15 मार्च को कमाई करने का मौका! यहां लगाएं सिर्फ 14950 रुपये और पहले ही दिन मिलेगा मोटा फायदा

Laxmi Organic IPO में लगाएं पैसा

Laxmi Organic IPO में लगाएं पैसा

लक्ष्मी ऑर्गेनिक्स (Laxmi Organic IPO) का IPO 15 मार्च को खुलने वाला है...अगर आप पिछले आईपीओ (Invest in IPO) में पैसा लगाने से चूक गए हैं तो आपके पास अच्छा मौका है. इस आईपीओ में आप 17 मार्च तक निवेश कर सकते हैं.

  • Share this:
नई दिल्ली: लक्ष्मी ऑर्गेनिक्स (Laxmi Organic IPO) का IPO 15 मार्च को खुलने वाला है...अगर आप पिछले आईपीओ (Invest in IPO) में पैसा लगाने से चूक गए हैं तो आपके पास अच्छा मौका है. इस आईपीओ में आप 17 मार्च तक निवेश कर सकते हैं. बता दें कंपनी की ओर से आईपीओ का प्राइस बैंड भी तय कर दिया गया है. इस आईपीओ में 300 करोड़ रुपये के फ्रेश शेयर जारी किए जाएंगे. वहीं प्रमोटर्स येलो स्टोन ट्रस्ट द्वारा 300 करोड़ के शेयरों की बिक्री आफर फॉर सेल के जरिए की जाएगी.

> लक्ष्मी ऑर्गेनिक्स ने आईपीओ के लिए प्राइस बैंड 129-130 रुपये तय किया है.

>> आईपीओ के लॉट साइज 115 शेयरों का तय किया है.

>> प्राइस बैंड 130 रुपये के लिहाज से इस आईपीओ में कम से कम निवेशकों को 14950 रुपये लगाना जरूरी है.

यह भी पढ़ें: PM Kisan: क्या इस बार आपको भी चाहिए 2000 रुपये? फटाफट पूरी कर लें ये शर्तें

कितने रुपये जुटाएगी कंपनी?

प्री-IPO प्लेसमेंट के बाद कंपनी के इश्यू का साइज 800 करोड़ रुपये से घटकर 600 करोड़ रुपये रह गया. कंपनी ने प्री-IPO प्लेसमेंट के जरिए 1,55,03,875 इक्विटी जारी करके पहले ही 200 करोड़ रुपये जुटा लिए हैं. इसकी वजह से फ्रेश इश्यू का साइज 500 करोड़ रुपये से घटकर 300 करोड़ रुपये रह गया.



Youtube Video


कंपनी कहां करेगी फंड का इस्तेमाल?

कंपनी आईपीओ के जरिए जुटाए गए फंड का इस्तेमाल अपनी पूर्ण सहयोगी इकाई येलोस्टोन फाइन केमिकल (YFCPL) में करेगी. कंपनी का प्लान इस यूनिट में निवेश करने का है. इसके अलावा फंड का कुछ हिस्सा वर्किंग कैपिटल और मैन्युफैक्चरिंग के लिए भी इस्तेमाल किया जाएगा.

जानें कंपनी के बारे में?

Laxmi Organic एथाइल एसेटेट (ethyl acetate) मार्केट में देश की सबसे बड़ी मैन्युफैक्चर कंपनी है. भारत के एथाइल एसेटेट मार्केट में कंपनी की हिस्सेदारी करीब 30 फीसदी है. YCPL का अधिग्रहण पूरा करने के बाद कंपनी का मार्केट शेयर और बढ़ेगा. भारत में डिकटेन डेरिवेटिव्स ( diketene derivatives) बनाने वाली यह इकलौती कंपनी है.

यह भी पढ़ें: Gold Rates: सोना खरीदने का आज अच्छा मौका, 12000 रुपये तक हो चुका है सस्ता, चेक करें आज का भाव

कहां तक है कंपनी की पहुंच?

आपको बता दें इस कंपनी की पहुंच दुनिया के 30 देशों में है. इसमें चीन, नीदरलैंड्स, रूस, सिंगापुर, संयुक्त अरब अमीरात, ब्रिटेन और अमेरिका शामिल हैं. इसके प्रमुख ग्राहकों में अलेम्बिक फार्मा, डॉ. रेड्डीज लैब्स, हेटेरो लैब्स, लॉरस लैब्स, मैकलॉयड फार्मा, मायलैन लैब्स, यूनाइटेड फॉसफोरस जैसी दिग्गज मौजूद हैं.
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज