बड़ी राहत- लीगल मेट्रोलॉजी एक्ट में बदलाव की तैयारी, कारोबारियों को नहीं होगी जेल की सजा

बड़ी राहत- लीगल मेट्रोलॉजी एक्ट में बदलाव की तैयारी, कारोबारियों को नहीं होगी जेल की सजा
गांजे की ऑनलाइन डिलीवरी करते आरोपी गिरफ्तार. सांकेतिक फोटो.

सरकार मेट्रोलॉजी एक्ट (Legal Metrology Act) में बदलाव की तैयारी कर रही है. नए प्रस्ताव में सरकार सिर्फ पेनल्टी लगाएगी या लाइसेंस रद्द करेगी. पेनल्टी की रकम 2 लाख से बढ़ाकर 10 लाख की जाएगी.

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नई दिल्ली. कम नापतोल करना या फिर पैकेट पर मैन्युफैक्चरिंग (Manufacturing), एक्सपायरी डेट (Expiry) या कंपनी का नाम नहीं होने पर अब कारोबारी को जेल की सजा नहीं होगी. ईज ऑफ डूइंग बिजनेस (Ease of Doing Business) को बढ़ावा देने के लिए सरकार लीगल मेट्रोलॉजी एक्ट (legal Metrology Act) में बदलाव करने की तैयारी कर रही है. अभी एक्ट का उल्लंघन करने पर अधिकतम 3 साल की सजा हो सकती है. आपको बता दें कि केंद्रीय खाद्य एवं उपभोक्ता मामलों के मंत्री रामविलास पासवान (Ram Vilas Paswan) ने सभी राज्यों को लीगल मेट्रोलॉजी एक्ट के तहत निर्देश जारी करते हुए कहा है सभी ये सुनिश्चित करें कि प्रोडक्ट पर निर्माता देश का नाम, निर्माता/आयातक/पैकर का नाम-पता, Date of Manufacture, Expiry Date MRP (कर सहित), मात्रा/वजन, उपभोक्ता शिकायत नं. आदि उपभोक्ता के हित में अन्य जरूरी बातें बड़े अक्षरों में लिखी जाए.

सरकार का नया प्लान-एफएमसीजी, ई-कॉमर्स और छोटी कंपनियों को राहत देने के लिए सरकार बड़ी तैयारी कर रही है. कम नाप तोल करने पर अब कारोबारी को जेल की सजा नहीं होगी. सरकार लीगल मेट्रोलॉजी एक्ट में बदलाव करेगी. लीगल मेट्रोलॉजी एक्ट के तहत पैकेट पर उत्पादन की तारीख, एक्सपायरी की तारीख कंपनी का नाम,बनने की जगह, बैच नंबर देना अनिवार्य है. इसको लेकर कंज्यूमर अफेयर्स मंत्रालय ने बदलाव का ड्राफ्ट तैयार कर लिया है.  लीगल मेट्रोलॉजी अब पूरी तरह से कंपाउंडिंग एक्ट बनेगा. अभी एक्ट में सजा और पेनल्टी दोनों का प्रावधान है. अभी एक्ट का उल्लंघन करने पर 6 महीने से 3 साल की सजा का प्रावधान है. एक्ट में बदलाव के के बाद सरकार सिर्फ पेनल्टी लगाएगी या लाइसेंस रद्द करेगी. पेनल्टी की मात्रा दो लाख से बढ़ाकर 10 लाख की जाएगी.

मीटर से छेड़छाड़ करने पर 10 लाख की पेनल्टी लगेगी. गड़बड़ी पर कंपनी के डायरेक्टर भी जिम्मेदार नहीं होंगे. जांच में कंपनी किसी भी अधिकारी को नॉमिनेट कर सकती हैं.





केंद्रीय खाद्य एवं उपभोक्ता मामलों के मंत्री रामविलास पासवान (Ram Vilas Paswan) ने साफ कहा है कि एमआरपी को लेकर उपभोक्ताओं (Consumers) को अंधकार में रखा जाता है. लेकिन अब सरकार इसको लेकर गंभीर हो गई हो गई है. रामविलास पासवान ने कहा है कि ऐसी शिकायत मिल रही है कि पैकेट में बिकने वाले सामानों पर प्रदर्शित होने वाली जरूरी जानकारी का सही ढंग से पालन नहीं हो रहा है. इस संबंध मैंने विभाग के सचिव और लीगल मेट्रोलॉजी के अधिकारियों को कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए कई बार आदेश दिए हैं. अब सामानों पर एमआरपी को लेकर विभाग सख्ती दिखाना शुरू कर दिया है.  (असीम मनचंदा, CNBC आवाज़)
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