कोरोना में भी यह कंपनी सैलरी में कर रही 25 प्रतिशत का इजाफा, काम भी सिर्फ 5 दिन करना होगा

वेतन बढ़ोतरी से एलआईसी के कुल वेतन बिल में 2,700 करोड़ रुपए का बोझ बढ़ जाएगा.

वेतन बढ़ोतरी से एलआईसी के कुल वेतन बिल में 2,700 करोड़ रुपए का बोझ बढ़ जाएगा.

भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC, एलआईसी) ने अपने 1.14 लाख कर्मचारियों को बड़ा तोहफा दिया है. वेतन बढ़ोतरी 1 जनवरी 2017 से प्रभावी होगी.

  • News18Hindi
  • Last Updated: April 16, 2021, 12:13 PM IST
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नई दिल्ली. कोरोनावायरस की वजह से पूरे देश में एक बार फिर लॉकडाउन की स्थिति बन रही है. अर्थव्यवस्था पर फिर संकट आ गया है. इसके बाद भी भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC, एलआईसी) ने अपने 1.14 लाख कर्मचारियों को बड़ा तोहफा दिया है.

एलआईसी के एक यूनियन लीडर के मुताबिक एलआईसी के कर्मचारियों के वेतन में 25 फीसदी तक का इजाफा हुआ है. कर्मचारियों के इस संशोधित वेतन का ऐलान केंद्र सरकार ने गुरुवार को किया है. ये बढ़ोतरी 1 जनवरी 2017 से प्रभावी होगी. All India Insurance Employees Association (AIIEA) के जनरल सेक्रेट्री ने श्रीकांत मिश्रा ने कहा कि इस मुश्किल समय में कर्मचारियों की वेतन की बढ़ोतरी ने उनको काफी खुश कर दिया है. उम्मीद है कि इस वेतन बढ़ोतरी से कंपनी के कर्मचारियों के वेतन में करीब 25 फीसदी की बढ़ोतरी होगी.

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एलआईसी पर 2700 करोड़ रुपए का बोझ बढ़ेगा
इस बढ़ोतरी से LIC के कुल वेतन बिल में 2,700 करोड़ रुपए का बोझ बढ़ जाएगा. उन्होंने आगे कहा कि LIC के कर्मचारियों को हफ्ते में सिर्फ 5 दिन काम करना होगा. गौरतलब है कि एलआईसी आईपीओ लाने की तैयारी में है, जो भारत का अब तक का सबसे बड़ा आईपीओ होगा. एलआईसी भारत की सबसे बड़ी और पुरानी इंश्योरेंस कंपनी है. जिसके पास 72 फीसदी मार्केट शेयर हैं. बीमा इंडस्ट्री के पहले साल के कुल प्रीमियम कलेक्शन में LIC की हिस्सेदारी 66.2 फीसदी है. LIC का अनुमानित वैल्यूएशन 9 से 10 लाख करोड़ के बीच है.

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एलआईसी के इतिहास में पहली इतनी हुई देरी



एलआईसी कर्मचारियों का 1 अगस्त, 2017 से वेज रिविजन बकाया है और यह आमतौर पर पांच साल तक चलता है. यूनियन के एक लीडर ने कहा, एलआईसी के इतिहास में ऐसा पहली बार हुआ है कि एक वेज रिविजन में देरी हुई है.

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आईपीओ में कम से कम 10 फीसदी हिस्सा पॉलिसीधारकों के लिए होगा आरक्षित

बता दें कि केंद्र सरकार एलआईसी के आईपीओ के जरिए कंपनी में अपनी 10 फीसदी हिस्सेदारी बेच सकती है. वित्त राज्यमंत्री अनुराग ठाकुर ने पिछले महीने कहा था कि LIC के आईपीओ में कम से कम 10 फीसदी हिस्सा पॉलिसीधारकों के लिए आरक्षित रहेगा. ठाकुर ने कहा था कि सरकार कंपनी की मैजोरिटी शेयरहोल्डर बनी रहेगी. साथ ही उसका मैनेजमेंट पर भी नियंत्रण रहेगा, जिससे पॉलिसीधारकों का हित सुरक्षित रहेगा. सरकार ने एलआईसी की ऑथोराइज्ड कैपिटल को बढ़ाकर 25,000 रुपए करने का प्रस्ताव किया है, जिससे कंपनी की लिस्टिंग में मदद मिलेगी. फिलहाल 29 करोड़ पॉलिसियों के साथ जीवन बीमा कंपनी का पेड-अप कैपिटल 100 करोड़ रुपए है. एलआईसी की शुरुआत 1956 में 5 करोड़ रुपए की शुरुआती पूंजी के साथ हुई थी.
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