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NSE पर जुर्माने से क्या होगा शेयर बाजार में पैसा लगाने वालों का! जानिए एक्सपर्ट्स की राय

News18Hindi
Updated: May 1, 2019, 1:23 PM IST

शेयर बाजार में ट्रेडिंग के लिए बड़े ब्रोकर्स ने एनएसई के कैपेंस में इंटरनेट का फास्ट सर्वर लगाया था. इससे ये ब्रोकर्स सबसे फास्ट सौदा कर पाते थे. मतलब साफ है कि शेयर खरीद और बिक्री के लिए ऑर्डर में उन्हें ही प्राथमिकता मिलती थी.

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शेयर बाजार रेग्युलेटर सेबी ने मंगलवार को बड़ा फैसला लेते हुए देश की सबसे बड़ी स्टॉक एक्सचेंज NSE (नेशनल स्टॉक एक्सचेंज) पर 625 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया है. दरअसल शेयर बाजार में ट्रेडिंग के लिए बड़े ब्रोकर्स ने एनएसई के कैपेंस में इंटरनेट का फास्ट सर्वर लगाया था. इससे ये ब्रोकर्स सबसे फास्ट सौदा कर पाते थे. मतलब साफ है कि शेयर खरीद और बिक्री के लिए शेयर ऑर्डर में उन्हें ही प्राथमिकता मिलती थी. ऐसे में छोटे निवेशकों बड़ा मुनाफा बनाने से चूक रहे थे. इसीलिए सेबी ने शिकायतों के बाद की छानबीन में गड़बड़ी पाई और बड़ा कदम उठाते हुए एनएसई पर जुर्माने के अलावा ब्याज सहित कुल 1000 करोड़ रुपये इन्वेस्टर्स प्रोटेक्शन फंड में जमा करने के लिए कहा है.

अब क्या होगा-एनएसई इंडिया के प्रबंध निदेशक और CEO विक्रम लिमये का कहना है कि सेबी के आदेश से शेयर बाजार के कामकाज पर कोई असर नहीं होगा. लेकिन NSE अगले 6 महीने तक नए डेरिवेटिव और IPO नहीं ला पाएंगे. भारतीय बाजार पर ग्लोबल निवेशकों का भरोसा रहने की उम्मीद है. इसीलिए सभी कानूनी विकल्प खुले हैं. (ये भी पढ़ें-आम आदमी को झटका, इतने रुपए बढ़ी रसोई गैस की कीमतें)

एसकोर्ट सिक्योरिटी के रिसर्च हेड आसिफ इकबाल ने न्यूज18 हिंदी को बताया कि एनएसई के कैपंस में फास्ट और नए टेक्नोलॉजी से लैस सर्वर लगाकर बड़े ब्रोकर्स फास्ट सौद कर पैसा बना रहे थे. इसीलिए सेबी ने बड़ा फैसला लेते हुए एनएसई पर जुर्माना लगाया है. ये मामला तीन साल पुराना है.लेकिन उस समय के पूर्व मुख्य कार्यकारी अधिकारी और प्रबंध निदेशक रवि नारायण और चित्रा रामकृष्ण की सैलरी में भी 25 फीसदी हिस्से को वापस लेने का आदेश दिया गया है.



अब निवेशकों का क्या होगा- आसिफ ने बताया कि छोटे निवेशकों पर इसका कोई खास असर नहीं होगा. पहले की तरह शेयर बाजार में काम-काज कर पाएंगे. लेकिन एनएसई अपना आईपीओ भी नहीं ला पाएगी. साथ ही, डेरिटिव के नए सौदों पर भी रोक लगी है. (ये भी पढ़ें-3 दोस्तों का कॉफी बिजनेस 2 साल में हुआ हिट, कमाते हैं करोड़ो)

जुर्मान के पैसाों का क्या होगा- आसिफ कहते हैं कि ये पैसा इन्वेस्टर्स प्रोटेक्शन फंड में जाएगा. इस पैसे का इस्तेमाल इन्वेस्टर्स के हितों का ख्याल रखने और उन्हें जागरुक करने के लिए किया जाता है. 

पूर्व डायरेक्टर्स पर भी लगा जुर्माना-सेबी ने इस मामले में एनएसई के दो पूर्व मुख्य कार्यकारी अधिकारी और प्रबंध निदेशक रवि नारायण और चित्रा रामकृष्ण को एक अवधि विशेष के दौरान प्राप्त वेतन के 25 फीसदी हिस्से को वापस करने के लिए भी कहा है. सेबी ने इन दोनों पूर्व अधिकारियों पर पांच साल तक किसी सूचीबद्ध कंपनी या बाजार ढांचा चलाने वाले संस्थान या बाजार में बिचौलिए का काम करने वाली इकाई के साथ काम करने पर भी रोक लगायी है. (ये भी पढ़ें-टॉप ब्रैंड्स की दवा में गड़बड़ी पर अलर्ट जारी! होगी कार्रवाई)

NSE (नेशनल स्टॉक एक्सचेंज) क्या है- नेशनल स्टॉक एक्सचेंज ऑफ इंडिया लिमिटेड (एनएसई) भारत का सबसे बड़ा स्टॉक एक्सचेंज है. साल 1992 में इसकी स्थापना हुई थी. एनएसई शेयर बाजार, म्युचूअल फंड्स, डेरिवेटिव, कॉर्पोरेट बॉन्ड्स में कारोबार के लिए प्लेटफॉर्म उपलब्ध कराती है. एनएसई का प्रमुख बेंचमार्क इंडेक्स निफ्टी है. निफ्टी में कुल 50 शेयर है.

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First published: May 1, 2019, 12:28 PM IST
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