खुशखबरी! भारत में बढ़ेंगे बेरोजगारों के लिए नौकरी के मौके, 800 करोड़ रुपये का Investment करने जा रही है ये कंपनी

खुशखबरी! भारत में बढ़ेंगे बेरोजगारों के लिए नौकरी के मौके, 800 करोड़ रुपये का Investment करने जा रही है ये कंपनी
खुशखबरी! भारत में बढ़ेंगे बेरोजगारों के लिए नौकरी के मौके

कोरोना वायरस (Coronavirus) के चलते भारत में लोग नौकरी जाने की टेंशन (Job Insecurity) में रहने लगे हैं. लेकिन जल्द ये टेंशन खत्म हो सकती है, क्योंकि चीन में काम कर रही कई बड़ी कंपनियां भारत में अपना कारोबार शुरू करने की सोच रही हैं.

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नई दिल्ली. कोरोना वायरस (Coronavirus) के चलते भारत में लोग नौकरी जाने की टेंशन (Job Insecurity) में रहने लगे हैं. लेकिन जल्द ये टेंशन खत्म हो सकती है, क्योंकि चीन में काम कर रही कई बड़ी कंपनियां भारत में अपना कारोबार शुरू करने की सोच रही हैं. जिस के बाद भारत में नौकरियां बढ़ेगी ये कहना गलत नहीं होगा. आपको बता दें कि मोबाइल उपकरण बनाने वाली घरेलू कंपनी लावा इंटरनेशनल ने शुक्रवार को कहा कि वह चीन से अपना कारोबार समेट कर भारत ला रही है. भारत में हाल में किए गए नीतिगत बदलावों के बाद कंपनी ने यह कदम उठाने का फैसला किया है.

800 करोड़ रुपये  के निवेश की योजना
कंपनी ने अपने मोबाइल फोन डेवलपमेंट और मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ाने के लिये अगले पांच साल के दौरान 800 करोड़ रुपये निवेश की योजना बनाई है. लावा इंटरनेशनल के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक हरी ओम राय ने बताया कि उत्पाद डिजाइन के क्षेत्र में चीन में हमारे कम से कम 600 से 650 कर्मचारी हैं. हमने अब डिजाइनिंग का काम भारत में स्थानांतरित कर दिया है. भारत में हमारी बिक्री जरूरत को स्थानीय कारखाने से पूरा किया जा रहा है. उन्होंने कहा कि हम चीन के अपने कारखाने से कुछ मोबाइल फोनों का निर्यात दुनियाभर में करते रहे हैं, यह काम अब भारत से किया जाएगा.

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अब पूरा कारोबार भारत से ही किया जाएगा


लावा इंटरनेशनल के सीएमडी हरी ओम राय ने बताया कि भारत में लॉकडाउन अवधि के दौरान लावा ने अपनी निर्यात मांग को चीन से पूरा किया. राय ने कहा कि मेरा सपना है कि चीन को मोबाइल उपकरण निर्यात किए जाएं. भारतीय कंपनियां मोबाइल चार्जर पहले ही चीन को निर्यात कर रही हैं. उत्पादन से जुड़ी प्रोत्साहन योजना से हमारी स्थिति में सुधार आएगा. इसलिये अब पूरा कारोबार भारत से ही किया जाएगा.

भारत में 1000 अमेरिकी कंपनियां आने वाली हैं!
भारत अमेरिकी कंपनियों को अपने यहां लाने की कोशिशें कर रहा है. सरकार ने अप्रैल में 1,000 से अधिक अमेरिकी मैन्यूफैक्चरिंग कंपनियों से संपर्क किया और उन्हें चीन से कारोबारी गतिविधियों को हटाकर भारत लाने का ऑफर दिया है. ये कंपनियां 550 से अधिक उत्पाद बनाती हैं. सरकार का मुख्य ध्यान मेडिकल इक्विपमेंट आपूर्तिकर्ता, फूड प्रोसेसिंग यूनिट, टेक्सटाइल्स, लेदर और ऑटो पार्ट्स निर्माता कंपनियों को आकर्षित करने पर है. ट्रंप प्रशासन का आरोप है कि चीन ठीक तरह से इस वायसर से नहीं निपटा है.

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अमेरिका के आरोप से वैश्विक व्यापार पर और बुरा असर पड़ने की आशंका है. जापान ने कंपनियों को चीन से बाहर निकलने में मदद करने के लिए 2.2 अरब डॉलर की राशि निश्चित की है. वहीं, यूरोपीय संघ के सदस्य भी चीन के आपूर्तिकर्ताओं पर निर्भरता कम करने की योजना पर काम कर रहे हैं.
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