LIC पॉलिसीधारकों के लिए खुशखबरी! बंद हुई पॉलिसी से जुड़े बदल गए ये नियम, जानिए आपको कैसे होगा फायदा

LIC पॉलिसीधारकों के लिए खुशखबरी! बंद हुई पॉलिसी से जुड़े बदल गए ये नियम, जानिए आपको कैसे होगा फायदा
भारतीय जीवन बीमा निगम

अब 1 जनवरी के 2014 के बाद ली गई LIC पॉलिसी प्रीमियम (Policy Premium) न भुगतान करने की वजह से लैप्स हो जाती है तो इसे फिर से चालू किया जा सकता है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: November 4, 2019, 5:00 PM IST
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नई दिल्ली. अगर आपकी भी LIC पॉलिसी 2 साल से अधिक समय से लैप्स हो चुकी है तो यह खबर आपको खुश कर सकती है. अब आप आसानी से इसे रिवाइव कर सकते हैं. भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC) ने इस संबंध में एक बयान जारी कर कहा है कि वह पुरानी पॉलिसी को रिवाइव (Revival of LIC Policy) करने का मौका दे रही है. इस बयान में कहा गया है कि अगर कोई ट्रेडिशनल नॉन-लिंक्ड पॉलिसी (Non-Linked Policy) है तो इसके लिए 5 साल तक की सीमा दी जाएगी. अगर किसी पॉलिसी का प्रीमियम (LIC Policy Premium) तय समय में नहीं भरा जाता है तो वो पॉलिसी लैप्स हो जाती है. आमतौर पर पॉलिसीहोल्डर के पास कुछ महीनों का समय होता है कि वो प्रीमियम जमा कर पॉलिसी को रिवाइव कर लें.



क्या था नियम
IRDA प्रोडक्ट रेग्युलेशन 2013 को 1 जनवरी 2014 से लागू किया गया था. इसके बाद पहली बार भुगतान न करने के दिन से लेकर लगातार 2 साल तक का ही रिवाइवल पीरियड होता था. ऐसे में अगर किसी पॉलिसीहोल्डर (Policy Holder) ने 1 जनवरी 2014 के बाद LIC की पॉलिसी खरीदी है तो वो 5 साल के अंदर अपनी नॉन-लिंक्ड पॉलिसी को रिवाइव नहीं कर सकते थे. जबकि, यूनिट लिंक्ड पॉलिसी (Unit Linked Policy) के लिए यह समय 3 साल के लिए था जो कि पहली बार प्रीमियन न भरने के दिन से शुरू होता था. अब अगर प्रीमियम न जमा करने की वजह से पॉलिसी बंद होती है तो पॉलिसीहोल्डर इसे रिवाइव कर सकते हैं.



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पॉलिसी लैप्स होने से होती थी परेशानी
LIC के प्रबंध निदेशक विपिन आनंद ने इस संबंध में कहा कि जीवन बीमा खरीदने का फैसला हर किसी के लिए एक अहम फैसला होता है. दुर्भाग्यवश, कई बार परिस्थितियों की वजह से प्रीमियम जमा करना संभव नहीं होता है और पॉलिसी लैप्स हो जाती है. किसी पुरानी पॉलिसी को रिवाइव करना नई पॉलिसी लेने से बेहतर फैसला होता है.


इरडा ने मानी LIC की बात
इसी को ध्यान में रखते हुए एलआईसी ने बीमा नियामक से विशेष अनुरोध किया था. बीमा नियामक ने एलआईसी की बात मानते हुए उन पॉलिसीहोल्डर्स को राहत दी है जिन्होंने 1 जनवरी 2014 के बाद पॉलिसी ली है. इसके बाद अब अगर कोई पॉलिसी होल्डर अपनी पॉलिसी को रिवाइव करता है तो उसे लाइफ इंश्योरेंस कवर का लाभ मिलता रहेगा. इसके लिए उन्हें किसी अन्य प्रोडक्ट को खरीदने की जरूरत नहीं होगी.

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