सिर्फ ढाई महीनों में LIC को हुआ 57 हजार करोड़ का नुकसान

सिर्फ ढाई महीनों में LIC को हुआ 57 हजार करोड़ का नुकसान
LIC ने जिन कंपनियों में निवेश किया था, बीते ढाई माह में उन कंपनियों के मार्केट वैल्यू (Market Value) में करीब 57 हजार करोड़ रुपये की गिरावट आ चुकी है.

LIC ने जिन कंपनियों में निवेश किया था, बीते ढाई माह में उन कंपनियों के मार्केट वैल्यू (Market Value) में करीब 57 हजार करोड़ रुपये की गिरावट आ चुकी है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: September 21, 2019, 3:34 PM IST
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नई दिल्ली. घरेलू शेयर बाजार (Share Market) में भारी गिरावट दर्ज की जा रही है. पहले केंद्र सरकार की नीतियों का असर बाजार में गिरावट के तौर पर देखने को मिल रहा था, अब कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतों में उछाल के बाद एक बार फिर बिकवाली का दौर देखने को मिल रहा है. बिकवाली का आलम यह है कि घरेलू शेयर बाजार ने साल 2019 की पूरी बढ़त को गवां दिया है. कई महीनों से बाजार में इस बिकवाली का असर कई कंपनियों पर भी पड़ रहा है. बीते ढाई महीने में भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC) को शेयर बाजार में निवेश से करीब 57,000 करोड़ रुपये की चपत लग चुकी है. दरअसल, एलआईसी ने जिन कंपनियों में निवेश किया था, उन कंपनियों के मार्केट वैल्यू (Market Value) में करीब 81 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई है.

इन कंपनियों में एलआईसी ने किया था निवेश

इस प्रकार चालू वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही में ही देश की सबसे बड़ी इंश्योरेंस कंपनी (Insurance Companies) को 57,000 करोड़ रुपये का झटका लग चुका है. LIC ने सबसे अधिक निवेश FMCG सेक्टर की कंपनी ITC में किया था.इसके बाद LIC ने SBI, ONGC, L&T, कोल इंडिया, NTPC, इंडियन ऑयल और रिलायंस इंडस्ट्रीज (RIL) में किया था.



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अंग्रेजी एक बिजनेस अखबार बिजनेस स्टैंडर्ड के मुताबिक, जून तिमाही के अंत तक शेयर बाजार में लिस्टेड कंपनियों में LIC का निवेश मूल्य कुल 5.43 लाख करोड़ रुपये का था. बीते ढाई माह में यह घटकर 4.86 लाख करोड़ रुपये का रह गया है. इस प्रकार देखें तो बीते ढाई माह में LIC ने जिन कंपनियों में निवेश किया था, उन्हें करीब 57,000 करोड़ रुपये का नुकसान हो चुका है.

पब्लि​क सेक्टर कंपनियों में LIC का सबसे अधिक निवेश

ध्यान देने वाली बात है कि देश के करोड़ो लोगों ने अपनी गाढ़ी कमाई का​ हिस्सा LIC में लगा रखा है. केंद्र सरकार इसे लगातार विनिवेश (Disinvestment) एजेंडा को पूरा करने के लिए सरकारी कंपनियों के मुक्तिदाता की तरह इस्तेमाल करती आ रही है. इसका अंदाजा इस बात से ही लगाया जा सकता है कि बीते एक दशक में पब्लि​क सेक्टर कंपनियों में एलाआईसी का निवेश चार गुना बढ़ चुका है.



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हाल ही में जारी भारतीय रिजर्व बैंक के आंकड़ों के मुताबिक, मार्च 2019 तक एलआईसी का कुल निवेश 26.6 लाख करोड़ रुपये का था. इसमें से 22.6 लाख करोड़ रुपये का निवेश पब्लिक सेक्टर की कंपनियों में है. केवल 4 लाख करोड़ रुपये का निवेश ही निजी क्षेत्र की कंपनियों में किया गया था.
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