कभी छोटी सी दुकान से शुरू हुई हल्दीराम, अब 2046 करोड़ में खरीद सकती है इस लग्जरी प्राइवेट सिटी को

हल्दीराम HCC के लवासा प्रोजेक्ट को खरीदने की तैयारी में है

हल्दीराम HCC के लवासा प्रोजेक्ट को खरीदने की तैयारी में है

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, HCC के लवासा प्रोजेक्ट को हल्दीराम (Haldiram) खरीदने की तैयारी में है. लवासा सिटी को आजाद भारत का पहला निजी हिल स्टेशन कहा जाता है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: October 31, 2019, 4:58 PM IST
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मुंबई. देसी स्नैक्स बनाने वाली कंपनी हल्दीराम (Haldiram) की कहानी भी गोल गप्पे, टिक्की और भेलपुरी के स्वाद जैसी चटपटी है. एक दुकान से शुरू हुई कंपनी करोड़ों रुपये की मिल्कियत बन चुकी है. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, हल्दीराम HCC के लवासा प्रोजेक्ट को खरीदने की तैयारी में है. लवासा सिटी (Lavasa City) को आजाद भारत का पहला निजी हिल स्टेशन कहा जाता है. इसे हिंदुस्तान कंस्ट्रक्शन कंपनी (HCC) ने डेवलप किया है. लवासा को 100 किलोमीटर के एरिया में शानदार प्लानिंग के तहत डेवलप किया गया है. इसे यूरोप के शहरों की तर्ज पर तैयार किया गया है. शहर में मानव निर्मित झील तैयार की गई है, जो करीब 25 किलोमीटर लंबी है.

लवासा को खरीदने की तैयारी में हल्दीराम- बिजनेस के अखबार बिजनेस स्टैंडर्स में छपी खबर के मुताबिक, लवासा को कर्ज देने वाले बैंकर्स 31 अक्टूबर को हल्दीराम की ओर से मिली बोली पर विचार करेंगे. हल्दीराम के अलावा पुणे के बिल्डर अनिरुद्ध देशपांडे और यूवीएआरसी (UV Asset Reconstruction Company) ने बोली लगाई है.  हल्दीराम, पायनियर फैक्टर आईटी इन्फ्राड्रेक्टर, और संसार प्रॉपर्टी की एक कंसोर्टियम ने लवासा का 100 फीसदी 2,046 करोड़ रुपये में खरीदने की पेशकश की है.

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ऐसा दिखती है देश की पहली लग्जरी हिल सिटी लवासा

लवासा शहर के बारे में जानिए-लवासा शहर 15 पहाड़ियों और घाटियों में बना है, जो लगभग 25,000 एकड़ या 100 वर्ग किलोमीटर का एरिया है. क्षेत्रफल के लिहाज से यह पेरिस जितना बड़ा है. इसकी मानव निर्मित झील 90 छोटी-बड़ी धाराओं को मिलाकर बनाई गई है, जिसकी अधिकतम गहराई 100 फीट है.

लवासा शहर को 2 लाख लोगों के रहने के हिसाब से तैयार किया जा रहा है. लवासा प्रोजेक्ट पूरी तरह से पूरा करने की डेडलाइन 2021 है. शहर पूरी तरह बनने के बाद यहां हर साल 20 लाख पर्यटकों के आने की उम्मीद है. लवासा शहर में अस्पताल, 5 स्टार होटल, स्कूल, पोस्ट ऑफिस जैसी सुविधाएं हैं. निजी शहर होने के कारण यहां कोई मेयर नहीं है. यहां केवल एक सिटी मैनेजर नियुक्त किया गया है.

लवासा सिटी पर है विवाद -पर्यावरण मंत्रालय ने लवासा सिटी पर सवाल उठाए हैं. लवासा शहर पर पर्यावरण नियमों के उल्लंघन का आरोप लगाया गया है. पर्यावरण मंत्रालय के आदेश के बाद 2010 से 2011 के बीच लवासा में कंस्ट्रक्शन बंद कर दिया गया था.

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कभी एक छोटी सी दुकान से शुरू हुई थी हल्दीराम- साल 1937 की बात है, जब गंगाबिशनजी जी अग्रवाल ने बीकानेर में एक छोटी सी नाश्ते की दुकान खोली. गंगाबिशनजी जी की मेहनत की बदौलत वह दुकान भजियावाले के नाम से मशहूर हो गई. उनको हल्दीराम के नाम से जाना जाता था.

इसलिए दुकान का नाम हल्दीराम कर दिया गया, जो गंगाबिशनजी का ही एक और नाम था. सन 1941 में गंगाबिशनजी जी अग्रवाल बीकानेर और आस-पास के इलाकों में फेमस होने लगे थे. उन्हें कोलकाता और कई जगह से बड़े ऑर्डर मिलने लगे. धीरे-धीरे कारोबार तेजी पकड़ने लगा. उनके बाद उनकी अगली पीढ़ी ने कारोबार को संभालना शुरू किया.

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हल्दीराम, नागपुर के चेयरमैन, एमडी शिवकिशन अग्रवाल बताते हैं कि दादा जी के कारोबार के शुरू किए कारोबार को रफ्तार देने के लिए उन्होंने 1970 में पहला स्टोर नागपुर में और सन 1982 में राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में दूसरा स्टोर खोला. इसके बाद कोलकाता में कारोबार का विस्तार शुरू हो गया.

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