिलता है! जानें इससे जुड़े सभी सवालों के जवाब)

    (2) देश की ग्रोथ पर पड़ता है असर-इकोनॉमिक सर्वे के अनुसार, क्रूड की कीमतें अब 10 डॉलर बढ़ती हैं तो करंट अकाउंट डेफिसिट 1000 करोड़ डॉलर बढ़ सकता है. वहीं, इससे इकोनॉमिक ग्रोथ में 0.2 से 0.3 फीसदी तक कमी आती है. ऐसे में मतलब साफ है कि अगर क्रूड सस्ता होगा तो इसका उतना ही फायदा देश को होगा.

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