दादा के शुरू किए बैंक ने पोते यश बिड़ला को किया डिफॉल्टर घोषित, जाने क्या है पूरा मामला

यूको बैंक का कर्ज़ नहीं चुकाने पर यशोवर्धन बिड़ला को विलफुल डिफॉल्टर घोषित किया गया है. यश बिड़ला के ग्रुप की कंपनी बिड़ला सूर्या लिमिटेड ने बैंक का 67 करोड़ रुपये का कर्ज नहीं चुकाया है. आइए जानें पूरा मामला...

News18Hindi
Updated: June 17, 2019, 3:59 PM IST
दादा के शुरू किए बैंक ने पोते यश बिड़ला को किया डिफॉल्टर घोषित, जाने क्या है पूरा मामला
दादा के शुरू किए बैंक ने पोते यश बिड़ला को किया डिफॉल्टर घोषित! जानें पूरा मामला
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Updated: June 17, 2019, 3:59 PM IST
देश के अमीरों की बात जब भी होती है तो एक नाम जिसका हमेशा जिक्र किया जाता है वो है बिड़ला परिवार. लेकिन यूको बैंक का कर्ज़ नहीं चुकाने पर यशोवर्धन बिड़ला को विलफुल डिफॉल्टर घोषित किया गया है. यश बिड़ला के ग्रुप की कंपनी बिड़ला सूर्या लिमिटेड ने यूको बैंक का 67 करोड़ रुपये का कर्ज नहीं चुकाया है. इसीलिए बैंक ने उन्हें  डिफॉल्टर लिस्ट में डाल दिया है. आपको बता दें कि यूको बैंक की स्थापना यश बिड़ला के पड़दादा, घनश्याम दास बिड़ला ने की थी. जी. डी. बिड़ला के भाई रामेश्वर दास बिड़ला यश बिड़ला के पिता अशोक बिड़ला के दादा थे. यश बिड़ला ने 23 साल की उम्र में उस समय परिवार का कारोबार संभाला जब बेंगलुरु में एक एयर क्रैश में उनके माता-पिता की मृत्यु हो गई थी.

अब क्या होगा-अगर किसी प्रमोटर को बैंक या फिर NBFC कंपनी विलफुल डिफॉल्टर घोषित कर देती है तो उसे मौजूदा बिजनेस ही नहीं बल्कि किसी भी कंपनी जिसमें वह डायरेक्टर है, उसे फंडिंग नहीं मिलती हैं.

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क्या होता है विलफुल डिफॉल्टर

विलफुल डिफॉल्टर का मतलब उन कर्जदारों से होता है, जिन्होंने जिस काम के लिए बैंक से कर्ज लिया था, उसका उसमें इस्तेमाल नहीं किया. साथ ही, कर्ज चुकाने की क्षमता होने के बावजूद वह बैंकों की रकम वापस नहीं करते. अगर किसी शख्स ने कोई संपत्ति गिरवी रखकर बैंक से कर्ज लिया है और बैंक की जानकारी के बिना वह उस संपत्ति को बेच देता है तो उसे भी विलफुल डिफॉल्टर माना जाता है.

>> किसी कर्जदार को विलफुल डिफॉल्टर घोषित करना एक ऐसी प्रक्रिया है जिसमें उन्हें अपनी स्थिति को पेश करने का पर्याप्त मौका मिलता है.

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>> किसी कर्जदार को विलफुल डिफॉल्टर तब बताया जाता है जब वह जानबूझ कर कर्ज चुकाने में असफल रहता है.

>> अगर वह संसाधन होने के बावजूद कर्ज नहीं चुकाता है.

>> इसके अलावा कर्जदाता को बिना बताए ऐसेट्स की बिक्री और पैसे को दूसरे कामों में लगाने के चलते भी किसी व्यक्ति को विलफुल डिफॉल्टर घोषित किया जाता है.

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यूको बैंक ने यश बिड़ला को घोषित किया विलफुल डिफॉल्टर
बैंक की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि कंपनी के पास 100 करोड़ रुपये की क्रेडिट लिमिट थी, जिसका 67 करोड़ रुपये से ज्यादा ब्याज बाकी था.
इस लोन को 2013 में एक नॉन-परफॉर्मिंग ऐसेट यानी NPA (डूबा हुए कर्ज) के तौर पर क्लासिफाई किया गया था.

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First published: June 17, 2019, 3:10 PM IST
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