सरकार की बड़ी कानूनी जीत, SC ने ठुकराई PNB स्‍कैम जांच पर निगरानी की अपील

कोर्ट ने इस मामले में विशेष जांच टीम(एसआईटी) से जांच कराने का आदेश जारी करने से भी मना कर दिया. इस मामले में अरबपति जौहरी नीरव मोदी आरोपी हैं और मामला उजागर होने के बाद देश से भाग गए थे.

Utkarsh Anand | News18Hindi
Updated: December 28, 2018, 9:39 PM IST
सरकार की बड़ी कानूनी जीत, SC ने ठुकराई PNB स्‍कैम जांच पर निगरानी की अपील
सुप्रीम कोर्ट
Utkarsh Anand | News18Hindi
Updated: December 28, 2018, 9:39 PM IST
सुप्रीम कोर्ट ने पंजाब नेशनल बैंक कर्ज फर्जीवाड़े मामले की जांच में दखल देने या निगरानी रखने से इनकार कर दिया है. इस फैसले को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्‍व वाली केंद्र सरकार के लिए बड़ी कानूनी जीत माना जा रहा है. कोर्ट ने इस मामले में विशेष जांच टीम(एसआईटी) से जांच कराने का आदेश जारी करने से भी मना कर दिया. इस मामले में अरबपति जौहरी नीरव मोदी आरोपी हैं और मामला उजागर होने के बाद देश से भाग गए थे.

जस्टिस संजय के कौल की अध्‍यक्षता ने एडवोकेट विनीत ढांढा की जनहित याचिका को खारिज किया. यह याचिका फरवरी महीने से सुनवाई के लिए पेंडिंग थी और जस्टिस कौल के पास पहली बार ही सुनवाई के लिए आई थी.

बेंच ने निर्देश दिया, 'भारत के संविधान की धारा 32 के तहत दाखिल की गई इस याचिका पर हम सुनवाई नहीं करेंगे. इसके तहत यह याचिका खारिज की जाती है.' जस्टिस दीपक गुप्‍ता भी इस बेंच का हिस्‍सा थे.

सरकार की ओर से अटॉर्नी जनरल केके वेणुगोपाल ने दलील दी और याचिका के खिलाफ कुछ कड़ी आपत्तियां दर्ज कराईं. उन्‍होंने तर्क दिया कि जब मामले में जांच चल रही है तो कोर्ट को दखल की जरूरत नहीं है.

वेणुगोपाल ने आगे कहा कि जब तक किसी खामी की ओर इशारा न किया जाए तब तक सुप्रीम कोर्ट या किसी अन्‍य अदालत का दखल देना ठीक नहीं है. कोर्ट की निगरानी के लिए भी पर्याप्‍त वजह होनी चाहिए.

याचिकाकर्ता एडवोकेट जेपी ढांढा ने दलील दी कि मामला गंभीर है और सरकार को कम से कम जांच की प्रगति के बारे में कोर्ट को बताना चाहिए.

लेकिन बेंच ने ढांढा की दलील को नहीं माना और कहा कि केवल कुछ बातों के आधार पर जांच का आदेश नहीं दिया जा सकता.
First published: December 28, 2018, 9:16 PM IST
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