पेट्रोल-डीजल कीमत में राहत, जानें क्या हैं आपके शहर में नई कीमत

पेट्रोल-डीजल कीमत में राहत, जानें क्या हैं आपके शहर में नई कीमत
बजट के अगले दिन पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी के बाद आज आम लोगों को राहत मिली है. रविवार को पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कोई बदलाव नहीं हुआ है.

बजट के अगले दिन पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी के बाद आज आम लोगों को राहत मिली है. रविवार को पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कोई बदलाव नहीं हुआ है.

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बजट के अगले दिन पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी के बाद आज आम लोगों को राहत मिली है. रविवार को पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कोई बदलाव नहीं हुआ है. बता दें कि पेट्रोल और डीजल में सेस लगाए जाने के बाद शनिवार को पेट्रोल 2.50 रुपये प्रति लीटर महंगा हो गया था, जबकि डीजल की कीमत में भी 2.30 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी दर्ज की गई थी. देश की राजधानी दिल्ली में एक लीटर पेट्रोल का भाव 72.96 रुपये पर स्थिर है, जबकि डीजल का भाव 66.69 रुपये प्रति लीटर है.

बता दें कि 5 जुलाई को पेश हुए मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल का पहला बजट वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने पेश किया. बजट भाषण के दौरान वित्तमंत्री ने बताया कि पेट्रोल और डीजल पर 1 रुपये सेस और 1 रुपये एक्साइज ड्यूटी लगाई गई है.

चार महानगरों में पेट्रोल-डीजल के दाम
इंडियन ऑयल (IOC) की वेबसाइट के अनुसार, दिल्ली, कोलकाता, मुंबई और चेन्नई में पेट्रोल की कीमत क्रमश: 72.96 रुपये, 75.15 रुपये, 78.57 रुपये और 75.76 रुपये प्रति लीटर है. चारों महानगरों में डीजल के दाम भी बढ़कर क्रमश: 66.69 रुपये, 68.59 रुपये, 69.90 रुपये और 70.48 रुपये प्रति लीटर हो गए हैं. ये भी पढ़ें: कम लागत में बढ़िया बिजनेस, सालाना हो सकती है 8 लाख रुपये तक कमाई




रोज़ाना सुबह 6 बजे से लागू होती हैं नई कीमतें
देश की ऑयल मार्केटिंग कंपनी (HPCL, BPCL, IOC) रोजाना पेट्रोल-डीजल की कीमतों की समीक्षा करती है. नई दरें सुबह 6 बजे से लागू होती है. आपको बता दें कि कीमतों को तय करने के लिए 15 दिन की औसत कीमत को आधार बनाया जाता है. इसके अलावा रुपये और डॉलर के विनिमय दर से भी तेल की कीमत प्रभावित होती है. बता दें कि  पेट्रोल-डीजल सरकार के लिए आय के सबसे बड़े स्रोतों में से एक होता है.

महंगाई पर असर 
एक्सपर्ट्स का कहना हैं कि पेट्रोल-डीजल के भाव बढ़ने से महंगाई बढ़ने की आशंका बढ़ गई है. देश की अधिकांश परिवहन व्यवस्था डीजल चालित वाहनों पर निर्भर है. डीजल का भाव बढ़ने से परिवहन लागत बढ़ेगी, जिससे वस्तुओं की कीमत बढ़ेगी. इसके अलावा नौकरीपेशा लोगों को अब पेट्रोल की मद में ज्यादा रुपए खर्च करने पड़ेंगे.

बता दें कि पेट्रोल, डीजल पर कर के साथ-सथ और सोने पर आयात शुल्क भी बढ़ा दिया गया है लेकिन इलेक्ट्रिक वाहनों की खरीद को प्रोत्साहित करने के लिए वाहन लोन पर कर छूट का लाभ दिया गया है.

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